Hapur: सड़क हादसों के घायलों के लिए बड़ी पहल, 1.5 लाख तक मुफ्त इलाज और राहवीरों को 25 हजार का इनाम

Hapur News: हापुड़ में सड़क दुर्घटना पीड़ितों के लिए पीएम राहत कैशलेस ट्रीटमेंट योजना की जानकारी दी गई। योजना के तहत निजी अस्पतालों में 1.5 लाख रुपये तक मुफ्त इलाज और राहवीरों को 25 हजार रुपये का इनाम मिलेगा।

Avnish Pal
Published on: 3 Jun 2026 6:31 PM IST
Hapur: सड़क हादसों के घायलों के लिए बड़ी पहल, 1.5 लाख तक मुफ्त इलाज और राहवीरों को 25 हजार का इनाम
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Hapur News: सड़क दुर्घटनाओं में घायल लोगों की जान बचाने और उन्हें समय पर बेहतर उपचार उपलब्ध कराने के लिए केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी पीएम राहत कैशलेस ट्रीटमेंट योजना को लेकर मंगलवार को पुलिस अधीक्षक कार्यालय के सभागार में एक महत्वपूर्ण संयुक्त कार्यशाला एवं प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस कार्यक्रम में पुलिस विभाग, स्वास्थ्य विभाग, राष्ट्रीय सूचना विज्ञान केंद्र (एनआईसी) तथा जिले के निजी अस्पतालों के प्रतिनिधियों ने भाग लेकर योजना के संचालन और तकनीकी प्रक्रियाओं की विस्तृत जानकारी प्राप्त की।विशेषज्ञों का मानना है कि यह योजना सड़क हादसों के बाद इलाज में होने वाली देरी को कम करने के साथ-साथ दुर्घटना में घायल लोगों की जान बचाने में बेहद प्रभावी साबित हो सकती है। सरकार का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि कोई भी घायल व्यक्ति केवल आर्थिक तंगी या उपचार में देरी के कारण अपनी जान न गंवाए।

सड़क दुर्घटना के बाद तुरंत मिलेगा कैशलेस इलाज

कार्यशाला में मौजूद अधिकारियों ने बताया कि अब सड़क दुर्घटना में घायल व्यक्ति को किसी भी पंजीकृत निजी अस्पताल में भर्ती कराने पर तत्काल उपचार शुरू किया जा सकेगा। अस्पताल प्रबंधन को इलाज शुरू करने से पहले मरीज या उसके परिजनों से पैसे जमा कराने की आवश्यकता नहीं होगी।अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारी एवं आईआरएडी हेल्थ नोडल अधिकारी डॉ. सुनील गुप्ता ने बताया कि योजना के तहत दुर्घटना पीड़ित का विवरण टीएमएस (Treatment Management System) पोर्टल पर दर्ज किया जाएगा। इसके बाद अस्पताल द्वारा एक विक्टिम आईडी जनरेट की जाएगी, जिसका सत्यापन पुलिस विभाग द्वारा 24 से 48 घंटे के भीतर किया जाएगा।सत्यापन पूरा होते ही घायल व्यक्ति का इलाज पूरी तरह कैशलेस श्रेणी में आ जाएगा और उपचार का खर्च सरकार द्वारा वहन किया जाएगा।

सात दिन तक मिलेगा मुफ्त उपचार, 1.50 लाख तक खर्च उठाएगी सरकार

अधिकारियों ने बताया कि योजना के तहत सड़क दुर्घटना में घायल व्यक्ति को सात दिनों तक निशुल्क उपचार उपलब्ध कराया जाएगा। इस अवधि में मरीज के इलाज पर होने वाला खर्च सरकार द्वारा सीधे अस्पताल को भुगतान किया जाएगा।योजना के अंतर्गत प्रति घायल व्यक्ति 1 रुपये से लेकर 1.50 लाख रुपये तक की चिकित्सा सहायता दी जाएगी। इससे आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों को बड़ी राहत मिलेगी और गंभीर घायल मरीजों को बेहतर चिकित्सा सुविधाएं मिल सकेंगी।

