Hapur News: हापुड़: 39 करोड़ बीमा प्रकरण में संदिग्ध मौत, साजिश व धोखाधड़ी की जांच

Hapur News: निवा बूपा ने हापुड़ पुलिस में शिकायत दी; 27 मार्च 2024 बताई गई सड़क दुर्घटना पर 39 करोड़ की बीमा राशि के दावों में समय व मेडिकल-पोस्टमार्टम में भिन्नता नजर आई।।

Avnish Pal
Published on: 28 Sept 2025 5:49 PM IST
Hapur: Suspicious death, conspiracy and fraud probed in 39 crore insurance case
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हापुड़: 39 करोड़ बीमा प्रकरण में संदिग्ध मौत, साजिश व धोखाधड़ी की जांच (Photo- Newstrack)

Hapur News: हापुड़ में एक ऐसा मामला सामने आया है, जिसने पूरे जिले की पुलिस और बीमा क्षेत्र को हिला कर रख दिया है। निवा बूपा हेल्थ इंश्योरेंस कंपनी ने अपने अधिकृत प्रतिनिधि संजय कुमार और मृतक बीमाधारक मुकेश सिंघल के नामांकित व्यक्ति विशाल कुमार के खिलाफ औपचारिक पुलिस शिकायत दर्ज कराते हुए सनसनीखेज आरोप लगाए हैं।कंपनी का कहना है कि 27 मार्च 2024 को बताई गई सड़क दुर्घटना महज़ एक हादसा नहीं, बल्कि बीमा लाभ के लिए रची गई एक सुनियोजित साजिश हो सकती है।

मामले की पृष्ठभूमि

मृतक मुकेश सिंघल निवा बूपा के साथ-साथ आदित्य बिड़ला, बजाज एलियांज, एचडीएफसी एर्गो, मैक्स लाइफ, टाटा एआईजी, टाटा एआईए आदि कई कंपनियों के बीमा पॉलिसी धारक थे।उनकी घोषित सालाना आय 12–15 लाख रुपये थी, जबकि उनकी कुल बीमा कवरेज लगभग 39 करोड़ रुपये थी।विशाल कुमार नामांकित व्यक्ति हैं, जिनके दावे पर कंपनी ने जांच शुरू की।

जांच में सामने आए गंभीर तथ्य

बीमा पॉलिसी की रकम को लेकर दावा किया गया कि दुर्घटना 27 मार्च 2024 को दिन में हुई जब सिंघल गढ़ गंगा से लौट रहे थे।लेकिन नवजीवन अस्पताल के मेडिकल रिकॉर्ड के मुताबिक दुर्घटना रात 8 बजे के आसपास हुई थी।सड़क दुर्घटना की बताई गई चोटें और पोस्टमार्टम रिपोर्ट की चोटें भी मेल नहीं खाती।कंपनी का कहना है कि इतनी बड़ी बीमा राशि और घोषित आय में भारी अंतर हत्या या साजिश की ओर इशारा करता है.शिकायत में कहा गया है कि विशाल कुमार ने जांच के दौरान असहयोग किया और महत्वपूर्ण दस्तावेज नहीं दिए।कथित तौर पर उन्होंने दावा प्रक्रिया तेज करने के लिए एक अधिकारी को रिश्वत देने की कोशिश की।

गवाहों के बयान संदिग्ध

कंपनी ने आरोप लगाया कि दुर्घटना के गवाहों को बयान दिलवाने के लिए पैसे दिए गए। आधार और पैन कार्ड में उम्र की विसंगतियां हैं।दुर्घटना में शामिल वाहन व उसका रजिस्ट्रेशन भी पेश नहीं किया गया।जांच में सामने आया कि विशाल कुमार अतीत में अपनी मां और भाई की मृत्यु से जुड़े बीमा मामलों में भी शामिल रहे हो सकते हैं।अगर यह सच है तो यह किसी संगठित पैटर्न की ओर इशारा करता है।

एसपी कुंवर ज्ञानजय सिंह का बयान

इस पूरे मामले पर हापुड़ के पुलिस अधीक्षक कुंवर ज्ञानजय सिंह ने कहा कि यह मामला बेहद गंभीर और संवेदनशील है।हत्या, बीमा धोखाधड़ी और जालसाज़ी जैसे हर पहलू की गहन जांच की जाएगी।कोई भी व्यक्ति चाहे कितना प्रभावशाली क्यों न हो, बख्शा नहीं जाएगा।अगर यह संगठित अपराध साबित होता है तो हम एसआईटी जैसी विशेष जांच भी करवा सकते हैं।”एसपी ने साफ किया कि किसी भी तरह की लापरवाही या दबाव को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और हर सबूत को वैज्ञानिक ढंग से जांचा जाएगा।

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Shashi kant gautam

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