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Hapur News: बदनौली गोलीकांड में दीपक की मौत, पांच आरोपी गिरफ्तार, चंद्रशेखर और मायावती ने उठाई आवाज
Hapur News: दीपक की मौत के बाद बदनौली में तनाव बढ़ा, ADG के निर्देश पर SIT गठित हुई, पुलिस कार्रवाई की भी जांच होगी और तीन दिन में रिपोर्ट सौंपनी है।
बदनौली गोलीकांड में दीपक की मौत, पांच आरोपी गिरफ्तार, चंद्रशेखर और मायावती ने उठाई आवाज (मृतक युवक का फाइल फोटो) (Photo- Newstrack)
Hapur News: यूपी के जनपद हापुड़ के नगर कोतवाली के बदनौली गांव में पुरानी रंजिश को लेकर हुए पथराव और फायरिंग की घटना ने रविवार को उस समय गंभीर मोड़ ले लिया, जब गोली लगने से घायल दलित युवक दीपक की मेरठ मेडिकल कॉलेज में उपचार के दौरान मौत हो गई। दीपक की मौत की खबर सामने आते ही गांव में तनाव बढ़ गया। घटना के बाद पुलिस-प्रशासन के सामने कानून-व्यवस्था बनाए रखने के साथ फरार आरोपियों की गिरफ्तारी और पुलिस की भूमिका को लेकर उठ रहे सवालों का जवाब देने की चुनौती भी खड़ी हो गई है।दरअसल, चार सितंबर को बदनौली गांव में पुरानी रंजिश को लेकर दो पक्ष आमने-सामने आ गए थे। देखते ही देखते विवाद पथराव और फायरिंग में बदल गया। गोली लगने से तीन लोग घायल हुए थे, जबकि पथराव में चार लोगों को चोटें आई थीं। गंभीर रूप से घायल दीपक को मेरठ मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया था। इलाज के दौरान पांच सितंबर की रात उसकी मौत हो गई।
पांच आरोपी गिरफ्तार, फरार आरोपियों की तलाश तेज
दीपक की मौत के बाद पुलिस ने कार्रवाई तेज करते हुए मामले के मुख्य आरोपी पूर्व प्रधान संदीप सिंह समेत पांच आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। वहीं, दलित पक्ष की ओर से 33 लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई गई है। पुलिस अन्य नामजद और फरार आरोपियों की तलाश में लगातार दबिश दे रही है।पुलिस के सामने अब सबसे बड़ी चुनौती गांव में शांति व्यवस्था बनाए रखने के साथ सभी आरोपियों को गिरफ्तार करना है। गांव में पुलिस निगरानी बढ़ा दी गई है।
ADG भानु भास्कर के निर्देश पर SIT गठित
मामले की गंभीरता को देखते हुए मेरठ जोन के ADG भानु भास्कर के निर्देश पर SIT गठित की गई है। SIT केवल गोलीकांड की परिस्थितियों की जांच ही नहीं करेगी, बल्कि घटना से पहले और बाद में पुलिस की कार्रवाई को भी जांच के दायरे में लेगी।
जांच में यह देखा जाएगा कि पुलिस को विवाद की सूचना कब मिली, सूचना मिलने के बाद क्या कदम उठाए गए, पुलिस मौके पर कितनी जल्दी पहुंची और हिंसा को रोकने के लिए क्या प्रभावी कार्रवाई की गई। इसके अलावा घायलों को उपचार दिलाने में किसी स्तर पर लापरवाही हुई या नहीं, इसकी भी पड़ताल की जाएगी।SIT को तीन दिन के भीतर अपनी रिपोर्ट शासन को सौंपनी है। यदि जांच में पुलिस की ओर से किसी स्तर पर लापरवाही सामने आती है तो जिम्मेदारी तय कर संबंधित लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जा सकती है।
दीपक की मौत के बाद पुलिस कार्रवाई पर निगाह
गोलीकांड में पांच आरोपियों की गिरफ्तारी के बावजूद दीपक की मौत ने मामले को और संवेदनशील बना दिया है। अब पुलिस की कार्रवाई के साथ SIT की रिपोर्ट पर भी सबकी नजर है। खासतौर पर यह जांच महत्वपूर्ण मानी जा रही है कि विवाद बढ़ने से पहले पुलिस के पास क्या सूचना थी और हिंसा को रोकने के लिए समय रहते क्या कदम उठाए गए।
सांसद चंद्रशेखर ने की न्याय की मांग
दीपक की मौत पर सांसद चंद्रशेखर ने दुख जताते हुए सरकार से पूरे मामले की निष्पक्ष और उच्चस्तरीय जांच की मांग की। उन्होंने कहा कि बदनौली गांव में पुरानी रंजिश के चलते घरों में घुसकर पथराव और फायरिंग की घटना में एक महिला समेत तीन लोग गंभीर रूप से घायल हुए थे। गंभीर रूप से घायल दीपक की उपचार के दौरान मौत हो गई।उन्होंने घटना से पहले की परिस्थितियों, पुलिस की भूमिका और हिंसा रोकने में हुई चूक की जांच कर जिम्मेदारी तय करने की मांग की।
मायावती ने भी जताया दुख
बसपा सुप्रीमो मायावती ने भी बदनौली की घटना पर दुख जताया। उन्होंने कहा कि हापुड़ में दो पक्षों के बीच हुई रंजिश और झड़प में घायल व्यक्ति की मौत बेहद दुखद है। उन्होंने सरकार से आरोपियों को कानूनी सजा दिलाने के साथ पीड़ित परिवार की सहायता करने की मांग की।
मायावती ने कहा कि आपसी रंजिश का हिंसा में बदल जाना निंदनीय और चिंताजनक है। ऐसी घटनाओं को समय रहते सरकारी हस्तक्षेप से रोकने की जरूरत है।
तीन दिन की SIT रिपोर्ट पर टिकी नजरें
दीपक की मौत के बाद बदनौली में पुलिस-प्रशासन की सक्रियता बढ़ा दी गई है। पुलिस बल तैनात है और अधिकारियों की ओर से दोनों पक्षों से शांति बनाए रखने की अपील की जा रही है। फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए दबिश जारी है।अब इस पूरे मामले में SIT की तीन दिन में आने वाली रिपोर्ट सबसे अहम कड़ी मानी जा रही है। रिपोर्ट से यह साफ होगा कि घटना के दौरान पुलिस की कार्रवाई में कहीं चूक हुई थी या नहीं। वहीं, फरार आरोपियों की गिरफ्तारी और गांव में तनाव खत्म कराना पुलिस के सामने तत्काल चुनौती बनी हुई है।


