Google Map के भरोसे निकला परिवार मौत के मुहाने तक पहुंचा, Hapur में नाले में गिरी कार, दो घंटे चला रेस्क्यू ऑपरेशन

Hapur News : हापुड़ में गूगल मैप के गलत रास्ते से कार नाले में गिर गई, दो घंटे चले रेस्क्यू में परिवार को सुरक्षित बाहर निकाला गया।

Avnish Pal
Published on: 15 Jun 2026 10:44 AM IST (Updated on: 15 Jun 2026 10:45 AM IST)
Google Map के भरोसे निकला परिवार मौत के मुहाने तक पहुंचा, Hapur में नाले में गिरी कार, दो घंटे चला रेस्क्यू ऑपरेशन
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Hapur News

Hapur News: आधुनिक तकनीक पर अत्यधिक भरोसा एक परिवार के लिए भारी पड़ गया। यहां गौतमबुद्धनगर के दादरी क्षेत्र से मेरठ के किठौर में रिश्तेदारी में जा रहा एक परिवार उस समय बड़े हादसे का शिकार हो गया, जब गूगल मैप के बताए रास्ते पर चलते हुए उनकी कार हापुड़ के प्रीत विहार क्षेत्र में एक गहरे नाले में जा गिरी। हादसे के बाद कार में सवार महिला और बच्चों में चीख-पुकार मच गई। कार के सभी दरवाजे लॉक हो गए और परिवार के सदस्य करीब दो घंटे तक मौत और जिंदगी के बीच फंसे रहे।

आरओबी बंद मिला तो लिया गूगल मैप का सहारा

जानकारी के अनुसार दादरी के सद्दीकपुरा निवासी मोहम्मद ईशान अपने परिवार के साथ मेरठ के किठौर में एक रिश्तेदारी में जा रहे थे। रास्ते में मेरठ की ओर जाने वाले आरओबी पर यातायात बंद मिला। ऐसे में चालक ने वैकल्पिक मार्ग खोजने के लिए गूगल मैप का सहारा लिया। मैप द्वारा दिखाए गए रास्ते पर आगे बढ़ते हुए कार हापुड़ के प्रीत विहार इलाके में पहुंच गई, जहां अंधेरे और अपर्याप्त चेतावनी संकेतों के कारण चालक को आगे नाला दिखाई नहीं दिया और कार सीधे उसमें जा गिरी।

चार फीट गहरे नाले में फंसी कार, बंद हो गए सभी दरवाजे

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार कार करीब चार फीट गहरे नाले में जा गिरी। हादसे के झटके से कार के चारों दरवाजे लॉक हो गए। वाहन में मोहम्मद ईशान के अलावा महिला गुड्डी, उनके भाई सादिक और दो बच्चे रेशु व ताहिर सवार थे। अचानक हुए हादसे से सभी बुरी तरह घबरा गए।कार के भीतर फंसे लोगों ने दरवाजे खोलने की कई कोशिशें कीं, लेकिन सफलता नहीं मिली। स्थिति बिगड़ती देख परिवार के लोगों ने कार के शीशे तोड़कर बाहर निकलने का प्रयास किया, लेकिन वह भी नाकाम रहा। इस दौरान कार में मौजूद महिला और बच्चे लगातार मदद के लिए चिल्लाते रहे।

डायल-112 पर कॉल बनी जीवन रक्षक

घटना के तुरंत बाद चालक ने डायल-112 पर फोन कर मदद मांगी। सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस और अग्निशमन विभाग की टीम मौके पर पहुंच गई। रात का समय होने और कार के नाले में बुरी तरह फंस जाने के कारण रेस्क्यू ऑपरेशन बेहद चुनौतीपूर्ण बन गया।पुलिस और फायर कर्मियों ने मौके पर पहुंचकर हालात का जायजा लिया और तत्काल बचाव अभियान शुरू किया। नाले की गहराई, फिसलन और सीमित जगह के कारण राहत कार्य में काफी मुश्किलें आईं, लेकिन टीम ने धैर्य और सूझबूझ के साथ अभियान जारी रखा।

दो घंटे तक चला रेस्क्यू, सुरक्षित निकाला गया पूरा परिवार

करीब दो घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद पुलिस और अग्निशमन विभाग की टीम ने कार में फंसे सभी लोगों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया। राहत की बात यह रही कि हादसे में किसी को गंभीर चोट नहीं आई। हालांकि हादसे के दौरान परिवार के सदस्यों में दहशत का माहौल बना रहा।बचाव के बाद सभी को प्राथमिक उपचार दिया गया और उनकी स्थिति सामान्य पाए जाने पर सुरक्षित दादरी के लिए रवाना कर दिया गया।

डीएसपी फायर बोले- बड़ा हादसा टल गया

डीएसपी फायर अजय कुमार शर्मा ने बताया कि देर रात करीब 10 बजे कार के नाले में गिरने की सूचना मिली थी। सूचना मिलते ही टीम को मौके पर भेजा गया।उन्होंने कहा, "नाला करीब चार फीट गहरा था। समय रहते रेस्क्यू शुरू कर दिया गया, जिससे बड़ी घटना होने से बच गई। लगभग दो घंटे की मशक्कत के बाद कार में फंसे सभी लोगों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया। कार को बाहर निकालने के प्रयास भी किए जा रहे हैं।"

स्थानीय लोगों ने उठाए सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल

घटना के बाद क्षेत्रीय लोगों ने नाले के आसपास सुरक्षा इंतजामों की कमी पर सवाल उठाए हैं। लोगों का कहना है कि यदि नाले के पास पर्याप्त बैरिकेडिंग, रिफ्लेक्टर और चेतावनी बोर्ड लगाए गए होते तो यह हादसा टाला जा सकता था। स्थानीय निवासियों ने प्रशासन से मांग की है कि ऐसे संवेदनशील स्थानों पर सुरक्षा मानकों को मजबूत किया जाए, ताकि भविष्य में कोई बड़ा हादसा न हो।

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