Hapur News: फुलडेहरा में छह महीने से मौत बनकर झूल रहा बिजली का खंभा, ग्रामीणों में हादसे का डर

Hapur News: फुलडेहरा गांव में पिछले छह महीने से झूल रहा बिजली का खंभा ग्रामीणों के लिए बड़ा खतरा बना हुआ है। स्थानीय लोग कई बार शिकायत कर चुके हैं, लेकिन अब तक समस्या का समाधान नहीं हुआ।

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Published on: 6 July 2026 2:07 PM IST
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Hapur News(Photo-Social Media)

Hapur News: जिले के सिंभावली क्षेत्र के गांव फुलडेहरा में बिजली विभाग की लापरवाही किसी बड़े हादसे का कारण बन सकती है। गांव में पिछले करीब छह माह से एक बिजली का खंभा गिरने की कगार पर खड़ा है, लेकिन तमाम शिकायतों के बावजूद ऊर्जा निगम के अधिकारियों ने अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की है। हालात ऐसे हैं कि खंभा लगातार झुकता जा रहा है और ग्रामीण हर पल किसी अनहोनी की आशंका में जी रहे हैं।ग्रामीणों का कहना है कि यदि समय रहते खंभे को नहीं बदला गया तो किसी भी दिन बड़ा हादसा हो सकता है, जिसकी पूरी जिम्मेदारी ऊर्जा निगम की होगी।

गन्ने से भरे ट्रैक्टर की टक्कर के बाद शुरू हुई परेशानी

ग्राम प्रधान पति अंकित चौधरी ने बताया कि करीब छह माह पहले गन्ने से भरे एक ट्रैक्टर-ट्रॉला की टक्कर से बिजली का खंभा तिरछा हो गया था। उस समय ग्रामीणों ने तत्काल इसकी सूचना बिजली विभाग को दी थी और खंभे को बदलने की मांग की थी।लेकिन विभागीय अधिकारियों ने मामले को गंभीरता से नहीं लिया। नतीजा यह रहा कि समय बीतने के साथ बिजली की तारों का दबाव बढ़ता गया और खंभा और अधिक झुकता चला गया। अब स्थिति यह है कि खंभा कभी भी जमीन पर गिर सकता है।

बच्चों की जिंदगी खतरे में, दिनभर रहता है आवागमन

ग्रामीणों के अनुसार जिस स्थान पर यह खंभा लगा हुआ है, वहां से प्रतिदिन बड़ी संख्या में वाहन गुजरते हैं। गांव के लोग इसी रास्ते से खेतों और बाजार की ओर आते-जाते हैं। इतना ही नहीं, आसपास रहने वाले छोटे बच्चे भी सड़क किनारे खेलते रहते हैं। ग्रामीणों का कहना है कि यदि अचानक खंभा गिर गया या बिजली के तार टूटकर नीचे आ गए तो कई लोगों की जान जोखिम में पड़ सकती है। बरसात के मौसम में यह खतरा और भी बढ़ गया है क्योंकि गीली जमीन में करंट फैलने की आशंका रहती है।

शिकायतों के बाद भी नहीं हुई सुनवाई

ग्रामीणों का आरोप है कि कई बार बिजली विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों को समस्या से अवगत कराया गया, लेकिन हर बार केवल आश्वासन ही मिला। छह माह बीत जाने के बाद भी न तो खंभे को बदला गया और न ही उसकी मरम्मत कराई गई।ग्रामीणों का कहना है कि विभाग किसी बड़े हादसे का इंतजार करता दिखाई दे रहा है। यदि समय रहते कार्रवाई नहीं हुई तो स्थिति गंभीर हो सकती है।

ग्रामीणों में आक्रोश, आंदोलन की चेतावनी

गांव के सचिन, उज्ज्वल, ओमप्रकाश, डॉ. सुनील, अंकित, बबलू, सुंदर, संजीव और अमित कुमार सहित दर्जनों ग्रामीणों ने ऊर्जा निगम की कार्यशैली पर नाराजगी व्यक्त की है। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही खंभे को नहीं बदला गया तो वे उच्चाधिकारियों से शिकायत करने के साथ-साथ आंदोलन करने को भी मजबूर होंगे।ग्रामीणों का कहना है कि प्रशासन और बिजली विभाग को किसी बड़ी दुर्घटना का इंतजार नहीं करना चाहिए, बल्कि तत्काल कार्रवाई करते हुए खतरनाक स्थिति में पहुंच चुके खंभे को बदलना चाहिए।

क्या बोले जिम्मेदार अधिकारी?

मामले में सिंभावली के एसडीओ रमेश कुमार ने बताया कि मामला अभी उनके संज्ञान में आया है। उन्होंने कहा कि टीम को मौके पर भेजकर जांच कराई जाएगी। जांच रिपोर्ट के आधार पर खंभे की मरम्मत या आवश्यकता पड़ने पर उसे बदलने की कार्रवाई की जाएगी।

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