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Hapur News: FCI गोदाम से 12 लाख का सरकारी चावल गायब, ट्रांसपोर्टर पर FIR
Hapur News: बलिया से हापुड़ के लिए लोड हुई 780 बोरी चावल की खेप फर्जी दस्तावेजों के जरिए गायब, एसपी के निर्देश पर मामला दर्ज।
Hapur News
Hapur News :- उत्तर प्रदेश के जनपद हापुड़ में जालसाजी और धोखाधड़ी का ऐसा मामला सामने आया है, जिसने खाद्यान्न कारोबारियों के साथ-साथ पुलिस महकमे को भी सकते में डाल दिया है। आरोप है कि भारतीय खाद्य निगम (FCI) के बलिया स्थित गोदाम से हापुड़ के दो कारोबारियों के लिए भेजा गया करीब 12 लाख रुपये कीमत का 780 बोरी यानी 378 क्विंटल से अधिक सरकारी चावल रास्ते में ही गायब कर दिया गया। चावल की ढुलाई के लिए इस्तेमाल किए गए वाहन के दस्तावेज, आरसी और नंबर प्लेट तक फर्जी बताए जा रहे हैं।मामले में पीड़ित व्यापारियों की शिकायत पर पुलिस अधीक्षक के निर्देश के बाद थाना हापुड़ देहात पुलिस ने संबंधित ट्रांसपोर्टर और चालक के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस अब बैंक खातों, मोबाइल नंबरों और सर्विलांस के जरिए आरोपियों तक पहुंचने का प्रयास कर रही है।
FCI की ओपन मार्केट सेल स्कीम के तहत खरीदा था सरकारी चावल
जानकारी के अनुसार नगर कोतवाली क्षेत्र के गढ़ रोड स्थित नई मंडी में पक्का बाग निवासी अनुज गर्ग और यश कंसल की खाद्यान्न की दुकानें हैं। दोनों व्यापारियों ने भारतीय खाद्य निगम की ओपन मार्केट सेल स्कीम (OMSS) के तहत टेंडर प्रक्रिया में हिस्सा लेकर सरकारी चावल खरीदा था।आवंटन के मुताबिक अनुज गर्ग के हिस्से में 76.70 क्विंटल तथा यश कंसल के हिस्से में 301.50 क्विंटल चावल था। कुल मिलाकर 378 क्विंटल से अधिक चावल पूर्वांचल स्थित एफसीआई गोदाम से उठाकर हापुड़ स्थित व्यापारियों की फर्म तक पहुंचाया जाना था।सरकारी चावल की इतनी बड़ी खेप होने के कारण इसकी ढुलाई के लिए व्यापारियों ने सीतापुर निवासी सलूजा रोड लाइंस के स्वामी जतिंदर सलूजा से संपर्क किया।
पहले भेजे दस्तावेज, फिर जीता कारोबारियों का भरोसा
आरोप है कि ट्रांसपोर्टर जतिंदर सलूजा ने व्यापारियों का भरोसा जीतने के लिए वाहन से संबंधित कई दस्तावेज उपलब्ध कराए। बताया गया है कि वाहन की आरसी, चालक का ड्राइविंग लाइसेंस और पैन कार्ड की प्रतियां व्यापारी के भतीजे शुभम गर्ग के व्हाट्सएप पर भेजी गईं।
दस्तावेज देखने के बाद व्यापारियों को ट्रांसपोर्टर और वाहन पर भरोसा हो गया। इसके बाद निर्धारित प्रक्रिया के तहत चावल की खेप उठाने की तैयारी शुरू की गई।
10 सितंबर को FCI गोदाम से लोड हुआ 780 बोरी चावल
बताया गया है कि 10 सितंबर को बलिया स्थित एफसीआई गोदाम से चावल की खेप उठाई गई। इसके लिए बाकायदा आधिकारिक प्रक्रिया पूरी करते हुए गेट पास जारी कराया गया और कुल 780 बोरी चावल ट्रक में लोड कराया गया।माल लोड होने के बाद व्यापारियों की ओर से चालक को 40 हजार रुपये नकद दिए गए। इसके अलावा ट्रांसपोर्टर जतिंदर सलूजा के बैंक खाते में 2 हजार रुपये ऑनलाइन ट्रांसफर किए गए।बाकी भाड़े की रकम चावल की खेप के सुरक्षित हापुड़ पहुंचने के बाद देने की बात तय हुई थी। इसके बाद ट्रक चावल लेकर हापुड़ के लिए रवाना हो गया।
