Hapur News : हापुड़ में महंगाई, बेरोजगारी और पेपर लीक के खिलाफ सपा का प्रदर्शन, पुलिस से नोकझोंक

Hapur News : महंगाई, बेरोजगारी और पेपर लीक के विरोध में सपा का प्रदर्शन, बैल बुग्गी मार्च रोकने पर पुलिस से नोकझोंक।

Avnish Pal
Published on: 1 Jun 2026 2:48 PM IST
Hapur News : हापुड़ में महंगाई, बेरोजगारी और पेपर लीक के खिलाफ सपा का प्रदर्शन, पुलिस से नोकझोंक
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SP Workers Protest in Hapur

Hapur News: महंगाई, बेरोजगारी, भ्रष्टाचार, पेपर लीक और बढ़ती जनसमस्याओं के विरोध में सोमवार को समाजवादी पार्टी ने हापुड़ में जोरदार प्रदर्शन किया। सपा कार्यकर्ता बैल बुग्गियों पर सवार होकर जिला मुख्यालय की ओर कूच कर रहे थे, लेकिन रास्ते में पुलिस ने जुलूस को रोक दिया। इसके बाद पुलिस और सपाइयों के बीच तीखी नोकझोंक हुई। कुछ कार्यकर्ताओं को पुलिस कोतवाली ले गई, जबकि अन्य कार्यकर्ता मेरठ तिराहे पर धरने पर बैठ गए और सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।

बैल बुग्गी पर निकाला विरोध मार्च

सोमवार सुबह समाजवादी पार्टी के जिलाध्यक्ष आनंद गुर्जर के नेतृत्व में बड़ी संख्या में कार्यकर्ता जिला कार्यालय पर एकत्र हुए। गढ़मुक्तेश्वर विधानसभा से सपा प्रत्याशी रहे सुधीर जैन समेत पार्टी के कई वरिष्ठ नेता और कार्यकर्ता बैल बुग्गियों तथा पैदल मार्च के माध्यम से जिला मुख्यालय की ओर रवाना हुए। प्रदर्शनकारियों ने केंद्र और प्रदेश सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए बढ़ती महंगाई, युवाओं में बढ़ती बेरोजगारी और लगातार सामने आ रहे पेपर लीक मामलों को लेकर विरोध दर्ज कराया।प्रदर्शन में संजय यादव, श्यामसुंदर भुर्जी, पीयूष मंडोडिया, रविंद्र यादव, संजय गहलौत, सीमा तनेजा, पुरुषोत्तम वर्मा, कुंवरपाल यादव, ललित सिंह एडवोकेट, पदम सिंह जाटव सहित बड़ी संख्या में कार्यकर्ता मौजूद रहे।

कोतवाली के बाहर रोका गया जुलूस

जैसे ही सपा का जुलूस नगर कोतवाली के पास पहुंचा, पुलिस ने उसे आगे बढ़ने से रोक दिया। पुलिस की कार्रवाई से नाराज होकर तेजपाल प्रमुख, पीयूष मंडोडिया और संजय गहलौत कोतवाली गेट पर ही धरने पर बैठ गए। काफी देर तक चले विरोध के बाद पुलिस ने तीनों नेताओं को हिरासत में लेकर कोतवाली पहुंचा दिया।इस दौरान मौके पर मौजूद कार्यकर्ताओं और पुलिस अधिकारियों के बीच तीखी बहस भी हुई। सपाइयों का आरोप था कि उन्हें लोकतांत्रिक तरीके से अपनी बात रखने से रोका जा रहा है, जबकि पुलिस प्रशासन का कहना था कि बिना अनुमति जुलूस निकालना नियमों के विरुद्ध है।

