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Hapur News: गंगा का जलस्तर बढ़ा, ब्रजघाट पर हाई अलर्ट; DM कविता मीना और SP ने संभाली कमान
Hapur News: ब्रजघाट पर गंगा का जलस्तर बढ़ने के बाद प्रशासन हाई अलर्ट पर, DM कविता मीना और SP ने सुरक्षा व्यवस्था का निरीक्षण कर कांवड़ियों की सुरक्षा के लिए कड़े निर्देश दिए।
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Hapur News : सावन मास की पवित्र कांवड़ यात्रा के बीच गंगा नदी का लगातार बढ़ता जलस्तर जिला प्रशासन के लिए बड़ी चुनौती बन गया है। पहाड़ी और मैदानी क्षेत्रों में लगातार हो रही बारिश का असर अब गढ़मुक्तेश्वर के प्रसिद्ध ब्रजघाट पर भी दिखाई देने लगा है। जलस्तर में हो रही बढ़ोतरी को देखते हुए जिला प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड पर आ गया है। इसी क्रम में जिलाधिकारी कविता मीना और पुलिस अधीक्षक कुंवर ज्ञानंजय सिंह ने गुरुवार को ब्रजघाट पहुंचकर सुरक्षा व्यवस्थाओं का स्थलीय निरीक्षण किया और अधिकारियों को किसी भी प्रकार की लापरवाही न बरतने के सख्त निर्देश दिए।सावन के दौरान प्रतिदिन हजारों शिवभक्त गंगा स्नान और जल भरने के लिए ब्रजघाट पहुंच रहे हैं। ऐसे में प्रशासन का सबसे बड़ा लक्ष्य श्रद्धालुओं की सुरक्षित यात्रा सुनिश्चित करना है। निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने घाटों पर मौजूद सुरक्षा इंतजामों, जल पुलिस की तैनाती, गोताखोरों की उपलब्धता और फ्लड रिस्पांस टीमों की तैयारियों की विस्तार से समीक्षा की।
बढ़ते जलस्तर ने बढ़ाई चिंता, घाटों पर सुरक्षा घेरा किया मजबूत
गंगा के बढ़ते जलस्तर को देखते हुए प्रशासन ने संवेदनशील क्षेत्रों में अतिरिक्त बैरिकेडिंग कराई है। जिन स्थानों पर पानी का बहाव तेज है या गहराई अधिक है, उन्हें डेंजर जोन घोषित कर श्रद्धालुओं के प्रवेश पर रोक लगाई गई है। अधिकारियों ने स्पष्ट निर्देश दिए कि किसी भी श्रद्धालु को सुरक्षा सीमा पार नहीं करने दिया जाए।
निरीक्षण के दौरान घाटों पर लगाए गए बैरिकेड, चेंजिंग रूम, प्रकाश व्यवस्था, साफ-सफाई, पेयजल, चिकित्सा सहायता और कंट्रोल प्वाइंट का भी जायजा लिया गया। संबंधित विभागों को व्यवस्थाओं में किसी प्रकार की कमी न रहने देने के निर्देश दिए गए।
जल पुलिस, पीएसी और गोताखोरों की बढ़ाई गई तैनाती
कांवड़ यात्रा और बढ़ते जलस्तर को देखते हुए ब्रजघाट पर जल पुलिस, प्रशिक्षित गोताखोरों तथा पीएसी की फ्लड टीमों को अतिरिक्त जिम्मेदारी सौंपी गई है। मोटर बोट लगातार गंगा में गश्त कर रही हैं, ताकि यदि कोई श्रद्धालु गहरे पानी की ओर जाए तो तत्काल उसे सुरक्षित बाहर निकाला जा सके।घाटों पर लगे लाउडस्पीकरों के माध्यम से लगातार श्रद्धालुओं को गहरे पानी में न जाने, बच्चों पर विशेष नजर रखने और प्रशासन द्वारा तय किए गए सुरक्षा नियमों का पालन करने की अपील की जा रही है।
DM कविता मीना ने कांवड़ियों से किया सीधा संवाद
निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी कविता मीना स्वयं घाट पर स्नान कर रहे और जल भरने आए कांवड़ियों के बीच पहुंचीं। उन्होंने श्रद्धालुओं से बातचीत कर व्यवस्थाओं की जानकारी ली और पूछा कि उन्हें किसी प्रकार की असुविधा तो नहीं हो रही है। कई कांवड़ियों ने प्रशासन द्वारा किए गए सुरक्षा और सुविधा संबंधी इंतजामों पर संतोष व्यक्त किया।जिलाधिकारी ने श्रद्धालुओं से अपील करते हुए कहा कि प्रशासन की ओर से जारी सभी सुरक्षा निर्देशों का पालन करें और किसी भी स्थिति में गहरे पानी की ओर जाने का प्रयास न करें।
"हर शिवभक्त की सुरक्षा हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता"
मीडिया से बातचीत करते हुए जिलाधिकारी कविता मीना ने कहा कि गंगा के बढ़ते जलस्तर पर जिला प्रशासन लगातार नजर बनाए हुए है। कंट्रोल रूम के माध्यम से चौबीसों घंटे स्थिति की मॉनिटरिंग की जा रही है। उन्होंने कहा कि प्रत्येक शिवभक्त की सुरक्षित यात्रा सुनिश्चित करना प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है और इसके लिए सभी विभागों को पूरी सतर्कता के साथ कार्य करने के निर्देश दिए गए हैं।
SP कुंवर ज्ञानंजय सिंह बोले— किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं होगी
पुलिस अधीक्षक कुंवर ज्ञानंजय सिंह ने बताया कि कांवड़ यात्रा के दौरान सुरक्षा व्यवस्था को और अधिक मजबूत किया गया है। घाटों पर अतिरिक्त पुलिस बल, जल पुलिस, मोटर बोट और प्रशिक्षित गोताखोरों की तैनाती की गई है। पुलिसकर्मी लगातार घाटों पर निगरानी रख रहे हैं और किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए सभी टीमें पूरी तरह तैयार हैं।उन्होंने बताया कि लाउडस्पीकरों के माध्यम से लगातार सुरक्षा संबंधी घोषणाएं कराई जा रही हैं और ड्यूटी पर तैनात पुलिसकर्मियों को निर्देश दिए गए हैं कि श्रद्धालुओं को डेंजर जोन में प्रवेश न करने दें।
24 घंटे निगरानी, प्रशासन पूरी तरह सतर्क
प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि गंगा के जलस्तर में होने वाले प्रत्येक बदलाव पर लगातार नजर रखी जा रही है। यदि जलस्तर में और वृद्धि होती है तो आवश्यकतानुसार अतिरिक्त सुरक्षा इंतजाम लागू किए जाएंगे। सभी संबंधित विभागों को अलर्ट मोड पर रखा गया है ताकि किसी भी आपात स्थिति में तत्काल राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया जा सके।सावन के पावन महीने में ब्रजघाट पर उमड़ रही भारी भीड़ के बीच जिला प्रशासन श्रद्धालुओं की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए हर स्तर पर सतर्कता बरत रहा है।अधिकारियों का कहना है कि प्रशासन का उद्देश्य केवल व्यवस्था बनाए रखना नहीं, बल्कि प्रत्येक शिवभक्त को सुरक्षित और सुगम यात्रा का अनुभव कराना भी है।


