TRENDING TAGS :
Hapur News: बाइक पर सीट बेल्ट नहीं बांधी तो कट गया 1000 रुपये का चालान! हापुड़ में ट्रैफिक सिस्टम का
Hapur News:हापुड़ में ट्रैफिक सिस्टम की बड़ी लापरवाही! बाइक पर सीट बेल्ट नहीं बांधने पर कटा 1000 रुपये का ऑनलाइन चालान। तकनीकी गड़बड़ी के बाद प्रणाली पर उठे गंभीर सवाल।
Hapur News : क्या अब मोटरसाइकिल चालकों को भी सीट बेल्ट लगानी होगी? यह सवाल इन दिनों हापुड़ में चर्चा का विषय बना हुआ है। वजह है एक ऐसा ऑनलाइन चालान, जिसने न केवल वाहन स्वामी बल्कि पूरे शहर को हैरत में डाल दिया। एक मोटरसाइकिल का चालान सीट बेल्ट न लगाने के आरोप में काट दिया गया और उसके लिए एक हजार रुपये का जुर्माना भी निर्धारित कर दिया गया।मामला सामने आते ही सोशल मीडिया से लेकर चाय की दुकानों तक इसकी चर्चा शुरू हो गई। लोग सवाल उठा रहे हैं कि जब मोटरसाइकिल में सीट बेल्ट होती ही नहीं, तो आखिर उसका उल्लंघन कैसे हो सकता है?
मोबाइल पर आया चालान, देखकर उड़ गए होश
हापुड़ तहसील में बैनामा लेखक के रूप में कार्यरत अधिवक्ता राजकुमार के मोबाइल पर जब ऑनलाइन चालान का संदेश पहुंचा तो उन्होंने सामान्य प्रक्रिया समझकर उसे देखा। लेकिन चालान का विवरण पढ़ते ही वह चौंक गए। चालान में उनकी मोटरसाइकिल पर "सीट बेल्ट उल्लंघन" दर्ज था और इसके लिए 1000 रुपये का जुर्माना लगाया गया था।राजकुमार का कहना है कि बाइक पर सीट बेल्ट का सवाल ही नहीं उठता। ऐसे में यह चालान देखकर पहले तो उन्हें विश्वास ही नहीं हुआ। उन्होंने इसे तकनीकी त्रुटि मानते हुए संबंधित विभाग से शिकायत कर मामले की जांच की मांग की है।
टेक्नोलॉजी पर उठे सवाल
यह घटना सामने आने के बाद ऑनलाइन चालान प्रणाली की सटीकता पर भी सवाल उठने लगे हैं। कैमरा आधारित चालान व्यवस्था को यातायात नियमों के पालन के लिए प्रभावी माना जाता है, लेकिन इस तरह की घटनाएं सिस्टम की विश्वसनीयता पर प्रश्नचिह्न लगा रही हैं।लोगों का कहना है कि यदि वाहन की श्रेणी और उल्लंघन का मिलान ही सही नहीं होगा तो आम नागरिकों को अनावश्यक परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है। कई वाहन स्वामियों ने आशंका जताई कि कहीं भविष्य में उनके साथ भी ऐसा न हो जाए।
पहले भी हुई हैं ऐसी चूकें
यह पहला मामला नहीं है। इससे पहले भी देश के विभिन्न हिस्सों में कार चालकों को हेलमेट न पहनने या दोपहिया वाहन चालकों को ऐसे नियमों के उल्लंघन में चालान मिलने की शिकायतें सामने आ चुकी हैं, जो उनके वाहन पर लागू ही नहीं होते। अधिकांश मामलों में बाद में तकनीकी गड़बड़ी या डेटा एंट्री की गलती सामने आई थी।
लोग बोले—चालान से पहले हो दोहरी जांच
स्थानीय लोगों का कहना है कि तकनीक का इस्तेमाल जरूरी है, लेकिन किसी भी ऑनलाइन चालान को अंतिम रूप देने से पहले मानवीय सत्यापन की व्यवस्था भी होनी चाहिए। इससे गलत चालान जारी होने की संभावना कम होगी और लोगों को विभागीय कार्यालयों के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे।
क्या बोले सीओ ट्रैफिक राहुल यादव
मामले पर सीओ ट्रैफिक राहुल यादव ने कहा कि शिकायत उनके संज्ञान में आई है। प्रथम दृष्टया यह मामला तकनीकी त्रुटि या डेटा एंट्री में हुई गलती का प्रतीत होता है। पूरे प्रकरण की जांच कराई जा रही है। यदि चालान में कोई त्रुटि पाई जाती है तो नियमानुसार उसका निस्तारण किया जाएगा।उन्होंने कहा कि यातायात विभाग का उद्देश्य लोगों को परेशान करना नहीं, बल्कि सड़क सुरक्षा और नियमों का पालन सुनिश्चित करना है। किसी भी वाहन स्वामी को चालान पर आपत्ति होने पर निर्धारित प्रक्रिया के तहत शिकायत दर्ज कराने का अधिकार है।
फिलहाल सबसे बड़ा सवाल...
हापुड़ में इस अनोखे चालान के बाद लोगों की जुबान पर सिर्फ एक ही सवाल है—"क्या अब बाइक चलाने वालों को भी सीट बेल्ट बांधनी पड़ेगी, या फिर यह ट्रैफिक सिस्टम की बड़ी चूक है?" जवाब जांच रिपोर्ट आने के बाद ही सामने आएगा, लेकिन इस घटना ने ऑनलाइन चालान व्यवस्था को लेकर नई बहस जरूर छेड़ दी है।


