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Hapur News: कार्तिक पूर्णिमा मेले से पहले पुलिस सख्त, सड़क पर बैल दौड़ाने वाले युवकों को पकड़ा
Hapur News: हापुड़ में कार्तिक पूर्णिमा मेले से पहले पुलिस ने सख्ती बढ़ा दी है। सड़क पर बैल दौड़ाने वाले युवकों को पकड़कर पुलिस ने कार्रवाई की।
Hapur News(Photo-Social Media)
Hapur News: कार्तिक पूर्णिमा गंगा स्नान मेले से पहले हापुड़ पुलिस सड़क सुरक्षा और कानून-व्यवस्था को लेकर सतर्क नजर आ रही है। इसी बीच बहादुरगढ़ थाना क्षेत्र में सड़क पर बैलों को दौड़ाने वाले युवकों के खिलाफ पुलिस ने सख्ती दिखाई। पुलिस ने युवकों को पकड़कर कड़ी हिदायत दी और सड़क पर इस तरह की गतिविधियों से दूर रहने की चेतावनी दी। थाना प्रभारी इंद्रकांत यादव ने युवकों को जिस अंदाज में समझाया, उसमें सख्त चेतावनी के साथ तीखा तंज भी नजर आया।
‘बैल दौड़ाकर IAS बन जाओगे क्या?’
बहादुरगढ़ थाना प्रभारी इंद्रकांत यादव ने युवकों को फटकार लगाते हुए कहा, “बैल को दौड़ाकर IAS बन जाओगे क्या? दौड़ लगाने का शौक है तो घोड़ा पालो।” उनका यह संदेश साफ था कि सार्वजनिक सड़क किसी की ताकत या शौक दिखाने का मैदान नहीं है। सड़क पर पशुओं को दौड़ाने से दूसरे लोगों की सुरक्षा खतरे में पड़ सकती है। युवाओं को अपनी जिम्मेदारी समझनी चाहिए और ऐसी गतिविधियों से बचना चाहिए।
कार्तिक पूर्णिमा मेले से पहले क्यों अहम है यह सख्ती?
गढ़मुक्तेश्वर के ब्रजघाट में कार्तिक पूर्णिमा के अवसर पर गंगा स्नान के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचते हैं। मेले के दौरान वाहनों और पैदल यात्रियों की आवाजाही बढ़ने से यातायात व्यवस्था बनाए रखना पुलिस-प्रशासन के लिए बड़ी चुनौती रहता है। ऐसे में सड़क पर बैलों को दौड़ाने जैसी गतिविधियां राहगीरों और वाहन चालकों के लिए दुर्घटना का खतरा बढ़ा सकती हैं।अचानक सड़क पर पशु आने या दौड़ने से वाहन चालकों को संभलने का मौका कम मिल सकता है। इससे न केवल पशुओं को चोट पहुंचने का खतरा रहता है, बल्कि राहगीरों और अन्य वाहन सवारों की सुरक्षा भी प्रभावित हो सकती है। यही वजह है कि सार्वजनिक रास्तों पर इस तरह की गतिविधियों को गंभीरता से लेने की जरूरत है।
युवाओं को समझना होगा जिम्मेदारी का मतलब
थाना प्रभारी की चेतावनी युवाओं के लिए स्पष्ट संदेश है कि शौक और रोमांच के नाम पर दूसरों की सुरक्षा से खिलवाड़ नहीं किया जाना चाहिए। सड़क का इस्तेमाल सभी लोगों को सुरक्षित तरीके से आवागमन के लिए करना चाहिए। पशुओं को दौड़ाने या सड़क पर अव्यवस्था पैदा करने वाली गतिविधियों से आम लोगों को परेशानी हो सकती है।
मेले की सुरक्षा व्यवस्था पर भी नजर
कार्तिक पूर्णिमा मेले को देखते हुए यातायात नियंत्रण, श्रद्धालुओं की सुरक्षित आवाजाही और संवेदनशील स्थानों पर निगरानी महत्वपूर्ण है। पुलिस की ऐसी सख्ती का उद्देश्य सड़क पर अनुशासन बनाए रखने और लोगों को नियमों के प्रति जागरूक करने का संदेश देना है। हापुड़ पुलिस का संदेश साफ है—सड़क पर लापरवाही नहीं चलेगी। युवाओं को भी चाहिए कि वे जिम्मेदारी से व्यवहार करें, ताकि कार्तिक पूर्णिमा के दौरान श्रद्धालुओं और स्थानीय लोगों की आवाजाही सुरक्षित बनी रहे।


