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Hapur News: तीन करोड़ के ओवरटाइम भुगतान का आरोप, सिंभावली चीनी मिल के कर्मचारियों में बढ़ा आक्रोश
Hapur News: हापुड़ की सिंभावली चीनी मिल के कर्मचारियों ने 2021 से 2024 तक करीब तीन करोड़ रुपये के कथित ओवरटाइम बकाये का आरोप लगाया है।
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Hapur News: सिंभावली चीनी मिल में काम करने वाले कर्मचारियों के ओवरटाइम भुगतान को लेकर मामला गरमाता जा रहा है। कर्मचारियों ने मिल प्रबंधन पर वर्ष 2021 से 2024 के बीच कराए गए अतिरिक्त कार्य का भुगतान नहीं करने का आरोप लगाया है। कर्मचारियों के अनुसार, करीब तीन करोड़ रुपये की ओवरटाइम राशि लंबे समय से बकाया है। भुगतान नहीं होने से कर्मचारियों में नाराजगी बढ़ती जा रही है। मामले को लेकर गांव बक्सर निवासी मोहम्मद ताहिर ने सहायक श्रम आयुक्त और जिलाधिकारी को शिकायती पत्र देकर पूरे प्रकरण की जांच कराकर बकाया भुगतान कराने की मांग की है।
चार साल तक अतिरिक्त काम, भुगतान का इंतजार
शिकायत में आरोप लगाया गया है कि चीनी मिल में कार्यरत कर्मचारियों से अधिकारियों के निर्देश पर निर्धारित ड्यूटी अवधि से अतिरिक्त समय तक काम कराया गया। वर्ष 2021 से 2024 तक कर्मचारियों ने लगातार अतिरिक्त ड्यूटी की, लेकिन इसके एवज में मिलने वाली ओवरटाइम की रकम का पूरा भुगतान नहीं किया गया। कर्मचारियों का कहना है कि कई बार मिल प्रबंधन के समक्ष भुगतान की मांग रखी गई, लेकिन समस्या का स्थायी समाधान नहीं हुआ।शिकायतकर्ता के मुताबिक, चार वर्षों के दौरान किए गए ओवरटाइम की कुल राशि करीब तीन करोड़ रुपये बताई जा रही है। हालांकि, इस राशि और प्रत्येक कर्मचारी के व्यक्तिगत बकाये का वास्तविक निर्धारण संबंधित रिकॉर्ड की जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा।
भुगतान अटकने से परिवार की आर्थिक स्थिति प्रभावित होने का दावा
कर्मचारियों ने आरोप लगाया कि ओवरटाइम का पैसा लंबे समय से नहीं मिलने के कारण उनकी आर्थिक स्थिति प्रभावित हो रही है। उनका कहना है कि अतिरिक्त काम के बदले मिलने वाली रकम उनके लिए नियमित आय का हिस्सा थी, लेकिन भुगतान अटकने से घरेलू खर्च चलाना मुश्किल हो रहा है।कर्मचारियों ने यह भी दावा किया कि आर्थिक परेशानी के चलते दुकानदारों ने उधार पर सामान देना कम या बंद कर दिया है। कई परिवारों के सामने बच्चों की स्कूल फीस जमा करने और रोजमर्रा की जरूरतें पूरी करने की समस्या खड़ी हो गई है। कर्मचारियों का कहना है कि उन्होंने मेहनत से अतिरिक्त ड्यूटी की, ऐसे में उस मेहनत की मजदूरी समय पर मिलना उनका अधिकार है।
ठेका कर्मचारियों में भी असंतोष की बात
शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया कि ओवरटाइम भुगतान का मामला केवल नियमित कर्मचारियों तक सीमित नहीं है, बल्कि ठेके पर काम करने वाले कर्मचारियों में भी असंतोष बढ़ रहा है। लंबे समय से भुगतान लंबित रहने के कारण कर्मचारियों में मिल प्रबंधन के प्रति नाराजगी बढ़ने की बात कही गई है।कर्मचारियों ने मांग की है कि वर्ष 2021 से 2024 तक की ड्यूटी, उपस्थिति, ओवरटाइम रजिस्टर, वेतन भुगतान और संबंधित अभिलेखों की जांच कराई जाए। इसके आधार पर प्रत्येक कर्मचारी की वास्तविक बकाया राशि निर्धारित कराकर उसका भुगतान कराया जाए।
श्रम विभाग से रिकॉर्ड तलब कर जांच की मांग
शिकायतकर्ताओं ने सहायक श्रम आयुक्त से मांग की है कि मिल प्रबंधन से ओवरटाइम से संबंधित सभी रिकॉर्ड तलब किए जाएं। कर्मचारियों का कहना है कि यदि रिकॉर्ड की निष्पक्ष जांच होती है तो कितने कर्मचारियों ने कितने घंटे अतिरिक्त काम किया और उनके खाते में कितनी राशि बकाया है, इसकी स्थिति स्पष्ट हो सकती है।उन्होंने प्रशासन से मामले में जल्द कार्रवाई की मांग करते हुए कहा कि यदि समस्या का समाधान नहीं हुआ तो कर्मचारियों की आर्थिक परेशानी और बढ़ सकती है।
एसडीएम बोले- मिल प्रबंधन से वार्ता कर कराया जाएगा समाधान
इस मामले में एसडीएम श्रीराम यादव ने कहा कि कर्मचारियों की शिकायत को गंभीरता से लिया जाएगा। मिल प्रबंधन से वार्ता कर समस्या का समाधान कराने का प्रयास किया जाएगा। साथ ही मामले से उच्चाधिकारियों को भी अवगत कराया जाएगा।अब कर्मचारियों की नजर प्रशासनिक कार्रवाई पर है। यदि श्रम विभाग द्वारा मिल के चार वर्षों के ओवरटाइम रिकॉर्ड की जांच कराई जाती है तो करीब तीन करोड़ रुपये के कथित बकाये को लेकर स्थिति साफ हो सकती है। फिलहाल कर्मचारियों की मांग है कि जांच जल्द पूरी कराकर पात्र कर्मचारियों को उनकी बकाया ओवरटाइम राशि दिलाई जाए।


