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Hapur News: बुलडोजर एक्शन पर सियासी संग्राम, सपा नेता अय्यूब सिद्दीकी के घर पहुंची प्रशासनिक टी
Hapur News: हापुड़ में बुलडोजर कार्रवाई को लेकर सियासी विवाद तेज हो गया है। सपा नेता अय्यूब सिद्दीकी के घर प्रशासनिक टीम पहुंची, मामले को लेकर जांच और चर्चा जारी है।
Hapur News(Photo-Social Media)
Hapur News: उत्तर प्रदेश के हापुड़ जनपद के सदर तहसील क्षेत्र स्थित गांव हैदरनगर नंगौला बुधवार को उस समय छावनी में तब्दील हो गया, जब प्रशासनिक टीम भारी पुलिस बल और बुलडोजर के साथ समाजवादी पार्टी के जिला उपाध्यक्ष अय्यूब सिद्दीकी के मकान पर कार्रवाई करने पहुंची। सरकारी तालाब की भूमि पर अवैध कब्जे के आरोप में शुरू हुई इस कार्रवाई ने देखते ही देखते सियासी रंग ले लिया और गांव में जबरदस्त हंगामा खड़ा हो गया।
प्रशासनिक टीम के गांव पहुंचते ही ग्रामीणों और सपाइयों ने विरोध शुरू कर दिया। कार्रवाई रोकने के लिए गांव के मुख्य रास्तों पर ट्रैक्टर-ट्रॉली, थ्रेसिंग मशीन और अन्य भारी वाहन खड़े कर रास्ता बंद कर दिया गया। गांव में भारी भीड़ जमा हो गई और माहौल तनावपूर्ण हो गया। किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए मौके पर भारी पुलिस बल, पीएसी और प्रशासनिक अधिकारियों को तैनात किया गया।
42 मकानों पर प्रशासन की नजर
जानकारी के अनुसार गांव में सरकारी तालाब की भूमि पर करीब 42 मकान बने हुए हैं। प्रशासन की ओर से पहले ही कब्जाधारकों को नोटिस जारी किए गए थे। बुधवार सुबह प्रशासन ने कार्रवाई शुरू करते हुए सबसे पहले सपा नेता अय्यूब सिद्दीकी के मकान को निशाने पर लिया। ग्रामीणों का आरोप है कि मामला न्यायालय में विचाराधीन होने के बावजूद प्रशासन ने जल्दबाजी में कार्रवाई की। विरोध के बीच बुलडोजर चलाया गया, जिससे कई बार ग्रामीणों और प्रशासन के बीच तीखी बहस और धक्का-मुक्की जैसी स्थिति भी बन गई।
सपाइयों को गांव पहुंचने से पहले ही रोका गया
कार्रवाई की सूचना मिलते ही समाजवादी पार्टी के कई नेता और कार्यकर्ता अय्यूब सिद्दीकी के समर्थन में गांव के लिए रवाना हुए, लेकिन पुलिस ने उन्हें रास्ते में ही रोक दिया। बताया गया कि सपा के पूर्व जिलाध्यक्ष तेजपाल प्रमुख, इकबाल कुरैशी, प्रदेश सचिव संजय सिंह यादव, अनिल आजाद, कमल मंसूरी, वसीम मेवाती और नईम समेत बड़ी संख्या में कार्यकर्ता गांव पहुंचना चाहते थे, लेकिन पुलिस ने बैरिकेडिंग कर उन्हें आगे बढ़ने नहीं दिया। कई नेताओं को उनके घरों और प्रतिष्ठानों पर ही हाउस अरेस्ट कर रोकने की बात भी सामने आई। इसे लेकर सपाइयों और पुलिस के बीच तीखी नोकझोंक हुई।
एसडीएम बोलीं, नियमों के तहत हो रही कार्रवाई
एसडीएम सदर ईला प्रकाश ने बताया कि गांव हैदरनगर नंगौला में सरकारी तालाब की भूमि पर अवैध कब्जे की शिकायतें लगातार मिल रही थीं। उन्होंने कहा कि जांच में कब्जे की पुष्टि होने के बाद नियमानुसार नोटिस जारी किए गए थे और अब न्यायालय तथा शासन के निर्देशों के अनुसार अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई की जा रही है। एसडीएम ने साफ कहा कि प्रशासन की कार्रवाई पूरी तरह कानून के तहत की जा रही है और कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए पर्याप्त पुलिस बल तैनात किया गया है। किसी भी व्यक्ति को माहौल खराब करने की अनुमति नहीं दी जाएगी।
सपाइयों ने लगाया राजनीतिक प्रतिशोध का आरोप
समाजवादी पार्टी नेताओं ने प्रशासनिक कार्रवाई को राजनीतिक प्रतिशोध बताया है। सपाइयों का कहना है कि चुनिंदा लोगों को निशाना बनाकर कार्रवाई की जा रही है, जबकि प्रशासन का दावा है कि सरकारी भूमि को कब्जामुक्त कराने के लिए नियमानुसार अभियान चलाया जा रहा है।


