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Hapur: 18 महीने में पैसा दोगुना करने का झांसा देकर 17.85 लाख की ठगी, महिला समेत 5 को 5-5 साल की सजा
Hapur News: हापुड़ में निवेश की रकम 18 महीने में दोगुनी करने का लालच देकर 17.85 लाख रुपये की ठगी करने वाले गिरोह के खिलाफ अदालत ने बड़ा फैसला सुनाया है।
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Hapur News: निवेश की रकम को मात्र 18 माह में दोगुना करने का लालच देकर लोगों से लाखों रुपये की ठगी करने वाले गिरोह पर आखिरकार कानून का शिकंजा कस गया। एसीजेएम न्यायालय ने महिला समेत पांच आरोपियों को दोषी ठहराते हुए पांच-पांच वर्ष के कारावास की सजा सुनाई है। इसके साथ ही प्रत्येक दोषी पर पांच-पांच हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया गया है। न्यायालय के इस फैसले को निवेशकों से धोखाधड़ी करने वालों के खिलाफ एक बड़ी कार्रवाई माना जा रहा है।
18 महीने में रकम दोगुनी करने का दिया था लालच
पुलिस अधीक्षक कुंवर ज्ञानंजय सिंह ने बताया कि बुलंदशहर जनपद के गांव सुलैला निवासी अमरपाल ने गढ़मुक्तेश्वर थाने में शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत में बताया गया था कि बहादुरगढ़ थाना क्षेत्र के गांव चांदनेर निवासी अशोक और उसका भाई धर्मपाल निफ्टेक ग्लोबल प्राइवेट लिमिटेड नामक कंपनी का संचालन करते थे।आरोप था कि दोनों भाई क्षेत्र के लोगों को निवेश पर मात्र 18 महीने में रकम दोगुनी करने का झांसा देकर धनराशि जमा कराते थे। आकर्षक रिटर्न और भरोसेमंद योजनाओं का दावा कर ग्रामीणों और निवेशकों को अपने जाल में फंसाया जाता था।
NEFT और नकद के जरिए जमा कराए लाखों रुपये
पीड़ित अमरपाल के अनुसार धर्मपाल ने उससे संपर्क कर कंपनी की योजनाओं की जानकारी दी और दावा किया कि निवेश की गई रकम 18 माह के भीतर दोगुनी कर दी जाएगी। आरोपियों की बातों में आकर पांच अप्रैल 2017 को छह लाख रुपये एनईएफटी के माध्यम से पंजाब नेशनल बैंक खाते में जमा कराए गए।इसके बाद 26 जुलाई 2017 को ढाई लाख रुपये और अन्य कई तिथियों पर नकद धनराशि भी ली गई। इस प्रकार आरोपियों ने पीड़ित से कुल 17 लाख 85 हजार रुपये वसूल लिए।
फर्जी दस्तावेज दिखाकर जीता भरोसा
शुरुआती दौर में आरोपियों ने कंपनी के दस्तावेज, निवेश संबंधी कागजात और विभिन्न अभिलेख दिखाकर निवेशकों का विश्वास जीत लिया। लोगों को यह विश्वास दिलाया गया कि उनका पैसा सुरक्षित है और तय समय पर दोगुनी रकम वापस कर दी जाएगी।लेकिन वर्ष 2020 में कंपनी का संचालन अचानक बंद कर दिया गया। जब निवेशकों ने अपनी जमा पूंजी वापस मांगनी शुरू की तो आरोपियों ने बहाने बनाने शुरू कर दिए।जांच के दौरान सामने आया कि कंपनी बंद हो चुकी थी और निवेशकों की करोड़ों की जमा राशि वापस नहीं की जा रही थी।आरोपियों ने कथित रूप से फर्जी दस्तावेज और गलत लेखा-जोखा दिखाकर लोगों को गुमराह किया और उनकी मेहनत की कमाई हड़प ली।पीड़ित की शिकायत पर पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर मामले की गहन विवेचना शुरू की। जांच के दौरान बैंक रिकॉर्ड, दस्तावेजी साक्ष्य और गवाहों के बयान एकत्र किए गए। पर्याप्त साक्ष्य मिलने के बाद आरोप पत्र न्यायालय में दाखिल किया गया।
अदालत ने सभी आरोपियों को ठहराया दोषी
मामले की सुनवाई एसीजेएम न्यायालय में हुई। सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष ने गवाहों के बयान और दस्तावेजी साक्ष्य अदालत के समक्ष पेश किए। दोनों पक्षों की दलीलें सुनने और उपलब्ध साक्ष्यों का परीक्षण करने के बाद न्यायालय ने सभी आरोपियों को दोषी माना।न्यायालय ने गांव चांदनेर निवासी अशोक, धर्मपाल और सुषमा, गांव बागड़पुर निवासी चंद्रकिरण तथा बुलंदशहर जनपद के थाना नरसैना क्षेत्र के गांव भड़काऊ निवासी अशोक को दोषी करार देते हुए प्रत्येक को पांच-पांच वर्ष के कारावास की सजा सुनाई।
हर दोषी पर लगा अर्थदंड
अदालत ने कारावास की सजा के साथ-साथ सभी पांचों दोषियों पर पांच-पांच हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया है। न्यायालय के फैसले के बाद पीड़ित निवेशकों ने राहत की सांस ली है।एसपी कुंवर ज्ञानंजय सिंह ने कहा कि आर्थिक अपराध और निवेशकों से धोखाधड़ी करने वाले अपराधियों के खिलाफ हापुड़ पुलिस लगातार प्रभावी कार्रवाई कर रही है। उन्होंने कहा कि जनता की मेहनत की कमाई हड़पने वालों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा और ऐसे मामलों में कठोर कानूनी कार्रवाई जारी रहेगी।


