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Hapur News: लगी भीषण आग, थिनर के सैकड़ों ड्रमों में धमाकों से दहला इंडस्ट्रियल एरिया
Hapur News: हापुड़, गाजियाबाद और गौतमबुद्धनगर की फायर टीमों ने करीब चार घंटे में आग पर काबू पाया, कर्मचारियों को सुरक्षित बाहर निकाला गया और बड़ा हादसा टला।
लगी भीषण आग, थिनर के सैकड़ों ड्रमों में धमाकों से दहला इंडस्ट्रियल एरिया (Photo- Newstrack)
Hapur News: मसूरी-गुलावठी रोड स्थित इंडस्ट्रियल एरिया में मंगलवार को उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब त्रिवेणी मेडिकेम फेस-1, बी-12 में अचानक भीषण आग लग गई। केमिकल फैक्ट्री में थिनर बनाए जाने के दौरान लगी आग ने देखते ही देखते विकराल रूप धारण कर लिया। फैक्ट्री में रखे थिनर के सैकड़ों ड्रम आग की चपेट में आ गए। तेज गर्मी के कारण ड्रम फटने लगे और उनके टुकड़े सड़क व आसपास के क्षेत्र में गिरने लगे। आग की लपटों और धुएं का विशाल गुबार आसमान में उठता रहा, जिसे काफी दूर तक देखा गया।घटना की सूचना मंगलवार सुबह 10:41 बजे अग्निशमन विभाग को मिली। केमिकल इंडस्ट्री में आग की सूचना को गंभीरता से लेते हुए अग्निशमन विभाग ने तत्काल कार्रवाई शुरू कर दी। यूपीएसआईडीसी चौकी पर तैनात फोम टेंडर को घटनास्थल के लिए रवाना किया गया। फायर विभाग के अनुसार फोम टेंडर महज दो मिनट में मौके पर पहुंच गया और आग बुझाने का काम शुरू कर दिया।
सैकड़ों ड्रमों में आग, फटने से मची दहशत
फैक्ट्री में थिनर के सैकड़ों ड्रम रखे होने के कारण आग तेजी से फैलती चली गई। आग की भीषण गर्मी के बीच कई ड्रम फटने लगे। धमाकेनुमा आवाजों के साथ जलते हुए ड्रम और उनके हिस्से सड़क तथा आसपास के क्षेत्र में गिरने लगे। इससे मौके पर मौजूद लोगों में दहशत फैल गई।स्थिति की गंभीरता को देखते हुए सीएफओ हापुड़ अजय शर्मा भी तत्काल घटनास्थल पर पहुंचे और फायर टीमों की कमान संभाली। उन्होंने अग्निशमन केंद्र हापुड़ और पिलखुवा से अतिरिक्त फायर टेंडर मौके पर भेजे। दमकल कर्मियों ने फैक्ट्री को चारों ओर से घेरकर फोम कंपाउंड की मदद से आग को नियंत्रित करने का अभियान शुरू किया।
नाली से बाहर बह रहा था थिनर, आसपास की फैक्ट्रियों पर मंडराया खतरा
आग के दौरान फैक्ट्री में रखा ज्वलनशील थिनर नाली के रास्ते बाहर की ओर बहने लगा। थिनर में आग पकड़ने से खतरा और बढ़ गया और आग के फैलने की आशंका पैदा हो गई। आग की चपेट में आने से बगल की दो फैक्ट्रियों की फ्रंट दीवारें और एक इंडस्ट्री के कार्यालय का दरवाजा झुलस गया।अग्निशमन कर्मियों ने तत्काल कार्रवाई करते हुए नाली और आसपास के हिस्से में फैल रही आग को बुझाया। साथ ही आसपास की फैक्ट्रियों को आग की चपेट में आने से बचाने के लिए लगातार कूलिंग और फायर फाइटिंग की गई।
हापुड़ के साथ गाजियाबाद और गौतमबुद्धनगर से पहुंची फायर टीम
आग के विकराल रूप को देखते हुए हापुड़ अग्निशमन विभाग ने अतिरिक्त संसाधनों की मांग की। फायर सर्विस मुख्यालय के निर्देश पर गाजियाबाद से सीएफओ राहुल पाल और एफएसओ कोतवाली शेषनाथ यादव चार अग्निशमन वाहनों के साथ घटनास्थल पर पहुंचे।वहीं गौतमबुद्धनगर से एक वाटर बाउजर और एक आर्टिकुलेटेड वाटर टावर भी घटनास्थल पर भेजा गया। इसके बाद हापुड़, गाजियाबाद और गौतमबुद्धनगर की अग्निशमन टीमों ने संयुक्त रूप से मोर्चा संभाला। करीब एक दर्जन अग्निशमन वाहनों की मदद से आग को चारों तरफ से घेरकर बुझाने का अभियान चलाया गया।
