Hapur News: क्रिप्टो-फॉरेक्स निवेश घोटाला: 50 लाख ठगी मामले में कोर्ट सख्त, दुबई भागे मास्टरमाइंड

Hapur News: हापुड़ में क्रिप्टो ट्रेडिंग और फॉरेक्स निवेश के नाम पर 50 लाख की ठगी का आरोप, दुबई फरार मास्टरमाइंड पर कोर्ट ने पुलिस जांच कर रिपोर्ट देने के आदेश दिए।

Avnish Pal
Published on: 11 Jun 2026 7:03 PM IST
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क्रिप्टो-फॉरेक्स निवेश घोटाला: 50 लाख ठगी मामले में कोर्ट सख्त, दुबई भागे मास्टरमाइंड

Hapur News: यूपी के जनपद हापुड़ में क्रिप्टो ट्रेडिंग और विदेशी मुद्रा (फॉरेक्स) निवेश के नाम पर करोड़ों रुपये के निवेश घोटाले का मामला सामने आया है। करीब 50 लाख रुपये की कथित ठगी के मामले में मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट (सीजेएम) सौरभ कुमार वर्मा ने कोतवाली नगर पुलिस को प्रारंभिक जांच कर विस्तृत रिपोर्ट न्यायालय में प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं। मामले में निवेशकों को हर माह भारी मुनाफे का लालच देकर रकम हड़पने के गंभीर आरोप लगाए गए हैं।

5 प्रतिशत मासिक मुनाफे का दिया गया लालच

थाना देहात क्षेत्र के गांव दोयमी निवासी सुशोभित त्यागी द्वारा न्यायालय में प्रस्तुत प्रार्थना पत्र में बताया गया कि वर्ष 2021 में उसकी मुलाकात गांव जरोठी निवासी दीपक शर्मा और राहुल शर्मा के माध्यम से मुजफ्फरनगर जनपद के कस्बा शामली निवासी डॉ. नवाब हसन और लवीश चौधरी से कराई गई थी।आरोप है कि दोनों ने स्वयं को क्रिप्टो ट्रेडिंग और विदेशी मुद्रा निवेश से जुड़ी कई कंपनियों का प्रतिनिधि बताते हुए निवेशकों को आकर्षक योजनाओं की जानकारी दी। निवेश पर प्रतिमाह पांच प्रतिशत तक लाभांश देने और नए निवेशक जोड़ने पर अतिरिक्त दो प्रतिशत बोनस का दावा किया गया। यही नहीं, निवेशकों को यह भी भरोसा दिलाया गया कि उनकी जमा पूंजी पूरी तरह सुरक्षित रहेगी और जरूरत पड़ने पर कभी भी वापस ली जा सकेगी।

रेलवे रोड के सिटी प्लाजा में हुई थी निवेशकों की बड़ी बैठक

प्रार्थना पत्र के अनुसार मार्च 2022 में कोतवाली नगर क्षेत्र के रेलवे रोड स्थित सिटी प्लाजा में एक बड़ी बैठक आयोजित की गई थी। बैठक में कथित तौर पर विभिन्न कंपनियों से जुड़े दस्तावेज और निवेश योजनाओं की प्रस्तुति दी गई। मौजूद लोगों को बताया गया कि यह निवेश पूरी तरह सुरक्षित है और इसमें नुकसान की कोई संभावना नहीं है।बताया गया कि शुरुआत में निवेशकों को समय-समय पर लाभांश भी दिया गया, जिससे लोगों का विश्वास और बढ़ गया। इसी वजह से कई लोगों ने अपनी बचत, व्यापारिक पूंजी और परिचितों की रकम भी इस योजना में निवेश कर दी।

