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Hapur: हाईटेंशन लाइन के नीचे स्ट्रीट लाइट लगाने पर डीएम सख्त, अधिकारियों को लगाई फटकार, जांच के आदेश
Hapur News: हापुड़ में हाईटेंशन लाइन के नीचे स्ट्रीट लाइट लगाने और बिजली सुरक्षा में लापरवाही पर डीएम कविता मीना ने अधिकारियों को फटकार लगाई और जांच के आदेश दिए। इस मामले में बड़ी लापरवाही सामने आई है।
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Hapur News: नगर पालिका की लापरवाही से शहर के सबसे व्यस्त रेलवे रोड पर कभी भी बड़ा हादसा हो सकता था। हाईटेंशन बिजली लाइन के ठीक नीचे स्ट्रीट लाइटें लगाने, डिवाइडर में पौधों के बीच बिजली के केबल बिछाने और पोलों में करंट उतरने की शिकायतों के बाद जिलाधिकारी कविता मीना ने मौके का निरीक्षण किया। हालात देखकर डीएम का पारा चढ़ गया और उन्होंने नगर पालिका अधिकारियों की जमकर क्लास लगाते हुए कहा, "काहे के इंजीनियर हो, जब इतनी भी जानकारी नहीं कि स्ट्रीट लाइट कहां और किस मानक के अनुसार लगाई जानी चाहिए?"डीएम की फटकार के बाद नगर पालिका अधिकारियों में हड़कंप मच गया। मामले की गंभीरता को देखते हुए जिलाधिकारी ने तत्काल जांच टीम गठित कर रिपोर्ट तलब कर ली है।
शहर के बीचोंबीच खड़ी कर दी गई खतरे की व्यवस्था
रेलवे रोड हापुड़ का सबसे व्यस्त मार्ग माना जाता है। इसी सड़क के डिवाइडर पर नगर पालिका ने पौधारोपण कराया और वहीं स्ट्रीट लाइटों के पोल भी स्थापित कर दिए। हैरानी की बात यह है कि इन पोलों के ठीक ऊपर से हाईटेंशन बिजली लाइन गुजर रही है।इतना ही नहीं, स्ट्रीट लाइटों को बिजली आपूर्ति देने के लिए केबलों को पौधों और मिट्टी के बीच से बिछा दिया गया। कई जगहों पर केबल खुले में दिखाई दे रही है, जबकि कुछ स्थानों पर उसके क्षतिग्रस्त होने की आशंका भी व्यक्त की जा रही है।
व्यापारियों ने बताया- पोल छूते ही लगता है करंट
स्थानीय व्यापारियों और दुकानदारों ने डीएम को बताया कि स्ट्रीट लाइट के कई पोलों को छूने पर करंट महसूस होता है। कुछ लोगों को हल्का झटका लगने की घटनाएं भी सामने आ चुकी हैं।व्यापारियों का कहना है कि बारिश के दिनों में स्थिति और ज्यादा खतरनाक हो जाती है। कई बार डिवाइडर की दीवारों तक में करंट उतरने जैसी स्थिति बन जाती है, जिससे राहगीरों और सफाई कर्मचारियों की जान जोखिम में पड़ जाती है।
मानसून से पहले बढ़ा खतरा, जलभराव बना सकता है जानलेवा हालात
व्यापारियों ने जिलाधिकारी को बताया कि मानसून दस्तक देने वाला है। यदि किसी स्थान पर केबल में लीकेज है या हाईटेंशन लाइन के प्रभाव से पोलों में करंट आ रहा है तो बारिश के दौरान खतरा कई गुना बढ़ सकता है।बारिश के समय सड़क पर जलभराव होने की स्थिति में विद्युत प्रवाह फैलने का खतरा बना रहेगा। ऐसे में किसी भी समय बड़ी दुर्घटना हो सकती है।
कई बार शिकायत, फिर भी नहीं जागे जिम्मेदार
स्थानीय व्यापारियों का आरोप है कि इस समस्या को लेकर नगर पालिका अधिकारियों को कई बार अवगत कराया गया। व्यापार मंडल की बैठकों में भी यह मुद्दा उठाया गया, लेकिन जिम्मेदार अधिकारियों ने कोई ठोस कार्रवाई नहीं की।लोगों का कहना है कि अगर समय रहते शिकायतों को गंभीरता से लिया जाता तो मामला जिलाधिकारी तक पहुंचने की नौबत नहीं आती।
एई के जवाब ने बढ़ाया डीएम का गुस्सा
निरीक्षण के दौरान डीएम कविता मीना ने नगर पालिका के सहायक अभियंता (एई) विकास चौहान से जवाब मांगा। एई ने कहा कि हाईटेंशन लाइन के नीचे स्ट्रीट लाइट होने के कारण ऐसी समस्या हो जाती है।यह सुनते ही डीएम नाराज हो गईं। उन्होंने कड़ी फटकार लगाते हुए कहा, "आप काहे के इंजीनियर हो? जब आपको यह तक नहीं पता कि स्ट्रीट लाइट कहां और किस ऊंचाई पर लगनी चाहिए। मामला सामने आने के बाद भी दबाए बैठे हो। क्या किसी बड़े हादसे का इंतजार किया जा रहा है?"डीएम की इस टिप्पणी के बाद मौके पर मौजूद अधिकारी निरुत्तर नजर आए।जिलाधिकारी ने पूरे मामले की तकनीकी जांच के आदेश देते हुए टीम गठित कर दी है। जांच में यह पता लगाया जाएगा कि स्ट्रीट लाइट लगाने के दौरान सुरक्षा मानकों का पालन किया गया था या नहीं। साथ ही यह भी देखा जाएगा कि शिकायतों के बावजूद समस्या का समाधान क्यों नहीं किया गया।


