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Hapur News: बदनौली फायरिंग कांड में दो और आरोपियों का सरेंडर, हाथों में पोस्टर लेकर कोतवाली पहुंचे
Hapur News: बदनौली फायरिंग कांड में पुलिस के दबाव के बीच पेरिस चौधरी और कलवा उर्फ भूपेंद्र ने कोतवाली पहुंचकर आत्मसमर्पण किया, दोनों हाथों में पोस्टर लेकर पहुंचे।
बदनौली फायरिंग कांड में दो और आरोपियों का सरेंडर, हाथों में पोस्टर लेकर कोतवाली पहुंचे (Photo- Newstrack)
Hapur News: बदनौली फायरिंग कांड में पुलिस की कार्रवाई के बीच शुक्रवार को बड़ा घटनाक्रम सामने आया। दीपक की मौत के मामले में फरार चल रहे दो आरोपियों ने हापुड़ कोतवाली पहुंचकर पुलिस के सामने आत्मसमर्पण कर दिया। दोनों आरोपी हाथों में पोस्टर लेकर कोतवाली पहुंचे थे। पोस्टर पर आत्मसमर्पण करने, आरोपी का नाम और मुकदमा संख्या लिखी हुई थी। दोनों के साथ उनके परिजन भी मौजूद रहे। पुलिस ने दोनों को हिरासत में लेकर आगे की कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है।आत्मसमर्पण करने वालों की पहचान बदनौली निवासी पेरिस चौधरी पुत्र जगवीर और कलवा उर्फ भूपेंद्र पुत्र प्रेमवीर के रूप में हुई है। दोनों के अचानक थाने पहुंचकर सरेंडर करने की खबर सामने आते ही बदनौली फायरिंग कांड एक बार फिर चर्चा में आ गया है।
बाइक विवाद से शुरू हुआ मामला, देखते ही देखते मचा बवाल
बदनौली गांव में 4 सितंबर की सुबह दो पक्षों के बीच विवाद हुआ था। शुरुआती विवाद बाइक हटाने और पुराने मुकदमे से जुड़ी रंजिश को लेकर बताया गया। देखते ही देखते दोनों पक्ष आमने-सामने आ गए और मामला मारपीट, पथराव और फायरिंग तक पहुंच गया। घटना के दौरान कई लोग घायल हुए थे।
फायरिंग में दीपक उर्फ गोलू, बंटी उर्फ विजय और मुनेश समेत कई लोग घायल हुए थे। गंभीर रूप से घायल दीपक को उपचार के लिए मेरठ भेजा गया था, जहां उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई। दीपक की मौत की खबर मिलते ही बदनौली में तनाव बढ़ गया और गांव में भारी पुलिस बल तैनात कर दिया गया।
13 नामजद और 15-20 अज्ञात पर मुकदमा
घटना के बाद पुलिस ने मामले में 13 नामजद और 15-20 अज्ञात लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया। पुलिस ने आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए पांच टीमें गठित कीं और संभावित ठिकानों पर दबिश शुरू कर दी।इसके बाद पुलिस ने कार्रवाई करते हुए पहले पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया। बाद में पुलिस की कार्रवाई में गिरफ्तार आरोपियों की संख्या छह तक पहुंच गई। पुलिस अधिकारियों ने फरार आरोपियों को भी जल्द गिरफ्तार करने की बात कही थी।
दीपक की मौत के बाद बढ़ा पुलिस का दबाव
दीपक की मौत के बाद मामले ने और गंभीर रूप ले लिया। शव गांव पहुंचने पर बड़ी संख्या में ग्रामीण और परिजन एकत्र हो गए थे। अंतिम संस्कार को लेकर भी काफी देर तक स्थिति तनावपूर्ण रही। डीएम कविता मीना और एसपी कुंवर ज्ञानंजय सिंह ने मौके पर पहुंचकर लोगों को समझाया, जिसके बाद स्थिति संभली और अंतिम संस्कार कराया गया।मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस विभाग में भी कार्रवाई हुई। कोतवाली प्रभारी को लाइन हाजिर किया गया, जबकि नगौला चौकी प्रभारी और बीट कांस्टेबल के खिलाफ निलंबन की कार्रवाई की गई। साथ ही सीओ स्तर पर भी जिम्मेदारी में बदलाव किया गया और सीओ क्राइम दीपक चतुर्वेदी को सीओ सिटी की जिम्मेदारी दी गई।
अब पोस्टर लेकर थाने पहुंचे दो आरोपी
पुलिस की लगातार दबिश और कार्रवाई के बीच शुक्रवार को पेरिस चौधरी और कलवा उर्फ भूपेंद्र ने आत्मसमर्पण कर दिया। दोनों आरोपी अपने हाथों में पोस्टर लेकर कोतवाली पहुंचे। पोस्टर पर उनका नाम, मुकदमा संख्या और आत्मसमर्पण की बात लिखी थी।दोनों के परिजन भी उनके साथ कोतवाली पहुंचे। पुलिस ने दोनों को हिरासत में लेकर आवश्यक कानूनी प्रक्रिया शुरू कर दी है। अब जांच के दौरान दोनों से घटना को लेकर पूछताछ की जाएगी।
फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के लगी है पांच टीमें
सीओ सिटी दीपक चतुर्वेदी ने बताया कि मामले में फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस की पांच टीमें लगातार काम कर रही हैं। पुलिस का प्रयास है कि फरार आरोपियों को जल्द गिरफ्तार किया जाए।
पुलिस अब तक गिरफ्तार आरोपियों और आत्मसमर्पण करने वाले दोनों आरोपियों से पूछताछ के आधार पर घटना की पूरी कड़ी जोड़ने में जुटी है। पुलिस का कहना है कि मामले में शामिल अन्य लोगों की भूमिका की भी जांच की जा रही है।


