Hapur News: गौरव त्यागी हत्याकांड में 48 घंटे बाद पुलिस खाली, पांच आरोपियों पर 25-25 हजार इनाम

Hapur News: हापुड़ के गौरव त्यागी हत्याकांड में 48 घंटे बाद भी पुलिस खाली हाथ, पांच फरार आरोपियों पर 25-25 हजार का इनाम।

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Published on: 20 Aug 2026 8:55 PM IST
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Hapur News(Photo-Social Media)

Hapur News: बाबूगढ़ थाना क्षेत्र के गांव मोहम्मदपुर आजमपुर निवासी गौरव त्यागी हत्याकांड ने पुलिस प्रशासन की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। जमीनी विवाद से जुड़े मामले की पैरवी कर रहे गौरव त्यागी पर धनौरा के पास कार सवार हमलावरों ने हमला किया था। गंभीर हालत में मेरठ रेफर किए गए गौरव की उपचार के दौरान मौत हो गई थी। घटना को करीब 48 घंटे बीत जाने के बाद भी पांच फरार आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं होने से पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठ रहे हैं।मामले की गंभीरता को देखते हुए मेरठ रेंज के डीआईजी कलानिधि नैथानी ने पुलिसकर्मियों की भूमिका की जांच के निर्देश दिए हैं। शुरुआती जांच के बाद कुचेसर चौपला चौकी के वर्तमान चौकी प्रभारी समेत चार पुलिसकर्मियों को लाइन हाजिर कर दिया गया है। साथ ही फरार पांच आरोपियों पर 25-25 हजार रुपये का इनाम घोषित किया गया है।

48 घंटे बाद भी पांच आरोपी पुलिस की गिरफ्त से बाहर

गौरव त्यागी हत्याकांड में पुलिस ने नामजद सात आरोपियों में से दो आरोपियों राजवीर और जयपाल को गिरफ्तार किया है। दोनों आरोपी मोहम्मदपुर आजमपुर के रहने वाले बताए गए हैं। वहीं पांच अन्य आरोपी अभी फरार हैं।घटना के बाद पुलिस ने आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए तीन विशेष टीमों का गठन किया था। पुलिस टीमों को गौतमबुद्धनगर, बुलंदशहर, गाजियाबाद, बागपत, मेरठ समेत आसपास के जिलों में दबिश देने के लिए लगाया गया है। हालांकि 48 घंटे बाद भी पांच आरोपियों के पकड़े नहीं जाने से पुलिस की कार्रवाई पर लोगों की नजर बनी हुई है।एसपी कुंवर ज्ञानंजय सिंह की ओर से फरार पांच आरोपियों की गिरफ्तारी पर 25-25 हजार रुपये का इनाम घोषित किया गया है। पुलिस का कहना है कि आरोपियों की तलाश लगातार की जा रही है और संभावित ठिकानों पर दबिश दी जा रही है।

पुलिस की भूमिका पर उठे सवाल, चार पुलिसकर्मी लाइन हाजिर

हत्याकांड के बाद पुलिस की कार्यशैली को लेकर सवाल उठने लगे थे। इसी को गंभीरता से लेते हुए डीआईजी कलानिधि नैथानी ने पूरे प्रकरण में पुलिस की भूमिका की विभागीय जांच के आदेश दिए।जांच के शुरुआती स्तर पर कुचेसर चौपला चौकी प्रभारी ओमकार गंगवार, पूर्व चौकी प्रभारी नीरज कुमार, हेड कांस्टेबल शाहिद और कांस्टेबल इकराम को तत्काल प्रभाव से लाइन हाजिर किया गया है। जांच के दायरे में बाबूगढ़ थाना प्रभारी, वर्तमान एवं पूर्व चौकी प्रभारी, संबंधित हल्का प्रभारी, बीट पुलिसकर्मी और एलआईयू से जुड़े कर्मचारियों की भूमिका भी बताई जा रही है।पुलिस महकमे में हुई इस कार्रवाई के बाद सवाल यह भी उठ रहा है कि आखिर गौरव को लेकर पहले से सामने आ रहे खतरे और जमीनी विवाद की जानकारी के बावजूद सुरक्षा व्यवस्था को लेकर क्या कदम उठाए गए थे।

