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एनएच-9 पर खाद्य सुरक्षा विभाग की बड़ी कार्रवाई, 600 किलो बदबूदार पनीर पकड़ा; 1.81 लाख का माल नष्ट
Hapur News: हापुड़ में एनएच-9 पर खाद्य सुरक्षा विभाग की बड़ी कार्रवाई: मुरादाबाद से दिल्ली ले जाया जा रहा 600 किलो बदबूदार पनीर पकड़ा, 597 किलो नष्ट।
Hapur News :-त्योहारों के मौसम में मिलावटखोरों के खिलाफ खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग ने सख्त कार्रवाई की है। राष्ट्रीय राजमार्ग-9 पर चोटीवाला ढाबे के पास विभागीय टीम ने एक संदिग्ध वाहन को रोककर जांच की तो उसमें भारी मात्रा में पनीर भरा मिला। अधिकारियों के मुताबिक, वाहन में रखा पनीर बेहद अस्वच्छ परिस्थितियों में ले जाया जा रहा था। वाहन खोलते ही पनीर से खट्टापन और तेज दुर्गंध आने लगी।
जांच के दौरान कुल 600 किलोग्राम पनीर बरामद हुआ। इसमें से 597 किलोग्राम पनीर को जनस्वास्थ्य के मद्देनजर मौके पर ही नष्ट करा दिया गया। नष्ट किए गए पनीर की बाजार कीमत करीब 1,81,488 रुपये बताई गई है।खाद्य सुरक्षा विभाग की इस कार्रवाई से खाद्य पदार्थों की आपूर्ति करने वाले कारोबारियों में खलबली मच गई। विभाग ने पनीर के दो नमूने लेकर प्रयोगशाला जांच के लिए भेजे हैं। अधिकारियों का कहना है कि जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
मुरादाबाद से दिल्ली जा रहा था पनीर का खेप
खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन की आयुक्त के आदेश और जिलाधिकारी कविता मीना के निर्देश पर जिले में मिलावटी एवं असुरक्षित खाद्य पदार्थों की बिक्री और परिवहन के खिलाफ अभियान चलाया जा रहा है। इसी क्रम में सहायक आयुक्त (खाद्य) द्वितीय चंद्रशेखर मिश्र के नेतृत्व में विभागीय टीम ने एनएच-9 पर चोटीवाला ढाबे के समीप सघन चेकिंग अभियान चलाया।
चेकिंग के दौरान मुरादाबाद की ओर से दिल्ली की तरफ जा रहे एक महिंद्रा वीरा वाहन को रोककर तलाशी ली गई। अधिकारियों ने वाहन में रखे खाद्य पदार्थों की जांच की तो उसमें बड़ी मात्रा में पनीर भरा मिला। बताया गया कि पनीर को मुरादाबाद से दिल्ली की ओर बिक्री के लिए ले जाया जा रहा था। इसके बाद टीम ने पनीर की स्थिति और उसे रखने के तरीके की बारीकी से जांच की।
गंदे कंटेनरों में रखा था पनीर, तेज दुर्गंध से उठे सवाल
वाहन के निरीक्षण में एक बड़े प्लास्टिक ड्रम, एक बड़े फ्रीजर और दो बड़ी पेटियों में पनीर रखा मिला। इन सभी में कुल 600 किलोग्राम पनीर भंडारित था। विभागीय अधिकारियों के अनुसार, पनीर को अखाद्य बर्फ और बेहद गंदे कंटेनरों के बीच अस्वच्छ परिस्थितियों में रखा गया था।जांच के दौरान पनीर से खट्टापन और तेज दुर्गंध आने की बात सामने आई। खाद्य सुरक्षा अधिकारियों ने इसे मानव उपभोग के लिए अनुपयुक्त और संदिग्ध माना। खाद्य पदार्थों को इस तरह अस्वच्छ परिस्थितियों में रखना खाद्य सुरक्षा के लिहाज से गंभीर मामला है। ऐसे में विभागीय टीम ने पनीर के नमूने लेकर नियमानुसार कार्रवाई शुरू की।
दो नमूने जांच को भेजे, 597 किलो पनीर जेसीबी से कराया नष्ट
खाद्य सुरक्षा अधिकारियों ने पनीर की गुणवत्ता और खाद्य सुरक्षा मानकों के अनुपालन की जांच के लिए दो नमूने संग्रहित किए। इसके बाद शेष पनीर को लोगों तक पहुंचने से रोकने के लिए मौके पर ही नष्ट कराने की कार्रवाई की गई।विभागीय टीम ने जेसीबी मशीन की मदद से गहरा गड्ढा खुदवाया और 597 किलोग्राम पनीर को नियमानुसार मिट्टी में दबाकर नष्ट करा दिया। नष्ट किए गए पनीर की बाजार कीमत करीब 1,81,488 रुपये आंकी गई है। इस कार्रवाई का उद्देश्य संदिग्ध खाद्य सामग्री को बाजार में पहुंचने से रोकना और लोगों के स्वास्थ्य की सुरक्षा करना बताया गया।हालांकि, पनीर की गुणवत्ता और उसमें मिलावट की वास्तविक स्थिति की पुष्टि प्रयोगशाला जांच रिपोर्ट से होगी। रिपोर्ट आने के बाद ही इस संबंध में आगे की कार्रवाई की स्थिति स्पष्ट होगी।
मिलावटखोरों के खिलाफ अभियान जारी रखने का दावा
कार्रवाई के दौरान सहायक आयुक्त (खाद्य) द्वितीय चंद्रशेखर मिश्र के साथ मुख्य खाद्य सुरक्षा अधिकारी पंकज कुमार तथा खाद्य सुरक्षा अधिकारी सोवेन्द्र सिंह और आर.पी. गंगवार मौजूद रहे।विभागीय अधिकारियों के मुताबिक, मिलावटी, दूषित और असुरक्षित खाद्य पदार्थों के निर्माण, भंडारण, परिवहन और बिक्री पर रोक लगाने के लिए अभियान आगे भी जारी रहेगा। खाद्य सुरक्षा मानकों का उल्लंघन पाए जाने पर संबंधित लोगों के खिलाफ खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम के तहत नियमानुसार कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
त्योहारों के दौरान दूध, पनीर, खोया, मिठाई और अन्य खाद्य पदार्थों की मांग बढ़ने के बीच इस तरह की कार्रवाई महत्वपूर्ण मानी जा रही है। खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता के साथ स्वच्छता और सुरक्षित परिवहन भी जरूरी है, ताकि दूषित सामग्री उपभोक्ताओं तक न पहुंचे।


