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Hapur News: हापुड़ में दो सूखे पेड़ों की अनुमति, चार पेड़ कटने से विभाग में हड़कंप
Hapur News: हापुड़ में कांवड़ मार्ग पर दो सूखे पेड़ों की अनुमति के बाद चार पेड़ काटे जाने का मामला सामने आया, बीट प्रभारी निलंबित और अधिकारियों को कारण बताओ नोटिस जारी।
हापुड़ में दो सूखे पेड़ों की अनुमति, चार पेड़ कटने से विभाग में हड़कंप (Photo- Newstrack)
Hapur News: कांवड़ यात्रा के दौरान शिवभक्तों की सुरक्षा के नाम पर सूखे और जर्जर पेड़ों को हटाने की कार्रवाई के बीच हापुड़ में पेड़ कटान का गंभीर मामला सामने आया है। दिल्ली-हापुड़ मार्ग (एनएच-24) पर बीकानेर की दुकान के पास दो सूखे शीशम के पेड़ों को काटने की अनुमति थी, लेकिन विभागीय जांच में इनके अलावा एक हरा नीम और एक हरा शीशम काटे जाने की बात सामने आई है। मामला सामने आते ही वन विभाग में हड़कंप मच गया।
प्रकरण को गंभीरता से लेते हुए प्रभागीय वनाधिकारी (डीएफओ) गौतम सिंह ने तत्काल कार्रवाई की है। प्रथम दृष्टया ड्यूटी में लापरवाही पाए जाने पर बीट प्रभारी एवं वनरक्षक राहुल सिंह को निलंबित कर दिया गया है। वहीं पर्यवेक्षणीय जिम्मेदारी तय करने के लिए सेक्शन अधिकारी और क्षेत्रीय वनाधिकारी (रेंजर), हापुड़ को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है। इसके अलावा मामले में वन अधिनियम के तहत वन अपराध भी पंजीकृत किया गया है।
कांवड़ मार्ग पर सुरक्षा को लेकर हुई थी जांच
जानकारी के अनुसार दिल्ली-हापुड़ मार्ग यानी एनएच-24 के करीब किलोमीटर संख्या 52 पर बीकानेर की दुकान के पास दो शीशम के पेड़ सूखे और जर्जर अवस्था में पाए गए थे। कांवड़ यात्रा के दौरान इस मार्ग से बड़ी संख्या में शिवभक्त गुजरते हैं। ऐसे में पेड़ों के अचानक गिरने से हादसे की आशंका को देखते हुए वन विभाग की ओर से उनकी स्थिति की जांच कराई गई।क्षेत्रीय वनाधिकारी हापुड़ की ओर से कराई गई जांच में दोनों शीशम के पेड़ों को सूखा पाया गया। कांवड़ यात्रा के दौरान संभावित खतरे को देखते हुए इन पेड़ों को हटाने की संस्तुति की गई थी। निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार कटान के बाद प्राप्त लकड़ी को विभागीय स्टॉक में दर्ज किया जाना था।
अनुमति दो पेड़ों की, कट गए चार
मामले में सबसे गंभीर बात यह सामने आई कि जिन दो सूखे शीशम के पेड़ों को सुरक्षा कारणों से हटाने की अनुमति दी गई थी, उनके अलावा कथित तौर पर एक हरा नीम और एक हरा शीशम भी काट दिया गया।
इस तरह मौके पर कुल चार पेड़ों के कटान का मामला सामने आया। सवाल यह है कि जब विभागीय स्तर पर केवल चिन्हित सूखे पेड़ों को हटाने की अनुमति थी तो हरे पेड़ों का कटान किस परिस्थिति में हुआ? मौके पर मौजूद जिम्मेदार कर्मचारियों ने अतिरिक्त पेड़ों के कटान को समय रहते क्यों नहीं रोका? इन्हीं सवालों को लेकर अब वन विभाग ने जांच का दायरा बढ़ा दिया है।
लकड़ी के रिकॉर्ड की भी होगी जांच