जमीनी विवाद की पैरवी कर रहा था गौरव

परिजनों के मुताबिक, गौरव त्यागी वर्ष 2021 में हुए एक जमीनी विवाद से जुड़े मुकदमे की पैरवी कर रहा था। मंगलवार को वह अपने गांव से हापुड़ कचहरी में अधिवक्ता से मिलने के लिए निकला था।बताया गया कि गांव ददायरा और हापुड़ के बीच धनौरा के पास कार सवार हमलावरों ने उसका रास्ता रोक लिया। आरोप है कि हमलावरों ने गौरव पर हथौड़ों और अन्य हथियारों से हमला किया। हमले में वह गंभीर रूप से घायल हो गया।सूचना मिलने के बाद पुलिस मौके पर पहुंची और घायल गौरव को उपचार के लिए अस्पताल पहुंचाया। हालत गंभीर होने पर उसे मेरठ के हायर सेंटर रेफर किया गया, जहां उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई।

सात नामजद, दो गिरफ्तार और पांच की तलाश

घटना के बाद मृतक के परिजनों की तहरीर पर सात नामजद आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया। पुलिस ने कुछ ही समय में दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया, लेकिन पांच आरोपी अभी पुलिस की पकड़ से बाहर हैं।पुलिस की तीन टीमें लगातार संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही हैं। अधिकारियों का कहना है कि फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए तकनीकी और अन्य माध्यमों से भी जानकारी जुटाई जा रही है।अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि इनाम घोषित होने और कई जिलों में दबिश के बावजूद फरार पांच आरोपी कब तक पुलिस की गिरफ्त में आते हैं।

गौरव को था जान का खतरा, शस्त्र लाइसेंस के लिए भी किया था प्रयास

परिजनों का दावा है कि गौरव को जमीनी विवाद के चलते अपनी जान का खतरा था। इसी वजह से उसने वर्ष 2023 में शस्त्र लाइसेंस के लिए आवेदन किया था। परिवार के अनुसार, लाइसेंस के लिए उसने जिला प्रशासन और मंडलायुक्त कार्यालय से लेकर इलाहाबाद हाई कोर्ट तक का रुख किया था।परिजनों और ग्रामीणों का कहना है कि यदि समय रहते उसकी सुरक्षा को लेकर गंभीरता दिखाई जाती तो शायद घटना को टाला जा सकता था। हालांकि इस संबंध में प्रशासनिक स्तर पर सामने आने वाले तथ्यों और विभागीय जांच के निष्कर्ष महत्वपूर्ण होंगे।

पीड़ित परिवार में मातम, पिता ने मांगा कठोर न्याय

इकलौते बेटे की मौत के बाद गौरव के पिता फतेह सिंह का रो-रोकर बुरा हाल है। उन्होंने आरोपियों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की मांग की है।

फतेह सिंह का कहना है कि उनके बेटे की हत्या से परिवार पूरी तरह टूट गया है। गौरव के पीछे उसके छोटे बच्चे भी हैं। परिवार ने सरकार से बच्चों के भविष्य के लिए आर्थिक सहायता और आरोपियों को जल्द गिरफ्तार कर सख्त सजा दिलाने की मांग की है।


विधायक ने की पीड़ित परिवार से मुलाकात

घटना के बाद राजनीतिक स्तर पर भी हलचल तेज हो गई है। गढ़मुक्तेश्वर विधायक हरेंद्र तेवतिया ने पीड़ित परिवार से मुलाकात कर संवेदना व्यक्त की और आरोपियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की।वहीं, विभिन्न सामाजिक संगठनों और ग्रामीणों में भी घटना को लेकर आक्रोश है। कुछ लोगों ने आरोपियों की संपत्तियों पर बुलडोजर कार्रवाई और मुठभेड़ की मांग उठाई है। हालांकि ऐसी कार्रवाई का फैसला कानून और संबंधित जांच की प्रक्रिया के तहत ही हो सकता है।

पुलिस के सामने अब दोहरी चुनौती

गौरव त्यागी हत्याकांड में पुलिस के सामने अब दो बड़ी चुनौतियां हैं। पहली, फरार पांच आरोपियों को जल्द गिरफ्तार करना और दूसरी, पुलिसकर्मियों की भूमिका को लेकर चल रही विभागीय जांच को निष्पक्ष तरीके से पूरा करना।चार पुलिसकर्मियों को लाइन हाजिर किए जाने से साफ है कि पुलिस प्रशासन ने मामले को गंभीरता से लिया है। लेकिन 48 घंटे बाद भी पांच आरोपी फरार हैं, इसलिए अब पुलिस की अगली कार्रवाई पर सभी की निगाहें टिकी हैं।परिजनों और ग्रामीणों की मांग है कि फरार आरोपियों को जल्द गिरफ्तार कर पूरे हत्याकांड की साजिश और घटना के पीछे की वजहों का खुलासा किया जाए। वहीं पुलिस का दावा है कि टीमें लगातार दबिश दे रही हैं और फरार आरोपियों को जल्द गिरफ्तार किया जाएगा।

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