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Hapur News: दूध लेने निकली नाबालिग से अभद्रता के मामले में आरोपी को 5 साल की सजा
Hapur News: पोक्सो कोर्ट ने आरोपी को दोषी मानते हुए पांच वर्ष के सश्रम कारावास और पांच हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई, धमकी देने पर भी एक साल की सजा।
Hapur News: बहादुरगढ़ थाना क्षेत्र में वर्ष 2022 में दस वर्षीय किशोरी को रास्ते में रोककर जबरन ट्यूबवेल की ओर खींचने और शोर मचाने पर जान से मारने की धमकी देने के मामले में अदालत ने कड़ा फैसला सुनाया है। अपर सत्र न्यायाधीश एवं विशेष न्यायाधीश (पोक्सो एक्ट) ज्ञानेन्द्र सिंह यादव की अदालत ने मामले की सुनवाई पूरी करने के बाद अभियुक्त अनिल को दोषी करार देते हुए पांच वर्ष के सश्रम कारावास की सजा सुनाई है। अदालत ने अभियुक्त पर पांच हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया है।
अदालत के फैसले के बाद अभियोजन पक्ष ने इसे नाबालिगों के खिलाफ अपराध के मामलों में महत्वपूर्ण निर्णय बताया है। मामले में पुलिस की विवेचना, गवाहों के बयान और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर न्यायालय ने अभियुक्त को दोषी माना।
दूध लेने दुकान पर गई थी किशोरी
विशेष लोक अभियोजक हरेंद्र त्यागी ने बताया कि बहादुरगढ़ थाना क्षेत्र निवासी एक व्यक्ति ने पुलिस को तहरीर देकर मुकदमा दर्ज कराया था। तहरीर के अनुसार 24 अप्रैल 2022 की शाम को पीड़ित की दस वर्षीय पुत्री को दूध लेने के लिए दुकान पर भेजा गया था।आरोप था कि रास्ते में ट्यूबवेल के पास किशोरी को अनिल नामक व्यक्ति मिला। अभियोजन के अनुसार आरोपी ने गलत नीयत से किशोरी का हाथ पकड़ लिया और उसे ट्यूबवेल की ओर खींचने लगा। किशोरी ने विरोध करते हुए शोर मचाया। आरोप है कि शोर मचाने पर आरोपी ने उसे जान से मारने की धमकी भी दी।
शोर सुनकर राहगीरों ने किशोरी को छुड़ाया
मामले में बताया गया कि किशोरी के शोर मचाने पर आसपास से गुजर रहे लोगों का ध्यान घटना की ओर गया। लोगों ने मौके पर पहुंचकर किशोरी को आरोपी के कब्जे से छुड़ाया। इसके बाद घटना की जानकारी परिजनों को दी गई।परिजनों की तहरीर के आधार पर बहादुरगढ़ थाना पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर आरोपी को गिरफ्तार कर लिया था। पुलिस ने मामले की जांच शुरू करते हुए संबंधित साक्ष्य जुटाए और विवेचना पूरी करने के बाद आरोप पत्र न्यायालय में दाखिल किया।
पोक्सो कोर्ट में चली मामले की सुनवाई
मामले की सुनवाई अपर सत्र न्यायाधीश एवं विशेष न्यायाधीश (पोक्सो एक्ट) ज्ञानेन्द्र सिंह यादव की अदालत में हुई। सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष की ओर से विशेष लोक अभियोजक हरेंद्र त्यागी ने अदालत के समक्ष अपना पक्ष रखा। दोनों पक्षों की दलीलों और मामले में प्रस्तुत साक्ष्यों पर अदालत ने विचार किया।बुधवार को न्यायालय ने मामले में अपना फैसला सुनाते हुए अभियुक्त अनिल को दोषी करार दिया।
धमकी देने पर भी एक साल का सश्रम कारावास
अदालत ने अभियुक्त अनिल को धारा 506 भारतीय दंड संहिता (भा.दं.सं.) के तहत एक वर्ष के सश्रम कारावास की सजा सुनाई।इसके अलावा लैंगिक अपराधों से बालकों का संरक्षण अधिनियम (पोक्सो एक्ट) की धारा 9-एम/10 के तहत अभियुक्त को पांच वर्ष के सश्रम कारावास और पांच हजार रुपये के अर्थदंड से दंडित किया गया।अदालत के आदेश के अनुसार अर्थदंड अदा नहीं करने की स्थिति में अभियुक्त को एक माह का अतिरिक्त सश्रम कारावास भुगतना होगा।
नाबालिग से जुड़े अपराध में अदालत का सख्त रुख
इस फैसले को नाबालिगों के खिलाफ होने वाले अपराधों के मामलों में अदालत की सख्ती के तौर पर देखा जा रहा है। मामले में घटना के बाद पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर आरोपी के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की और विवेचना पूरी कर न्यायालय में आरोप पत्र दाखिल किया। इसके बाद न्यायिक प्रक्रिया के तहत दोनों पक्षों को सुनने के बाद अदालत ने अभियुक्त को दोषी मानते हुए सजा सुनाई।


