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Hapur News: संदिग्ध मौत में आठ नामजद, बेटे की तहरीर पर मुकदमा, सुसाइड नोट से जांच तेज
Hapur News: हापुड़ में ग्रामीण चिकित्सक की संदिग्ध मौत के मामले में आठ लोगों पर मुकदमा दर्ज हुआ है। पुलिस ने सुसाइड नोट कब्जे में लेकर जांच शुरू की।
Hapur News(Photo-Social Media)
Hapur News: बाबूगढ़ थाना क्षेत्र के ग्राम मुबारिकपुर सलामतपुर में ग्रामीण चिकित्सक कुंवरपाल सिंह की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत के मामले में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। मृतक के पुत्र की तहरीर के आधार पर बाबूगढ़ पुलिस ने आठ नामजद आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। परिजनों ने आरोप लगाया है कि एक मरीज की मौत के बाद चिकित्सक पर गलत इलाज का आरोप लगाते हुए लगातार रकम देने का दबाव बनाया जा रहा था। परिवार का दावा है कि इसी मानसिक दबाव और कथित प्रताड़ना से परेशान होकर कुंवरपाल सिंह ने जहरीला पदार्थ खा लिया।
सुबह बाइक से निकले थे, शाम तक नहीं लौटे
मृतक के पुत्र के अनुसार, 19 सितंबर की सुबह करीब आठ बजे उनके पिता कुंवरपाल सिंह बाइक से किसी काम के सिलसिले में घर से निकले थे। काफी समय बीतने के बाद भी जब वह वापस नहीं लौटे तो परिजनों को चिंता हुई। उनका मोबाइल फोन भी बंद मिलने पर परिवार के लोगों ने रिश्तेदारों और परिचितों से जानकारी करने के साथ ही आसपास के इलाकों में उनकी तलाश शुरू की, लेकिन उनका कोई सुराग नहीं लग सका।अगली सुबह परिजनों ने दोबारा तलाश शुरू की। इसी दौरान खेत के पास कुंवरपाल सिंह की मोटरसाइकिल और हेलमेट पड़ा मिला। अनहोनी की आशंका में जब परिजन गन्ने के खेत के अंदर पहुंचे तो वहां कुंवरपाल सिंह मृत अवस्था में मिले। घटना की जानकारी मिलते ही परिवार में कोहराम मच गया और पुलिस को सूचना दी गई।
शव के पास मिला मोबाइल और सुसाइड नोट
परिजनों के मुताबिक, मृतक के पास मोबाइल फोन के साथ सुसाइड नोट और जहरीले पदार्थ के खाली पैकेट भी मिले। सूचना पर पहुंची पुलिस ने घटनास्थल की जांच की और सुसाइड नोट को कब्जे में ले लिया। पुलिस अब सुसाइड नोट में लिखी बातों और अन्य साक्ष्यों के आधार पर मामले की जांच कर रही है।
मरीज की मौत के बाद विवाद बढ़ने का आरोप
मृतक के पुत्र की तहरीर के मुताबिक, बीती सात जुलाई को गांव निवासी जयवीर की तबीयत खराब होने पर उसके परिजन उसे इलाज के लिए कुंवरपाल सिंह के पास लेकर आए थे। इलाज के दौरान अथवा उसके बाद जयवीर की मौत हो गई थी। इसके बाद से ही मृतक के परिजनों और चिकित्सक के बीच विवाद शुरू हो गया।तहरीर में आरोप लगाया गया है कि जयवीर के परिजन रूपचन्द्र, भूपेन्द्र, वीरसिंह, आकाश और विकास तथा मेरठ के ग्राम नरहेड़ा निवासी उनके रिश्तेदार शशि, प्रमोद और विनोद द्वारा कुंवरपाल सिंह पर गलत दवा देने का आरोप लगाया जा रहा था। परिवार का आरोप है कि इन लोगों की ओर से चिकित्सक पर लगातार बड़ी रकम देने का दबाव बनाया जा रहा था।
सीएमओ कार्यालय और ऑनलाइन पोर्टल पर शिकायत का भी दावा
परिजनों ने पुलिस को दी गई तहरीर में यह भी आरोप लगाया है कि संबंधित लोगों ने चिकित्सक के खिलाफ सीएमओ कार्यालय में शिकायत करने के साथ ऑनलाइन पोर्टल पर भी शिकायतें दर्ज कराई थीं। परिवार का कहना है कि शिकायतों और लगातार बनाए जा रहे कथित दबाव के कारण कुंवरपाल सिंह मानसिक रूप से परेशान चल रहे थे।तहरीर में आरोप लगाया गया है कि आर्थिक स्थिति ठीक नहीं होने के बावजूद उन पर रकम देने का दबाव बनाया जा रहा था। परिजनों का दावा है कि लगातार मिल रही धमकियों और मानसिक दबाव के चलते कुंवरपाल सिंह ने यह कदम उठाया।
आठ लोगों के खिलाफ मुकदमा, जांच में जुटी पुलिस
मृतक के पुत्र की तहरीर के आधार पर बाबूगढ़ पुलिस ने आठ नामजद आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया है। पुलिस ने सुसाइड नोट समेत घटनास्थल से मिले अन्य सामान को जांच के लिए अपने कब्जे में लिया है। साथ ही मामले से जुड़े लोगों से पूछताछ और आरोपियों की तलाश शुरू कर दी गई है। पुलिस का कहना है कि मुकदमा दर्ज कर मामले के सभी पहलुओं की जांच की जा रही है। सुसाइड नोट, मोबाइल फोन, घटनास्थल से मिले साक्ष्य और पोस्टमार्टम रिपोर्ट समेत अन्य तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।