करोड़ों तक पहुंचा निवेश, फिर दुबई चला गया मुख्य आरोपी

आरोप है कि जैसे-जैसे योजना में निवेश की रकम बढ़ती गई, बड़ी संख्या में लोगों ने धन लगाना शुरू कर दिया। कुछ समय बाद कथित मुख्य आरोपी लवीश चौधरी दुबई चला गया और वहीं से फोन तथा ऑनलाइन माध्यमों के जरिए लोगों को निवेश के लिए प्रेरित करता रहा।पीड़ितों का आरोप है कि जब योजना में करोड़ों रुपये का निवेश हो गया, तब धीरे-धीरे लाभांश और मूलधन की अदायगी बंद कर दी गई। निवेशकों द्वारा लगातार संपर्क करने के बावजूद उन्हें केवल आश्वासन दिया जाता रहा।

रकम वापस मांगने पर मिलता रहा टालमटोल जवाब

जब निवेशकों ने अपनी जमा पूंजी वापस मांगनी शुरू की तो आरोपियों ने भुगतान का आश्वासन देकर समय मांगना शुरू कर दिया। कई महीनों तक रकम वापस नहीं मिलने पर निवेशकों की चिंता बढ़ गई।प्रार्थी का कहना है कि वह राहुल शर्मा, दीपक शर्मा और अन्य लोगों के साथ दुबई भी पहुंचा और वहां जाकर आरोपी लवीश चौधरी से मुलाकात की। आरोप है कि दुबई में भी आरोपी ने जल्द भुगतान करने का भरोसा दिया, लेकिन किसी भी निवेशक को उसकी रकम वापस नहीं मिली।

ईडी कार्रवाई और जेल जाने की जानकारी से बढ़ी चिंता

मामले में आगे पता चला कि आरोपी डॉ. नवाब हसन के यहां प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की कार्रवाई हो चुकी है और वह जेल में है। वहीं दूसरी ओर मुख्य आरोपी लवीश चौधरी का फोन भी बंद हो गया।पीड़ितों का कहना है कि दुबई में जानकारी जुटाने पर पता चला कि लवीश चौधरी वहां से भी फरार हो चुका है। इसके बाद निवेशकों को अपने साथ बड़े पैमाने पर धोखाधड़ी होने का अहसास हुआ।

50 लाख रुपये की ठगी का आरोप

पीड़ित सुशोभित त्यागी ने आरोप लगाया है कि आरोपियों ने उसके और उसके परिचितों के साथ लगभग 50 लाख रुपये की धोखाधड़ी की है। यह रकम विभिन्न चरणों में निवेश कराई गई थी। पीड़ितों का दावा है कि उन्हें सुनियोजित तरीके से झूठे वादों और भारी मुनाफे के लालच में फंसाया गया।

कोर्ट ने दिए जांच के आदेश

मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट सौरभ कुमार वर्मा ने मामले का अवलोकन करने के बाद प्रथम दृष्टया जांच आवश्यक मानते हुए कोतवाली प्रभारी निरीक्षक को मामले की जांच कर रिपोर्ट न्यायालय में प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं।अब पुलिस की प्रारंभिक जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई तय की जाएगी। यदि आरोप सही पाए जाते हैं तो मामले में धोखाधड़ी, विश्वासघात और आर्थिक अपराध से संबंधित गंभीर धाराओं में कार्रवाई हो सकती है।

बढ़ रहे हैं ऑनलाइन निवेश घोटाले

विशेषज्ञों का कहना है कि हाल के वर्षों में क्रिप्टो ट्रेडिंग, फॉरेक्स निवेश और मल्टीलेवल निवेश योजनाओं के नाम पर ठगी के मामलों में तेजी से वृद्धि हुई है। ऊंचे रिटर्न का लालच देकर लोगों से निवेश कराया जाता है और बाद में भुगतान बंद कर दिया जाता है। ऐसे मामलों में निवेशकों को किसी भी योजना में पैसा लगाने से पहले उसकी वैधता और नियामकीय मंजूरी की जांच अवश्य करनी चाहिए।

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