मेरठ तिराहे पर फिर रोका गया काफिला

कोतवाली पर रोके जाने के बाद अन्य सपा कार्यकर्ता मेरठ तिराहे की ओर बढ़ गए। यहां भी पुलिस ने उन्हें आगे जाने से रोक दिया और बैल बुग्गियों को वापस भेज दिया। इस दौरान एक बार फिर पुलिस और सपाइयों के बीच नोकझोंक देखने को मिली।सपा नेताओं का कहना था कि वे किसी भी स्थिति में जिलाधिकारी कार्यालय पहुंचकर राष्ट्रपति को संबोधित ज्ञापन सौंपेंगे। जिलाध्यक्ष आनंद गुर्जर और वरिष्ठ नेता सुधीर चौहान ने कहा कि विपक्ष को अपनी बात रखने और जनता की समस्याओं को उठाने का संवैधानिक अधिकार है, जिसे प्रशासन द्वारा दबाने का प्रयास किया जा रहा है।

धारा 144 का हवाला देती रही पुलिस

मामले की जानकारी मिलने पर सीओ सिटी वरुण मिश्रा भी मौके पर पहुंचे। उन्होंने प्रदर्शनकारियों को समझाते हुए कहा कि जनपद में धारा 144 लागू है और जुलूस निकालने के लिए प्रशासन से कोई अनुमति नहीं ली गई है। उन्होंने ज्ञापन मौके पर ही देने का प्रस्ताव रखा, लेकिन सपा कार्यकर्ता नहीं माने और सड़क पर बैठकर विरोध प्रदर्शन जारी रखा।करीब एक घंटे तक चले घटनाक्रम के बाद प्रशासन और पार्टी नेताओं के बीच बातचीत हुई। इसके बाद कार्यकर्ताओं को उनके निजी वाहनों से जिला मुख्यालय जाने की अनुमति दी गई।

जिला मुख्यालय पहुंचकर सौंपा ज्ञापन

जिला मुख्यालय पहुंचने के बाद सपा नेताओं और कार्यकर्ताओं ने सरकार के खिलाफ जोरदार नारेबाजी की और राष्ट्रपति को संबोधित ज्ञापन अपर जिलाधिकारी को सौंपा। ज्ञापन में देश और प्रदेश से जुड़े कई महत्वपूर्ण मुद्दे उठाए गए।सपा नेताओं ने मांग की कि नीट समेत सभी प्रतियोगी परीक्षाओं में हुए पेपर लीक मामलों की निष्पक्ष और उच्चस्तरीय जांच कराई जाए। दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई हो और नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए शिक्षा मंत्री इस्तीफा दें। इसके अलावा रिक्त सरकारी पदों पर शीघ्र भर्ती प्रक्रिया शुरू कर युवाओं को रोजगार उपलब्ध कराने की मांग भी की गई।

महंगाई और निजीकरण पर सरकार को घेरा

ज्ञापन में पेट्रोल, डीजल, रसोई गैस और अन्य आवश्यक वस्तुओं की बढ़ती कीमतों को कम करने की मांग की गई। साथ ही उत्तर प्रदेश में बढ़ी बिजली दरों और जीएसटी में हुई बढ़ोतरी को वापस लेने की बात कही गई।सपा नेताओं ने शिक्षा, स्वास्थ्य, सुरक्षा और रोजगार के क्षेत्र में जनहितकारी नीतियां लागू करने, सरकारी संस्थानों के निजीकरण पर रोक लगाने और लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा सुनिश्चित करने की मांग भी उठाई। उनका आरोप था कि सरकार विपक्ष की आवाज दबाने का प्रयास कर रही है, जो लोकतंत्र के लिए उचित नहीं है।

सुरक्षा व्यवस्था रही चाक-चौबंद

समाजवादी पार्टी के प्रदर्शन को देखते हुए पुलिस प्रशासन पूरी तरह सतर्क नजर आया। जिला मुख्यालय और प्रमुख मार्गों पर भारी पुलिस बल तैनात किया गया था। कोतवाली प्रभारी निरीक्षक मनीष चौहान और थाना हापुड़ देहात प्रभारी नीरज कुमार अपनी टीम के साथ लगातार स्थिति पर नजर बनाए रहे।हालांकि प्रदर्शन के दौरान कुछ समय के लिए तनावपूर्ण माहौल जरूर बना, लेकिन पुलिस और प्रशासन की सतर्कता के चलते स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में रही और प्रदर्शन शांतिपूर्ण ढंग से समाप्त हो गया।

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