गोल्डन ऑवर में उपचार से बचेंगी हजारों जानें

कार्यशाला में सड़क दुर्घटनाओं के बाद के पहले एक घंटे यानी गोल्डन ऑवर के महत्व पर विशेष जोर दिया गया। विशेषज्ञों ने बताया कि अधिकांश गंभीर मामलों में समय पर उपचार मिलने से मृत्यु की संभावना काफी कम हो जाती है।सरकार की यह योजना इसी सोच पर आधारित है कि दुर्घटना के तुरंत बाद घायल व्यक्ति को अस्पताल पहुंचाकर उसका उपचार शुरू किया जाए। इससे देशभर में सड़क दुर्घटनाओं से होने वाली मौतों में कमी लाने में मदद मिलेगी।कार्यक्रम में राहवीर योजना की भी विस्तृत जानकारी दी गई। अधिकारियों ने बताया कि यदि कोई नागरिक सड़क दुर्घटना में घायल व्यक्ति को गोल्डन ऑवर के भीतर अस्पताल पहुंचाने में मदद करता है तो उसे सरकार की ओर से 25 हजार रुपये तक की प्रोत्साहन राशि प्रदान की जाएगी।इस योजना का उद्देश्य लोगों में मानवता और सामाजिक जिम्मेदारी की भावना को बढ़ावा देना है, ताकि दुर्घटना के बाद लोग घायल की मदद करने से पीछे न हटें।

एनआईसी ने अस्पतालों को दिया डिजिटल प्रशिक्षण

कार्यशाला के दौरान एनआईसी के जिला आईआरएडी प्रभारी निशांत राजपूत ने निजी अस्पतालों के प्रतिनिधियों और अधिकारियों को टीएमएस पोर्टल के संचालन, विक्टिम आईडी जनरेशन, डेटा एंट्री, ऑनलाइन सत्यापन तथा रिपोर्टिंग प्रक्रिया की तकनीकी जानकारी दी।उन्होंने कहा कि पूरी व्यवस्था को डिजिटल बनाया गया है ताकि दुर्घटना की सूचना से लेकर इलाज और भुगतान तक की प्रक्रिया पारदर्शी एवं समयबद्ध तरीके से पूरी हो सके।यह प्रशिक्षण कार्यक्रम जिला सूचना एवं विज्ञान अधिकारी प्रशांत सिरोही के नेतृत्व में आयोजित किया गया। कार्यक्रम में सीओ ट्रैफिक राहुल यादव, स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी, एनआईसी टीम तथा जिले के विभिन्न निजी अस्पतालों के संचालक एवं प्रतिनिधि उपस्थित रहे।अधिकारियों ने कहा कि योजना के सफल क्रियान्वयन के लिए पुलिस, स्वास्थ्य विभाग और अस्पतालों के बीच बेहतर समन्वय आवश्यक है। इसके लिए समय-समय पर ऐसे प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किए जाते रहेंगे।

हापुड़ में सड़क सुरक्षा को मिलेगी नई मजबूती

विशेषज्ञों का मानना है कि पीएम राहत कैशलेस ट्रीटमेंट योजना और राहवीर योजना के प्रभावी क्रियान्वयन से हापुड़ जिले में सड़क दुर्घटना पीड़ितों को बड़ी राहत मिलेगी। समय पर इलाज, आर्थिक सहायता और आम नागरिकों की भागीदारी से सड़क हादसों में होने वाली मौतों को कम करने की दिशा में यह एक महत्वपूर्ण कदम साबित हो सकता है।सड़क दुर्घटना पीड़ितों को निजी अस्पतालों में मिलेगा कैशलेस इलाज।सरकार उठाएगी 1.50 लाख रुपये तक के उपचार का खर्च।सात दिनों तक निशुल्क चिकित्सा सुविधा।पुलिस 24-48 घंटे में करेगी विक्टिम आईडी का सत्यापन।घायल को अस्पताल पहुंचाने वाले राहवीर को मिलेंगे 25 हजार रुपये।हापुड़ में पुलिस, स्वास्थ्य विभाग और एनआईसी ने अस्पतालों को दी विशेष ट्रेनिंग।

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