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Hapur News: ऑनलाइन इन्वेस्टमेंट स्कैम, करोड़ों की ठगी के शक में जांच शुरू
Hapur News: ऑनलाइन निवेश में बेहतर रिटर्न के दावे पर व्यक्ति ने 38 लाख रुपये लगाए। भुगतान रुकने के बाद शिकायत पर साइबर पुलिस ने जांच शुरू की।
ऑनलाइन इन्वेस्टमेंट स्कैम, करोड़ों की ठगी के शक में जांच शुरू (Photo- Social Media)
Hapur News: ऑनलाइन निवेश के नाम पर लोगों को ऊंचे मुनाफे का लालच देकर लाखों रुपये की ठगी करने का एक बड़ा मामला सामने आया है। पिलखुवा निवासी एक व्यक्ति ने साइबर क्राइम थाना हापुड़ में शिकायत दर्ज कराते हुए आरोप लगाया है कि उसे एक कथित निवेश योजना में फंसाकर करीब 38 लाख रुपये का निवेश कराया गया, जिसमें से अधिकांश राशि अब तक वापस नहीं मिली है। मामले में पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
8 से 10 प्रतिशत मासिक रिटर्न का दिया लालच
पीड़ित सरताज अजीज ने पुलिस को दी तहरीर में बताया कि रुड़की निवासी मोहित सैनी ने उसे "मोबिक्रिप" नामक कंपनी में निवेश करने के लिए प्रेरित किया। आरोपी ने दावा किया कि कंपनी पूरी तरह सुरक्षित है और निवेशकों को हर महीने 8 से 10 प्रतिशत तक का आकर्षक रिटर्न मिलेगा। इतना ही नहीं, निवेश को वर्ष 2030 तक सुरक्षित रहने का भरोसा भी दिलाया गया।
पहले लौटाए पैसे, फिर बढ़वाया निवेश
शिकायत के अनुसार, वर्ष 2024 में आरोपी के कहने पर लगभग 10 लाख रुपये निवेश किए गए। शुरुआत में कुछ भुगतान समय पर लौटाए गए, जिससे निवेशक का भरोसा बढ़ गया। इसी विश्वास का फायदा उठाकर आरोपी ने वर्ष 2025 में पीड़ित की डिग्री के आधार पर लोन करवाया और करीब 28 लाख रुपये का अतिरिक्त निवेश करा दिया।पीड़ित का कहना है कि उसे लगातार भरोसा दिलाया जाता रहा कि निवेश पूरी तरह सुरक्षित है और भविष्य में भारी मुनाफा मिलेगा।
कई डॉक्टरों को भी जोड़ा गया योजना से
शिकायत में यह भी दावा किया गया है कि आरोपी ने केवल एक व्यक्ति ही नहीं, बल्कि कई अन्य डॉक्टरों और पेशेवर लोगों को भी इस निवेश योजना से जोड़ा। सभी को ऊंचे रिटर्न और सुरक्षित निवेश का सपना दिखाया गया।
पोंजी स्कीम जैसी आशंका
जांच के दौरान सामने आए तथ्यों के आधार पर पीड़ित ने आरोप लगाया है कि भुगतान कंपनी की ओर से नहीं बल्कि अलग-अलग बैंक खातों से किया जा रहा था। इससे संदेह पैदा हुआ कि नए निवेशकों से आने वाले पैसों से पुराने निवेशकों को भुगतान किया जा रहा था।विशेषज्ञों के अनुसार, इस तरह का मॉडल अक्सर कथित "पोंजी स्कीम" में देखा जाता है,जहां शुरुआती निवेशकों को भुगतान कर विश्वास हासिल किया जाता है और बाद में बड़ी रकम जुटाकर भुगतान बंद कर दिया जाता है।
10-12 महीने से नहीं मिला कोई भुगतान
पीड़ित ने बताया कि शुरुआती दौर में एक-दो भुगतान जरूर प्राप्त हुए, लेकिन पिछले 10 से 12 महीनों से कोई भी रिटर्न या मूलधन वापस नहीं मिला है। इसके कारण वह गंभीर आर्थिक संकट का सामना कर रहा है।
लोन की EMI बनी बड़ी परेशानी
सरताज अजीज का कहना है कि निवेश के लिए लिए गए लोन की भारी-भरकम ईएमआई अब भी उसे चुकानी पड़ रही है। निवेश से कोई आय न मिलने के कारण आर्थिक बोझ लगातार बढ़ता जा रहा है। पीड़ित ने पुलिस को बैंक लेनदेन, चैट, कॉल रिकॉर्ड और अन्य महत्वपूर्ण साक्ष्य भी उपलब्ध कराए हैं।
साइबर पुलिस ने दर्ज किया मुकदमा
साइबर क्राइम थाना हापुड़ पुलिस ने शिकायत के आधार पर आरोपी मोहित सैनी निवासी रुड़की, जनपद हरिद्वार के खिलाफ संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया है। पुलिस का कहना है कि उपलब्ध साक्ष्यों की जांच की जा रही है और मामले में वित्तीय लेनदेन की गहन पड़ताल की जाएगी।
ऑनलाइन निवेश से पहले बरतें सावधानी
साइबर विशेषज्ञों का कहना है कि किसी भी कंपनी में निवेश करने से पहले उसकी वैधानिक स्थिति, रजिस्ट्रेशन, नियामक संस्थाओं से मान्यता और वित्तीय रिकॉर्ड की जांच अवश्य करनी चाहिए। केवल ऊंचे रिटर्न के लालच में निवेश करना भारी नुकसान का कारण बन सकता है।


