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Hapur News: बैंक कर्मचारियों का बड़ा ऐलान, 11 सितंबर से हड़ताल; 26 अक्टूबर से अनिश्चितकालीन आंदोलन
Hapur News: हापुड़ में बैंक कर्मचारियों ने काली पट्टी बांधकर विरोध जताया। 11 सितंबर की हड़ताल और 26 अक्टूबर से अनिश्चितकालीन हड़ताल की चेतावनी दी।
Hapur News: बैंकिंग सेवाओं से जुड़ी एक बड़ी खबर सामने आई है। बैंक कर्मचारियों के संयुक्त संगठन यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियंस (UFBU) के राष्ट्रव्यापी आह्वान पर शनिवार को हापुड़ जिले में सरकारी और निजी बैंकों के कर्मचारियों ने काली पट्टी बांधकर विरोध दर्ज कराया। बैंक शाखाओं में कर्मचारी रोज की तरह काम करते नजर आए, लेकिन उनकी बांह पर बंधी काली पट्टी सरकार के खिलाफ नाराजगी और लंबित मांगों को लेकर विरोध का संदेश देती रही।बैंक कर्मचारियों की मुख्य मांगों में सप्ताह में पांच दिन बैंकिंग व्यवस्था लागू करना यानी 5-डे बैंकिंग और परफॉर्मेंस लिंक्ड इंसेंटिव (PLI) के भुगतान समेत अन्य मांगें शामिल हैं। कर्मचारियों का कहना है कि लंबे समय से उनकी मांगों पर चर्चा हो रही है, लेकिन अपेक्षित निर्णय नहीं लिया गया। अब कर्मचारी संगठनों ने आंदोलन को चरणबद्ध तरीके से देशव्यापी स्तर पर तेज करने की रणनीति तैयार कर ली है।
काली पट्टी बांधकर किया काम, शाखाओं में दिखा विरोध का असर
शनिवार को हापुड़ जिले के विभिन्न बैंक कर्मचारियों ने अपनी ड्यूटी के दौरान काली पट्टी बांधी। कर्मचारियों का कहना था कि यह प्रदर्शन बैंकिंग व्यवस्था को प्रभावित करने के लिए नहीं, बल्कि सरकार और संबंधित अधिकारियों तक अपनी मांगों को मजबूती से पहुंचाने के लिए किया गया है।बैंक कर्मियों के मुताबिक, लगातार छह दिन कार्य करने की व्यवस्था के कारण कर्मचारियों पर काम का दबाव बढ़ रहा है। उनका तर्क है कि जब देश के कई वित्तीय और अन्य संस्थानों में पांच दिन कार्य दिवस की व्यवस्था लागू है, तो बैंकिंग क्षेत्र में भी 5-डे बैंकिंग लागू की जानी चाहिए।
11 सितंबर से आंदोलन की पहली बड़ी परीक्षा
विरोध प्रदर्शन के दौरान उत्तर प्रदेश बैंक एम्प्लॉय यूनियन (UPBEU) के पदाधिकारियों ने आंदोलन की आगामी रणनीति भी स्पष्ट की। कर्मचारियों के मुताबिक, सरकार की ओर से मांगों पर सकारात्मक निर्णय नहीं होने की स्थिति में आंदोलन को चरणबद्ध तरीके से आगे बढ़ाया जाएगा।
बैंक कर्मचारियों का प्रस्तावित आंदोलन कार्यक्रम
11 सितंबर: एक दिवसीय देशव्यापी बैंक हड़ताल।
28, 29 और 30 सितंबर: मांगें नहीं मानी गईं तो लगातार तीन दिन राष्ट्रव्यापी हड़ताल।
26 अक्टूबर से: समाधान नहीं होने पर अनिश्चितकालीन देशव्यापी हड़ताल की चेतावनी।
यानी आने वाले महीनों में बैंकिंग सेवाओं को लेकर बड़ा असर देखने को मिल सकता है। हालांकि प्रस्तावित हड़तालों की स्थिति मांगों पर होने वाली बातचीत और आगे के निर्णयों पर निर्भर करेगी।
