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Hapur News: बारिश के बीच ई-रिक्शा से पोस्टमार्टम हाउस पहुंचाया गया शव
Hapur News: शव वाहन और एंबुलेंस उपलब्ध न होने पर पुलिस ने ई-रिक्शा का सहारा लिया। वायरल वीडियो के बाद स्वास्थ्य विभाग और प्रशासन की व्यवस्थाओं पर सवाल उठे।
बारिश के बीच ई-रिक्शा से पोस्टमार्टम हाउस पहुंचाया गया शव (Photo- Newstrack)
Hapur News: उत्तर प्रदेश के हापुड़ जनपद से एक ऐसा वीडियो सामने आया है जिसने सरकारी स्वास्थ्य व्यवस्थाओं और प्रशासनिक तैयारियों पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहे वीडियो में पुलिसकर्मी एक मृतक के शव को बारिश के बीच ई-रिक्शा में रखकर पोस्टमार्टम हाउस ले जाते दिखाई दे रहे हैं। सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि तेज बारिश के दौरान शव पूरी तरह भीगता रहा, लेकिन उसे ले जाने के लिए न तो सरकारी शव वाहन उपलब्ध कराया गया और न ही कोई एंबुलेंस।वायरल वीडियो ने लोगों को झकझोर कर रख दिया है। सोशल मीडिया पर लोग इसे "मानवता को शर्मसार करने वाला दृश्य" बताते हुए सवाल उठा रहे हैं कि जब एक मृतक को सम्मानजनक तरीके से पोस्टमार्टम हाउस तक पहुंचाने की व्यवस्था भी प्रशासन नहीं कर पा रहा है, तो सरकारी स्वास्थ्य सेवाओं की वास्तविक स्थिति क्या होगी।
ईंट-भट्टे पर काम करने वाले मजदूर की हुई थी मौत
जानकारी के अनुसार मामला थाना हापुड़ देहात क्षेत्र का है। यहां एक ईंट-भट्टे पर काम करने वाले मजदूर की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई थी। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और पंचनामा भरने सहित अन्य कानूनी कार्रवाई पूरी की। इसके बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा जाना था।बताया जा रहा है कि पुलिस ने शव वाहन और सरकारी एंबुलेंस की व्यवस्था करने का प्रयास किया, लेकिन काफी इंतजार के बाद भी कोई वाहन उपलब्ध नहीं हो सका। ऐसे में पुलिसकर्मियों के सामने शव को पोस्टमार्टम हाउस पहुंचाने की चुनौती खड़ी हो गई।
मजबूरी में ई-रिक्शा बना शव वाहन
सरकारी संसाधन उपलब्ध न होने पर आखिरकार पुलिसकर्मियों ने एक ई-रिक्शा की व्यवस्था की। शव को उसी में रखकर पोस्टमार्टम हाउस के लिए रवाना किया गया। इस दौरान लगातार बारिश होती रही और शव पूरी तरह भीगता रहा।रास्ते में मौजूद लोगों ने इस पूरे घटनाक्रम का वीडियो अपने मोबाइल फोन में रिकॉर्ड कर लिया। देखते ही देखते वीडियो सोशल मीडिया के विभिन्न प्लेटफॉर्म पर वायरल हो गया और लोगों ने सरकारी व्यवस्था पर सवाल उठाने शुरू कर दिए।
वायरल वीडियो ने खड़े किए कई बड़े सवाल
यह घटना केवल एक शव को ई-रिक्शा में ले जाने तक सीमित नहीं है, बल्कि यह सरकारी स्वास्थ्य व्यवस्था की तैयारियों पर भी सवाल खड़े करती है।लोगों का कहना है कि यदि जिला अस्पताल और स्वास्थ्य विभाग के पास हर समय शव वाहन उपलब्ध नहीं रहेगा, तो भविष्य में भी ऐसी घटनाएं सामने आ सकती हैं। मृतकों के सम्मानजनक अंतिम कानूनी प्रक्रिया के लिए शव वाहन जैसी मूलभूत सुविधा का उपलब्ध होना बेहद आवश्यक माना जाता है।
सोशल मीडिया पर लोगों का फूटा गुस्सा
वीडियो वायरल होने के बाद सोशल मीडिया पर लोगों ने तीखी प्रतिक्रियाएं दी हैं। कई लोगों ने इसे प्रशासनिक लापरवाही बताया, जबकि कुछ लोगों ने सवाल उठाया कि आखिर सरकारी अस्पतालों में शव वाहन होने के बावजूद ऐसी नौबत क्यों आई।हालांकि, वायरल वीडियो के आधार पर सोशल मीडिया पर विभिन्न तरह की प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं। प्रशासन की ओर से इस संबंध में आधिकारिक स्पष्टीकरण सामने आने का इंतजार है।
मजदूर की मौत की जांच जारी
पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम कराकर मामले की जांच शुरू कर दी है। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार मजदूर की मौत संदिग्ध परिस्थितियों में हुई थी। अब पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के वास्तविक कारणों का खुलासा हो सकेगा। पुलिस का कहना है कि रिपोर्ट और जांच के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
स्वास्थ्य विभाग और प्रशासन पर उठे गंभीर सवाल
इस घटना के बाद स्वास्थ्य विभाग और जिला प्रशासन की व्यवस्थाएं सवालों के घेरे में हैं। लोगों का कहना है कि यदि समय पर शव वाहन उपलब्ध होता तो मृतक के शव को इस तरह बारिश में ई-रिक्शा से नहीं ले जाना पड़ता।स्थानीय लोगों ने मांग की है कि जिले के सभी सरकारी अस्पतालों और पोस्टमार्टम हाउस के लिए पर्याप्त संख्या में शव वाहन उपलब्ध कराए जाएं, ताकि भविष्य में किसी भी मृतक और उसके परिजनों को ऐसी स्थिति का सामना न करना पड़े।
फिलहाल वायरल वीडियो पूरे जिले में चर्चा का विषय बना हुआ है। वहीं, पुलिस ने मामले में आवश्यक कानूनी कार्रवाई पूरी कर शव का पोस्टमार्टम करा दिया है। प्रशासन की ओर से यदि इस वायरल वीडियो और शव वाहन उपलब्ध न होने के संबंध में कोई आधिकारिक बयान जारी किया जाता है, तो उससे स्थिति और स्पष्ट हो सकेगी।