वन विभाग की प्रक्रिया के अनुसार चिन्हित सूखे पेड़ों के कटान के बाद उनसे प्राप्त लकड़ी को विभागीय स्टॉक में दर्ज किया जाना था। ऐसे में अब जांच के दौरान कटे हुए पेड़ों की संख्या, प्रजाति, कटान स्थल, लकड़ी की मात्रा और संबंधित अभिलेखों का भी मिलान किया जाएगा।विभाग यह भी जांच कर रहा है कि अतिरिक्त हरे पेड़ों का कटान किसके निर्देश पर हुआ और मौके पर कटान की निगरानी की जिम्मेदारी किस कर्मचारी या अधिकारी की थी।
बीट प्रभारी एवं वनरक्षक राहुल सिंह निलंबित
मामले में प्रथम दृष्टया ड्यूटी के दौरान लापरवाही पाए जाने पर बीट प्रभारी एवं वनरक्षक राहुल सिंह को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। विभागीय कार्रवाई के बाद अब अन्य जिम्मेदार कर्मचारियों की भूमिका की भी जांच की जा रही है।वन विभाग की इस कार्रवाई को इसलिए भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है क्योंकि कांवड़ यात्रा के दौरान सुरक्षा के नाम पर पेड़ों को हटाने की अनुमति दी गई थी। ऐसे में निर्धारित पेड़ों के अलावा किसी अन्य पेड़ का कटान होने पर जिम्मेदारी तय करना विभाग के लिए अहम हो गया है।
रेंजर और सेक्शन अधिकारी से मांगा जवाब
कटान की निगरानी और पर्यवेक्षण में लापरवाही की आशंका को देखते हुए सेक्शन अधिकारी और क्षेत्रीय वनाधिकारी (रेंजर), हापुड़ को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है।दोनों अधिकारियों से यह स्पष्ट करने को कहा गया है कि निर्धारित दो सूखे पेड़ों के अतिरिक्त हरे पेड़ों का कटान किन परिस्थितियों में हुआ और निगरानी के दौरान इसे क्यों नहीं रोका गया। नोटिस के जवाब और जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की विभागीय कार्रवाई तय की जाएगी।
वन अधिनियम के तहत वन अपराध दर्ज
मामले को केवल विभागीय लापरवाही तक सीमित नहीं रखा गया है। अतिरिक्त पेड़ों के कटान के संबंध में क्षेत्रीय वनाधिकारी स्तर से वन अपराध पंजीकृत किया गया है। अब जांच के दौरान कटान की पूरी प्रक्रिया और उससे जुड़े रिकॉर्ड को खंगाला जाएगा।वन विभाग यह भी पता लगाने में जुटा है कि मौके पर कटान के समय कौन-कौन लोग मौजूद थे और पेड़ों को काटने की अनुमति एवं निर्देशों का पालन किस स्तर पर हुआ।
डीएफओ गौतम सिंह बोले- दोषी मिले तो होगी सख्त कार्रवाई
डीएफओ गौतम सिंह ने मामले को गंभीर बताते हुए कहा कि कांवड़ यात्रा की सुरक्षा के मद्देनजर निर्धारित प्रक्रिया के तहत केवल चिन्हित सूखे और जर्जर पेड़ों को ही हटाने की अनुमति थी। यदि इसके अतिरिक्त किसी हरे पेड़ का कटान हुआ है तो यह गंभीर विषय है और इसकी निष्पक्ष जांच कराई जा रही है।उन्होंने बताया कि प्रथम दृष्टया ड्यूटी में लापरवाही सामने आने पर बीट प्रभारी एवं वनरक्षक राहुल सिंह को निलंबित किया गया है। वहीं पर्यवेक्षणीय स्तर पर जिम्मेदारी तय करने के लिए सेक्शन अधिकारी और क्षेत्रीय वनाधिकारी को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है।मामले में वन अपराध भी पंजीकृत किया गया है।डीएफओ ने कहा कि जांच में जिस भी कर्मचारी या अन्य व्यक्ति की भूमिका सामने आएगी, उसके खिलाफ नियमानुसार वैधानिक और विभागीय कार्रवाई की जाएगी।