हापुड़ नहीं पहुंचा ट्रक, फोन भी हुए बंद
यहीं से पूरा मामला संदिग्ध हो गया। निर्धारित समय बीतने के बाद भी चावल से लदा ट्रक हापुड़ की नई मंडी नहीं पहुंचा। शुरुआत में व्यापारियों ने इसे रास्ते में देरी मानकर चालक और ट्रांसपोर्टर से संपर्क करने का प्रयास किया, लेकिन जब लगातार संपर्क नहीं हो सका तो उनकी चिंता बढ़ गई।
व्यापारियों के मुताबिक चालक और ट्रांसपोर्टर से संपर्क करने के लिए किए गए फोन कॉल का जवाब नहीं मिला और बाद में मोबाइल फोन बंद आने लगे।
इसके बाद जब व्यापारियों ने अपने स्तर से मामले की पड़ताल शुरू की तो कथित तौर पर उनके सामने फर्जी दस्तावेजों का मामला आया। आरोप है कि जिस वाहन की आरसी और नंबर प्लेट के आधार पर सरकारी चावल की खेप उठाई गई थी, उसकी जानकारी संदिग्ध निकली।
फर्जी नंबर प्लेट और दस्तावेजों से हुआ पूरा खेल!
पुलिस को दी गई शिकायत के अनुसार, चावल की खेप उठाने के लिए जिस वाहन और उसके दस्तावेजों का इस्तेमाल किया गया, उनकी जांच में आरसी, ड्राइविंग लाइसेंस और नंबर प्लेट के फर्जी होने की बात सामने आई है।यदि जांच में यह आरोप सही साबित होता है तो मामला केवल चावल की खेप गायब करने तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि फर्जी दस्तावेज तैयार करने और उनका इस्तेमाल करने की साजिश भी सामने आ सकती है।सबसे बड़ा सवाल यह है कि एफसीआई के गोदाम से इतनी बड़ी मात्रा में सरकारी चावल उठाने के लिए इस्तेमाल किए गए दस्तावेजों की जांच किस स्तर पर हुई और फर्जी दस्तावेज तैयार करने वाले गिरोह ने पूरी प्रक्रिया को कैसे अंजाम दिया।
करीब 12 लाख रुपये की बताई जा रही चावल की कीमत
पीड़ित व्यापारियों के मुताबिक गायब हुई चावल की पूरी खेप की कीमत करीब 12 लाख रुपये है। इसमें अनुज गर्ग और यश कंसल दोनों की अलग-अलग मात्रा शामिल है।व्यापारियों का आरोप है कि उन्होंने वैध प्रक्रिया के तहत चावल खरीदा और ट्रांसपोर्टर के माध्यम से उसकी ढुलाई कराई, लेकिन माल हापुड़ पहुंचने से पहले ही कथित तौर पर गायब कर दिया गया।एक साथ 780 बोरी चावल गायब होने से खाद्यान्न कारोबारियों में भी चर्चा का माहौल है।
एसपी के निर्देश पर दर्ज हुआ मुकदमा
मामले की गंभीरता को देखते हुए पीड़ित कारोबारियों ने पुलिस अधीक्षक से शिकायत कर कार्रवाई की मांग की। इसके बाद एसपी के निर्देश पर थाना हापुड़ देहात पुलिस ने मामले में संबंधित ट्रांसपोर्टर और चालक के खिलाफ सुसंगत आपराधिक धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया है।थाना हापुड़ देहात प्रभारी पारस मलिक के मुताबिक पीड़ितों की तहरीर के आधार पर मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। पुलिस मामले की जांच कर रही है और आरोपियों तक पहुंचने के लिए बैंक खातों तथा सर्विलांस की मदद ली जा रही है।


