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Hapur News: गेट नंबर-40 पर फ्लाईओवर की मांग तेज, सांसद अरुण गोविल ने रेल मंत्री को लिखा पत्र
Hapur News: हापुड़ के गेट नंबर-40 रेलवे क्रॉसिंग पर फ्लाईओवर निर्माण की मांग तेज हो गई है। सांसद अरुण गोविल ने रेल मंत्री को पत्र लिखकर जाम की समस्या के स्थायी समाधान की मांग की है।
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Hapur News: शहर के सबसे व्यस्त और संवेदनशील यातायात मार्गों में शामिल दोयमी धनौरा मार्ग स्थित स्वर्ग आश्रम रोड के गेट नंबर-40 रेलवे क्रॉसिंग पर लगने वाले भीषण जाम की समस्या के स्थायी समाधान की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल हुई है। मेरठ-हापुड़ लोकसभा क्षेत्र के सांसद एवं भाजपा नेता अरुण गोविल ने केंद्रीय रेल मंत्री को पत्र भेजकर रेलवे क्रॉसिंग पर फ्लाईओवर निर्माण की मांग की है। सांसद की इस पहल के बाद स्थानीय लोगों और व्यापारियों में उम्मीद जगी है कि वर्षों से चली आ रही जाम की समस्या का जल्द समाधान हो सकता है।इस मुद्दे को भाजपा नगर उत्तरी मंडल अध्यक्ष प्रशांत त्यागी ने प्रमुखता से सांसद के समक्ष उठाया था। उन्होंने क्षेत्र की जनता को होने वाली परेशानियों से अवगत कराते हुए रेलवे फाटक पर फ्लाईओवर निर्माण की आवश्यकता बताई थी, जिसके बाद सांसद ने तत्काल कार्रवाई करते हुए रेल मंत्री को पत्र भेजा।
प्रतिदिन हजारों लोगों को करना पड़ता है परेशानी का सामना
सांसद अरुण गोविल द्वारा रेल मंत्री को भेजे गए पत्र में बताया गया है कि गेट नंबर-40 रेलवे क्रॉसिंग हापुड़ शहर के प्रमुख आवागमन मार्गों में से एक है। यह मार्ग शहर के विभिन्न मोहल्लों, कॉलोनियों और बाजारों को जोड़ने के साथ-साथ आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों के लिए भी जीवनरेखा का कार्य करता है।प्रतिदिन हजारों की संख्या में दोपहिया, चारपहिया वाहन, स्कूल बसें, ई-रिक्शा, मालवाहक वाहन तथा पैदल यात्री इस मार्ग से गुजरते हैं। लेकिन रेलवे लाइन पर ट्रेनों के लगातार संचालन के कारण फाटक दिन में कई बार बंद होता है, जिससे लंबा जाम लग जाता है और लोगों को घंटों तक इंतजार करना पड़ता है।
पत्र में इस बात पर भी विशेष चिंता जताई गई है कि रेलवे फाटक बंद होने के दौरान कई बार एंबुलेंस, फायर ब्रिगेड और अन्य आपातकालीन सेवाओं के वाहन भी जाम में फंस जाते हैं। इससे गंभीर मरीजों और जरूरतमंद लोगों की जान पर भी बन आती है।स्थानीय लोगों का कहना है कि कई बार रेलवे फाटक के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग जाती हैं, जिससे स्थिति नियंत्रण से बाहर हो जाती है। सुबह और शाम के समय यह समस्या और अधिक गंभीर रूप धारण कर लेती है।
छात्रों और अभिभावकों के लिए भी बड़ी चुनौती
गेट नंबर-40 रेलवे क्रॉसिंग के आसपास कई स्कूल और शिक्षण संस्थान स्थित हैं। ऐसे में स्कूल आने-जाने वाले हजारों छात्र-छात्राओं और उनके अभिभावकों को रोजाना जाम का सामना करना पड़ता है। कई बार बच्चे समय पर स्कूल नहीं पहुंच पाते, जबकि अभिभावकों और नौकरीपेशा लोगों को भी कार्यालय पहुंचने में देरी होती है।क्षेत्र के निवासियों का कहना है कि जाम के कारण न केवल समय की बर्बादी होती है, बल्कि ईंधन की खपत बढ़ने से आर्थिक नुकसान भी उठाना पड़ता है। साथ ही वाहनों से निकलने वाला धुआं पर्यावरण प्रदूषण को भी बढ़ा रहा है।
फ्लाईओवर बनने से बदल सकती है क्षेत्र की तस्वीर
सांसद अरुण गोविल ने रेल मंत्री से अनुरोध किया है कि जनहित को देखते हुए गेट नंबर-40 रेलवे क्रॉसिंग पर फ्लाईओवर निर्माण को प्राथमिकता के आधार पर स्वीकृति प्रदान की जाए। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को आवश्यक सर्वे और तकनीकी प्रक्रिया शीघ्र पूरी कराने के निर्देश देने की भी मांग की है।सांसद का मानना है कि फ्लाईओवर बनने से न केवल जाम की समस्या का स्थायी समाधान होगा, बल्कि क्षेत्र में व्यापार, शिक्षा, स्वास्थ्य और परिवहन व्यवस्था को भी नई गति मिलेगी। इससे शहर के विकास को बढ़ावा मिलेगा और आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों को भी बेहतर कनेक्टिविटी प्राप्त होगी।
भाजपा नेता प्रशांत त्यागी ने उठाई थी मांग
भाजपा नगर उत्तरी मंडल अध्यक्ष प्रशांत त्यागी ने कहा कि गेट नंबर-40 रेलवे क्रॉसिंग पर लगने वाला जाम वर्षों से स्थानीय लोगों के लिए बड़ी समस्या बना हुआ है। क्षेत्र के नागरिक लंबे समय से फ्लाईओवर निर्माण की मांग कर रहे हैं।उन्होंने बताया कि जनता की समस्याओं को देखते हुए उन्होंने सांसद अरुण गोविल से मुलाकात कर इस मुद्दे को गंभीरता से उठाया था। सांसद द्वारा रेल मंत्री को पत्र लिखे जाने के बाद लोगों में नई उम्मीद जगी है कि अब इस समस्या के समाधान की दिशा में ठोस कदम उठाए जाएंगे।
क्षेत्रवासियों को फैसले का इंतजार
सांसद की पहल के बाद अब लोगों की निगाहें रेल मंत्रालय के निर्णय पर टिकी हुई हैं। यदि फ्लाईओवर निर्माण को मंजूरी मिलती है तो यह परियोजना हापुड़ शहर के लिए एक बड़ी सौगात साबित होगी। स्थानीय नागरिकों का मानना है कि गेट नंबर-40 पर फ्लाईओवर बनने से वर्षों पुरानी जाम की समस्या समाप्त होगी और शहर के यातायात तंत्र में ऐतिहासिक सुधार देखने को मिलेगा।


