Hapur: जमीनी रंजिश में युवक को बेरहमी से पीटा, हत्या की धमकी देने के आरोप में दो भाइयों पर मुकदमा

Hapur News: हापुड़ के बाबूगढ़ क्षेत्र में जमीन विवाद को लेकर युवक के साथ मारपीट और जान से मारने की धमकी देने के आरोप में दो सगे भाइयों के खिलाफ न्यायालय के आदेश पर मुकदमा दर्ज किया गया है। पुलिस मामले की जांच कर रही है।

Avnish Pal
Published on: 8 Jun 2026 3:58 PM IST
Hapur: जमीनी रंजिश में युवक को बेरहमी से पीटा, हत्या की धमकी देने के आरोप में दो भाइयों पर मुकदमा
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Hapur News: बाबूगढ़ थाना क्षेत्र के गांव शेखपुर में जमीनी विवाद को लेकर हुए झगड़े का मामला अब न्यायालय तक पहुंच गया है। गांव के एक व्यक्ति ने दो सगे भाइयों पर मारपीट करने, जान से मारने की धमकी देने और झूठे मुकदमे में फंसाने का आरोप लगाया है। पीड़ित का कहना है कि घटना के बाद उसने स्थानीय पुलिस से लेकर पुलिस अधीक्षक कार्यालय तक गुहार लगाई, लेकिन उसकी शिकायत पर कोई कार्रवाई नहीं हुई। अंततः न्यायालय के हस्तक्षेप के बाद बाबूगढ़ पुलिस ने दोनों आरोपितों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

पुराने जमीन विवाद ने लिया हिंसक रूप

गांव शेखपुर निवासी हरिओम शर्मा द्वारा दर्ज कराई गई रिपोर्ट के अनुसार गांव के ही नितिन और दक्षिण उर्फ पिंटू से उसका काफी समय से जमीन को लेकर विवाद चला आ रहा है। दोनों पक्षों के बीच कई बार कहासुनी और तनातनी की स्थिति भी बन चुकी थी। आरोप है कि 27 मार्च 2026 की सुबह यह विवाद एक बार फिर उभर आया और देखते ही देखते मामला हिंसक हो गया।पीड़ित का आरोप है कि आरोपितों ने पहले उसके साथ गाली-गलौज की और फिर मारपीट शुरू कर दी। विरोध करने पर उसे गंभीर परिणाम भुगतने की चेतावनी दी गई। हरिओम शर्मा का कहना है कि आरोपितों ने उसे जान से मारने की धमकी भी दी, जिससे वह और उसका परिवार भयभीत हो गया।

घटना के बाद थाने पहुंचा पीड़ित, नहीं दर्ज हुई रिपोर्ट

हरिओम शर्मा ने आरोप लगाया कि मारपीट की घटना के तुरंत बाद वह बाबूगढ़ थाने पहुंचा और पूरे मामले की जानकारी पुलिस को दी। उसने आरोपितों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की, लेकिन उसकी शिकायत को गंभीरता से नहीं लिया गया। पीड़ित के अनुसार पुलिस ने उसकी रिपोर्ट दर्ज करने के बजाय उसे टाल दिया।इतना ही नहीं, उसका चिकित्सीय परीक्षण तक नहीं कराया गया, जबकि मारपीट में उसे चोटें आई थीं। पीड़ित का कहना है कि पुलिस की उदासीनता के कारण उसे न्याय मिलने की उम्मीद टूटने लगी थी।

खुद कराया इलाज, फिर भी नहीं मिली राहत

पुलिस से मदद न मिलने के बाद हरिओम शर्मा ने स्वयं सरकारी अस्पताल में जाकर उपचार कराया। इलाज कराने के बाद उसने अपनी शिकायत को लेकर फिर से प्रयास शुरू किए। उसने मामले की जानकारी उच्च अधिकारियों को भी दी और कार्रवाई की मांग की।पीड़ित का कहना है कि उसने पुलिस अधीक्षक कार्यालय में भी प्रार्थना पत्र देकर न्याय की गुहार लगाई, लेकिन वहां से भी कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। इससे वह लगातार मानसिक तनाव और असुरक्षा की स्थिति में रहा।

पुलिस से मिलीभगत कर झूठा मुकदमा दर्ज कराने का आरोप

मामले में एक नया मोड़ तब आया जब पीड़ित ने आरोप लगाया कि आरोपितों ने पुलिस से मिलीभगत कर उसके और उसके भाइयों सौरभ तथा धर्मेंद्र के खिलाफ झूठा मुकदमा दर्ज करा दिया। हरिओम शर्मा का कहना है कि वास्तविक पीड़ित होने के बावजूद उसे ही आरोपी बनाने की कोशिश की गई।उसने आरोप लगाया कि इस कार्रवाई से उसके परिवार की सामाजिक प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचा और उन्हें अनावश्यक कानूनी परेशानियों का सामना करना पड़ा। पीड़ित का कहना है कि इसी वजह से उसे न्यायालय का दरवाजा खटखटाने के लिए मजबूर होना पड़ा।

न्यायालय की शरण में पहुंचा मामला

जब स्थानीय स्तर पर कोई सुनवाई नहीं हुई तो हरिओम शर्मा ने न्यायालय में प्रार्थना पत्र दाखिल किया। उसने न्यायालय को पूरे घटनाक्रम की जानकारी देते हुए आरोपितों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराने की मांग की।मामले की सुनवाई के बाद न्यायालय ने प्रथम दृष्टया शिकायत को गंभीर मानते हुए पुलिस को आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए। न्यायालय के आदेश के बाद पुलिस प्रशासन हरकत में आया और मुकदमा दर्ज करने की प्रक्रिया शुरू की गई।

दोनों भाइयों के खिलाफ दर्ज हुआ मुकदमा

न्यायालय के आदेश के अनुपालन में बाबूगढ़ थाना पुलिस ने नितिन और दक्षिण उर्फ पिंटू के खिलाफ संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया है। पुलिस अब पूरे मामले की जांच कर रही है और घटना से जुड़े तथ्यों को एकत्र किया जा रहा है।जानकारी के अनुसार पुलिस दोनों पक्षों के बयान दर्ज करने के साथ-साथ घटना से संबंधित अन्य साक्ष्यों की भी जांच कर रही है, ताकि निष्पक्ष तरीके से पूरे मामले का निस्तारण किया जा सके।

गांव में चर्चा का विषय बना विवाद

मुकदमा दर्ज होने के बाद गांव शेखपुर में यह मामला चर्चा का विषय बना हुआ है। ग्रामीणों का कहना है कि दोनों पक्षों के बीच जमीन को लेकर लंबे समय से विवाद चला आ रहा है। कई बार सामाजिक स्तर पर समझौते के प्रयास भी किए गए, लेकिन कोई स्थायी समाधान नहीं निकल पाया।स्थानीय लोगों का मानना है कि समय रहते विवाद का समाधान हो जाता तो मामला अदालत और पुलिस तक नहीं पहुंचता। अब मुकदमा दर्ज होने के बाद दोनों पक्षों के बीच तनाव की स्थिति बनी हुई है।थाना बाबूगढ़ प्रभारी प्रवीण कुमार ने बताया कि न्यायालय के आदेश पर नितिन और दक्षिण उर्फ पिंटू के खिलाफ संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। मामले की निष्पक्ष और गहन जांच की जा रही है। जांच में जो भी तथ्य सामने आएंगे, उनके आधार पर आगे की वैधानिक कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।

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