Hapur: किसान संगठनों के बीच बढ़ा विवाद, मुस्लिम युवक को अर्थी पर लिटाने के मामले में एसपी से शिकायत

Hapur News: हापुड़ में भाकियू (टिकैत) के धरना-प्रदर्शन के दौरान मुस्लिम युवक को प्रतीकात्मक अर्थी पर लिटाने का मामला विवाद में आ गया है। किसान शक्ति संगठन ने एसपी से शिकायत कर निष्पक्ष जांच और कार्रवाई की मांग की है।

Avnish Pal
Published on: 17 Jun 2026 7:22 PM IST
Hapur: किसान संगठनों के बीच बढ़ा विवाद, मुस्लिम युवक को अर्थी पर लिटाने के मामले में एसपी से शिकायत
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Hapur News: उत्तर प्रदेश के हापुड़ जनपद के थाना देहात परिसर में भारतीय किसान यूनियन (टिकैत) के धरना-प्रदर्शन के दौरान एक मुस्लिम युवक को प्रतीकात्मक अर्थी पर लिटाने का मामला अब तूल पकड़ता जा रहा है। इस प्रकरण को लेकर किसान शक्ति संगठन के युवा राष्ट्रीय अध्यक्ष अंशुल त्यागी के नेतृत्व में पदाधिकारी और कार्यकर्ता पुलिस अधीक्षक कार्यालय पहुंचे और एसपी को ज्ञापन सौंपकर मामले की निष्पक्ष जांच एवं कार्रवाई की मांग की।ज्ञापन में आरोप लगाया गया कि धरना-प्रदर्शन के दौरान की गई गतिविधि से सामाजिक और धार्मिक भावनाएं प्रभावित हुई हैं तथा इससे जिले का सौहार्दपूर्ण माहौल बिगड़ सकता है। संगठन ने पूरे मामले की गंभीरता से जांच कर जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की मांग की है।

क्या है पूरा मामला?

जानकारी के अनुसार थाना देहात क्षेत्र में एक महिला द्वारा अपनी जमीन पर अवैध कब्जे का आरोप लगाए जाने के बाद भारतीय किसान यूनियन (टिकैत) के पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने थाने में धरना-प्रदर्शन किया था।प्रदर्शन के दौरान विरोध दर्ज कराने के लिए से तैयार की गई प्रतीकात्मक अर्थी का उपयोग किया गया।इसके बाद सोशल मीडिया पर कुछ वीडियो और तस्वीरें सामने आईं, जिनमें एक मुस्लिम युवक को अर्थी पर लेटे हुए दिखाया गया। वीडियो वायरल होने के बाद मामला चर्चा का विषय बन गया और विभिन्न संगठनों की ओर से इस पर आपत्ति जताई जाने लगी।

अंशुल त्यागी ने लगाए गंभीर आरोप

किसान शक्ति संगठन के युवा राष्ट्रीय अध्यक्ष अंशुल त्यागी ने एसपी को दिए ज्ञापन में आरोप लगाया कि प्रदर्शन के दौरान जिस प्रकार एक मुस्लिम युवक को अर्थी पर लिटाकर प्रदर्शन किया गया, उससे समाज में गलत संदेश गया है। उन्होंने कहा कि इस तरह की गतिविधियां सामाजिक समरसता और भाईचारे को प्रभावित कर सकती हैं. अंशुल त्यागी ने कहा कि किसी भी आंदोलन या प्रदर्शन में ऐसे प्रतीकों का इस्तेमाल नहीं होना चाहिए, जिससे किसी समुदाय विशेष की भावनाएं आहत हों। उन्होंने प्रशासन से मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई सुनिश्चित करने की मांग की।

किसान शक्ति संगठन ने माहौल बिगाड़ने की आशंका जताई

ज्ञापन में किसान शक्ति संगठन के पदाधिकारियों ने कहा कि यदि समय रहते ऐसे मामलों पर कार्रवाई नहीं की गई तो असामाजिक तत्व इसका फायदा उठाकर जिले का माहौल खराब करने का प्रयास कर सकते हैं। संगठन ने प्रशासन से शांति और कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए आवश्यक कदम उठाने की मांग की।

भाकियू (टिकैत) ने आरोपों को किया खारिज

वहीं भारतीय किसान यूनियन (टिकैत) के पदाधिकारियों ने किसान शक्ति संगठन द्वारा लगाए गए आरोपों को पूरी तरह बेबुनियाद बताया है। उनका कहना है कि धरना किसानों की समस्याओं और जमीन विवाद के मुद्दे को लेकर आयोजित किया गया था तथा किसी भी धर्म या समुदाय को निशाना बनाने का कोई उद्देश्य नहीं था।भाकियू (टिकैत) नेताओं का कहना है कि संगठन की छवि धूमिल करने और किसानों के आंदोलन को भटकाने के लिए इस मुद्दे को अनावश्यक रूप से उछाला जा रहा है।

सोशल मीडिया पर वायरल हुआ मामला

धरना-प्रदर्शन से जुड़े वीडियो और तस्वीरें सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल होने के बाद मामला जिले भर में चर्चा का विषय बन गया है। वीडियो को लेकर विभिन्न वर्गों की अलग-अलग प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं।दो किसान संगठनों के बीच बढ़ते विवाद और वायरल वीडियो को देखते हुए पुलिस-प्रशासन पूरे मामले पर नजर बनाए हुए है। किसान शक्ति संगठन की ओर से शिकायत मिलने के बाद प्रशासन उपलब्ध तथ्यों और जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई करेगा।

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