'सरकार जिद छोड़े और मांगों पर फैसला करे'
उत्तर प्रदेश बैंक एम्प्लॉय यूनियन (UPBEU) जिला हापुड़ के जिलाध्यक्ष मनोज भारद्वाज ने कहा कि बैंक कर्मचारी लंबे समय से 5-डे बैंकिंग व्यवस्था लागू करने की मांग उठा रहे हैं। इसके साथ ही कर्मचारियों के अधिकार क्षेत्र से जुड़े PLI के मुद्दे को लेकर भी संगठन लगातार आवाज उठा रहा है।उन्होंने कहा कि बैंक कर्मचारी देश की अर्थव्यवस्था और वित्तीय व्यवस्था का महत्वपूर्ण हिस्सा हैं। लगातार कार्यदिवस और बढ़ते काम के दबाव का कर्मचारियों के व्यक्तिगत और पारिवारिक जीवन पर भी असर पड़ रहा है।
मनोज भारद्वाज ने कहा कि सरकार को कर्मचारियों की जायज मांगों पर गंभीरता से विचार करते हुए जल्द सकारात्मक निर्णय लेना चाहिए। यदि मांगों को लगातार टाला गया तो बैंक कर्मचारी आंदोलन को और व्यापक करने के लिए मजबूर होंगे।
हड़ताल हुई तो ग्राहकों की बढ़ सकती है परेशानी
अगर प्रस्तावित देशव्यापी हड़तालें होती हैं तो इसका सीधा असर बैंक ग्राहकों पर पड़ सकता है। विशेष रूप से नकदी जमा और निकासी, चेक क्लीयरेंस, बैंक ड्राफ्ट, ऋण संबंधी कार्य, दस्तावेजी प्रक्रिया और अन्य शाखा आधारित बैंकिंग सेवाएं प्रभावित हो सकती हैं।हापुड़ जैसे व्यापारिक जिले में बैंकिंग सेवाओं का महत्व काफी अधिक है। यहां व्यापारी, कारोबारी, किसान और आम ग्राहक नियमित रूप से बैंक शाखाओं के माध्यम से लेनदेन करते हैं। ऐसे में लगातार कई दिनों की हड़ताल होने पर व्यापारिक गतिविधियों और जरूरी बैंकिंग कार्यों पर भी असर पड़ने की आशंका है।
ऑनलाइन बैंकिंग से कुछ राहत, लेकिन सभी काम नहीं होंगे आसान
बैंक हड़ताल की स्थिति में डिजिटल बैंकिंग, मोबाइल बैंकिंग, यूपीआई और एटीएम जैसी कुछ सेवाएं उपलब्ध रह सकती हैं, लेकिन शाखा में कर्मचारियों की जरूरत वाले कार्य प्रभावित हो सकते हैं। यही वजह है कि कर्मचारी संगठनों की ओर से हड़ताल का कार्यक्रम सामने आने के बाद बैंक ग्राहकों और व्यापारियों की नजर भी आगे होने वाली बातचीत पर रहेगी। सितंबर और अक्टूबर में बढ़ सकता है बैंकिंग सेवाओं का दबाव
फिलहाल हापुड़ में बैंक कर्मचारियों ने काली पट्टी बांधकर अपना विरोध दर्ज कराया है। लेकिन 11 सितंबर की प्रस्तावित एक दिवसीय हड़ताल के बाद आंदोलन का अगला चरण कितना बड़ा होगा, यह सरकार और बैंक कर्मचारी संगठनों के बीच होने वाली बातचीत पर निर्भर करेगा।अगर मांगों पर सहमति नहीं बनती है तो सितंबर के अंतिम सप्ताह में तीन दिन की हड़ताल और इसके बाद 26 अक्टूबर से अनिश्चितकालीन हड़ताल की चेतावनी बैंकिंग क्षेत्र के लिए बड़ा घटनाक्रम साबित हो सकती है। ऐसे में आने वाले दिनों में बैंक कर्मचारियों और सरकार के बीच बातचीत पर हापुड़ समेत पूरे देश के बैंक ग्राहकों की नजरें टिकी रहेंगी।


