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Hapur News: ट्यूबवेल पर पानी पीने गए अधिवक्ता, करंट ने ली जान; बिजली विभाग पर भी केस दर्ज
Hapur News: हापुड़ में ट्यूबवेल पर पानी पीने गए वरिष्ठ अधिवक्ता प्रमोद कुमार की करंट लगने से मौत हो गई। बिजली व्यवस्था पर गंभीर सवाल उठे।
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Hapur News: हापुड़ के सदर कोतवाली क्षेत्र में रविवार को एक दर्दनाक हादसे ने हर किसी को झकझोर कर रख दिया। खेत में धान की फसल से खरपतवार निकालने के बाद प्यास बुझाने के लिए ट्यूबवेल पर पानी पीने पहुंचे जिला एवं सत्र न्यायालय के वरिष्ठ अधिवक्ता प्रमोद कुमार की करंट की चपेट में आने से मौत हो गई। मृतक मोहल्ला जसरुपनगर के रहने वाले थे और पूर्व विधायक गजराज सिंह के साले बताए गए हैं। हादसे की खबर मिलते ही परिवार में कोहराम मच गया, वहीं अधिवक्ता समाज में भी शोक की लहर दौड़ गई।सबसे गंभीर बात यह सामने आई है कि परिजनों ने ट्यूबवेल पर बिजली की व्यवस्था को लेकर गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका आरोप है कि ट्रांसफार्मर से बिना खंभे के नंगे तार बिछाकर बिजली आपूर्ति की जा रही थी। इन्हीं तारों और लोहे के पाइप में उतरे करंट की चपेट में आने से अधिवक्ता की जान चली गई।
धान के खेत में काम करने के बाद ट्यूबवेल पर पहुंचे थे
मृतक के भतीजे किशोर कुमार की ओर से सदर कोतवाली में दी गई तहरीर के मुताबिक, 16 अगस्त की सुबह करीब 10 बजे अधिवक्ता प्रमोद कुमार अपनी पत्नी सुनीता और पुत्री खुशबू के साथ दस्तोई रोड स्थित ग्राम दादरी क्षेत्र में अपने खेत पर गए थे। परिवार धान की फसल में खरपतवार निकालने का काम कर रहा था।करीब दोपहर 1:30 बजे खेत का काम खत्म करने के बाद प्रमोद कुमार को प्यास लगी। वह पास में स्थित गांव दादरी निवासी गुड्डू की ट्यूबवेल पर पानी पीने के लिए चले गए। उन्हें शायद अंदाजा भी नहीं था कि कुछ ही पल बाद वहां एक ऐसा हादसा होने वाला है, जो परिवार की खुशियां हमेशा के लिए छीन लेगा।
पानी पीने के लिए हाथ बढ़ाया और करंट ने जकड़ लिया
परिजनों के अनुसार, प्रमोद कुमार जैसे ही पानी पीने के लिए लोहे के पाइप के पास पहुंचे, अचानक पाइप में उतरे हाई-वोल्टेज करंट की चपेट में आ गए। करंट लगने से वह वहीं बुरी तरह झटका खाकर गिर पड़े।
पति को करंट की चपेट में आया देखकर पत्नी सुनीता घबरा गईं। स्थिति की गंभीरता को समझते हुए उन्होंने पास पड़े लकड़ी के डंडे की मदद से प्रमोद कुमार को लोहे के पाइप से अलग किया। इसके बाद पुत्री खुशबू और आसपास मौजूद लोगों ने उन्हें तत्काल अस्पताल पहुंचाने का प्रयास किया।पहले उन्हें जिला अस्पताल ले जाया गया। हालत गंभीर होने पर परिजन उन्हें आनंद विहार स्थित एक निजी अस्पताल लेकर पहुंचे, लेकिन डॉक्टरों ने जांच के बाद प्रमोद कुमार को मृत घोषित कर दिया।
एक पल में उजड़ गया परिवार
अधिवक्ता प्रमोद कुमार की मौत की खबर मिलते ही परिवार में मातम पसर गया। खेत में काम करके सामान्य तरीके से घर लौटने की उम्मीद कर रहे परिवार को कुछ ही देर बाद मौत की खबर मिली।घटना की सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पंचनामा भरने के बाद पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। हादसे के बाद बड़ी संख्या में स्थानीय लोग और अधिवक्ता घटनास्थल पर पहुंच गए।
ट्यूबवेल की बिजली व्यवस्था पर उठे गंभीर सवाल
हादसे के बाद मौके पर पहुंचकर लोगों ने ट्यूबवेल की बिजली व्यवस्था को देखा तो कई सवाल खड़े हो गए। परिजनों का आरोप है कि ट्यूबवेल पर रखे ट्रांसफार्मर से बिना पोल या खंभे के नंगे तार बिछाए गए थे। आरोप है कि इन्हीं तारों की वजह से लोहे के पाइप में करंट पहुंचा और प्रमोद कुमार इसकी चपेट में आ गए।परिवार ने ट्यूबवेल मालिक के साथ-साथ बिजली विभाग के संबंधित जेई, लाइनमैन और अधिकारियों-कर्मचारियों की भूमिका पर भी सवाल उठाए हैं। परिजनों का आरोप है कि कथित अवैध विद्युत कनेक्शन और लापरवाही की अनदेखी के कारण एक व्यक्ति को अपनी जान गंवानी पड़ी।हालांकि, बिजली विभाग के अधिकारियों की वास्तविक भूमिका और कनेक्शन की वैधता की पुष्टि जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।
ट्यूबवेल मालिक और बिजली विभाग के खिलाफ मुकदमा
मामले में मृतक के भतीजे किशोर कुमार की तहरीर पर सदर कोतवाली पुलिस ने ट्यूबवेल मालिक गुड्डू समेत विद्युत निगम के संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है।सदर कोतवाली प्रभारी मनीष चौहान के मुताबिक, तहरीर के आधार पर मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है। जांच में जो तथ्य सामने आएंगे, उनके आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।