आर्टिकुलेटेड वाटर टावर से ऊपर से की गई फायर फाइटिंग
फैक्ट्री में आग के विकराल रूप को देखते हुए आर्टिकुलेटेड वाटर टावर का इस्तेमाल किया गया। इसके जरिए ऊंचाई से आग की लपटों पर फोम कंपाउंड युक्त हाई प्रेशर पानी डाला गया। इससे फैक्ट्री के ऊपरी हिस्सों और उन स्थानों पर भी फायर फाइटिंग की गई, जहां जमीन से पहुंचना मुश्किल था।दमकल कर्मियों ने एक ओर मुख्य आग पर पानी और फोम की बौछार की, वहीं दूसरी ओर आसपास की औद्योगिक इकाइयों को आग की चपेट में आने से बचाने के लिए लगातार कूलिंग ऑपरेशन जारी रखा।
सर्च एंड रेस्क्यू टीम ने फैक्ट्री और आसपास का इलाका कराया खाली
भीषण आग को देखते हुए किसी भी तरह की जनहानि रोकने के लिए सीएफओ अजय शर्मा के निर्देशन में स्थानीय पुलिस और अग्निशमन कर्मियों की सर्च एंड रेस्क्यू टीम बनाई गई। टीम ने फैक्ट्री और आसपास के प्रतिष्ठानों में काम कर रहे कर्मचारियों तथा अन्य लोगों को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया।
फायर विभाग की प्राथमिकता आग बुझाने के साथ-साथ आसपास मौजूद लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करना भी रही। समय रहते कर्मचारियों और आसपास के लोगों को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाए जाने से बड़ा हादसा टल गया।
सीएफओ अजय शर्मा बोले—आग को आसपास की फैक्ट्रियों तक फैलने से रोका
सीएफओ हापुड़ अजय शर्मा ने बताया कि सूचना मिलते ही यूपीएसआईडीसी चौकी पर तैनात फोम टेंडर को तत्काल घटनास्थल के लिए रवाना किया गया, जो करीब दो मिनट में मौके पर पहुंच गया और आग बुझाने का काम शुरू कर दिया। उन्होंने बताया कि फैक्ट्री में थिनर के सैकड़ों ड्रम रखे होने के कारण आग बेहद विकराल थी और ड्रम लगातार फट रहे थे।सीएफओ ने बताया कि स्थिति को देखते हुए हापुड़ के साथ गाजियाबाद और गौतमबुद्धनगर से भी अतिरिक्त अग्निशमन वाहन बुलाए गए। करीब एक दर्जन अग्निशमन वाहनों और आर्टिकुलेटेड वाटर टावर की मदद से लगातार फोम कंपाउंड और हाई प्रेशर पानी का इस्तेमाल किया गया। साथ ही सर्च एंड रेस्क्यू टीम ने फैक्ट्री और आसपास के प्रतिष्ठानों से सभी कर्मचारियों और लोगों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया।
उन्होंने कहा कि करीब चार घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद आग पर पूरी तरह काबू पा लिया गया। समय रहते आग को आसपास की फैक्ट्रियों तक फैलने से रोक लिया गया और घटना में किसी प्रकार की जनहानि नहीं हुई।
चार घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद आग पर पाया काबू
आग की भयावहता का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि इसे पूरी तरह नियंत्रित करने में करीब चार घंटे का समय लगा। दमकल कर्मियों ने लगातार बिना रुके पानी और फोम का इस्तेमाल किया। कई स्थानों पर दोबारा आग भड़कने की आशंका को देखते हुए कूलिंग ऑपरेशन भी चलाया गया।


