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Hapur News: IGRS पोर्टल पर मेरठ रेंज नंबर-1, बुलंदशहर, बागपत और हापुड़ ने भी मारी बाजी
Hapur News: अप्रैल 2026 की IGRS रैंकिंग में मेरठ रेंज प्रदेश में पहले स्थान पर रही। मेरठ, बुलंदशहर, बागपत और हापुड़ ने भी अपनी श्रेणी में बाजी मारी।
IGRS पोर्टल पर मेरठ रेंज नंबर-1, बुलंदशहर, बागपत और हापुड़ ने भी मारी बाजी (Photo- Newstrack)
Hapur News: उत्तर प्रदेश सरकार की जनसुनवाई एवं शिकायत निवारण प्रणाली (IGRS) में मेरठ परिक्षेत्र ने एक बार फिर शानदार प्रदर्शन करते हुए प्रदेश में पहला स्थान हासिल किया है। खास बात यह रही कि मेरठ रेंज के सभी चारों जनपद—मेरठ, बुलंदशहर, बागपत और हापुड़—ने भी अपनी-अपनी श्रेणी में प्रथम स्थान प्राप्त कर एक तरह से “क्लीन स्वीप” किया है। यह उपलब्धि अप्रैल 2026 की मासिक मूल्यांकन रिपोर्ट के आधार पर दर्ज की गई है।
समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण निस्तारण बना सफलता की कुंजी
आईजीआरएस, जनसुनवाई और सीएम हेल्पलाइन पोर्टल पर प्राप्त शिकायतों के त्वरित और विधिक निस्तारण को लेकर मेरठ रेंज लगातार गंभीर रही है। अधिकारियों द्वारा शिकायतों की नियमित मॉनिटरिंग, फीडबैक सिस्टम को मजबूत करना और पारदर्शी कार्रवाई सुनिश्चित करने का सीधा असर रैंकिंग में देखने को मिला।
डीआईजी कलानिधि नैथानी का बयान
मेरठ परिक्षेत्र के पुलिस उप महानिरीक्षक कलानिधि नैथानी ने इस उपलब्धि पर खुशी जताते हुए कहा “यह सफलता टीमवर्क और शासन की मंशा के अनुरूप कार्य करने का परिणाम है। सभी जनपदों के अधिकारियों और कर्मचारियों ने शिकायतों के निस्तारण में गंभीरता दिखाई है। हमारी प्राथमिकता है कि हर शिकायत का समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण समाधान हो, ताकि आमजन को त्वरित न्याय मिल सके।” उन्होंने आगे कहा कि शिकायतों के निस्तारण में पारदर्शिता, निष्पक्षता और जवाबदेही सुनिश्चित करना बेहद जरूरी है, जिससे पुलिस और जनता के बीच विश्वास और मजबूत हो।
सख्त निर्देशों का मिला सकारात्मक परिणाम
पिछले महीने आईजीआरएस की समीक्षा के दौरान डीआईजी द्वारा जनपद प्रभारियों को कई अहम दिशा-निर्देश दिए गए थे, जिनका असर अब साफ दिखाई दे रहा है। अधिकारियों को स्पष्ट रूप से कहा गया था कि शिकायतों की जांच में लापरवाही न बरती जाए और मौके पर जाकर जांच की जाए
शिकायतकर्ता की संतुष्टि को प्राथमिकता दी जाए
महिला, वरिष्ठ नागरिक और साइबर अपराध से जुड़ी शिकायतों का त्वरित निस्तारण हो,हर शिकायत के बाद फीडबैक अनिवार्य रूप से लिया जाए।लंबित मामलों की साप्ताहिक समीक्षा की जाए। थानों पर जनसुनवाई व्यवस्था को और मजबूत किया जाए।
डिजिटल मॉनिटरिंग और फीडबैक सिस्टम बना गेम चेंजर। रेंज स्तर पर तकनीकी संसाधनों और डिजिटल मॉनिटरिंग सिस्टम का बेहतर इस्तेमाल किया गया, जिससे शिकायतों की ट्रैकिंग और निस्तारण प्रक्रिया अधिक प्रभावी हुई। साथ ही थानों में बनाए गए रजिस्टरों को अद्यतन रखने और फीडबैक लेने की व्यवस्था को सख्ती से लागू किया गया।
उत्कृष्ट कार्य करने वालों को मिलेगा सम्मान
डीआईजी ने निर्देश दिए हैं कि उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले अधिकारियों और कर्मचारियों को जनपद स्तर पर सम्मानित किया जाए, ताकि अन्य कर्मचारियों को भी बेहतर कार्य करने के लिए प्रेरणा मिल सके।
जनता का बढ़ा भरोसा
आईजीआरएस पोर्टल पर शिकायतों के समयबद्ध और प्रभावी निस्तारण से जहां आमजन को राहत मिल रही है, वहीं पुलिस के प्रति विश्वास भी मजबूत हो रहा है। अधिकारियों का मानना है कि इसी तरह की पारदर्शी व्यवस्था से भविष्य में शिकायतों की संख्या में भी कमी आएगी।


