Hapur News: 2 हजार से अधिक के UPI भुगतान पर MDR शुल्क का विरोध, व्यापारियों ने सौंपा ज्ञापन

Hapur News: हापुड़ में 2 हजार रुपये से अधिक के UPI भुगतान पर MDR शुल्क लगाने के विरोध में व्यापारियों ने ज्ञापन सौंपा।

Avnish Pal
Published on: 23 Sept 2026 2:19 PM IST
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Hapur News(Photo-Social Media)

Hapur News: 2,000 रुपये से अधिक के यूपीआई लेनदेन पर 0.40 प्रतिशत मर्चेंट डिस्काउंट रेट (MDR) शुल्क लगाए जाने के प्रस्ताव/निर्णय को लेकर व्यापारियों में नाराजगी दिखाई दे रही है। पश्चिमी उत्तर प्रदेश संयुक्त व्यापार मंडल ने इस व्यवस्था का विरोध करते हुए केंद्र सरकार से तत्काल पुनर्विचार की मांग की है। बुधवार को व्यापार मंडल के पदाधिकारियों ने केंद्रीय वित्त मंत्री को संबोधित ज्ञापन डिप्टी कलेक्टर को सौंपा।व्यापारियों ने कहा कि डिजिटल भुगतान को बढ़ावा देने के लिए केंद्र सरकार की डिजिटल इंडिया मुहिम में छोटे और मध्यम व्यापारियों ने भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। आज किराना दुकान से लेकर बड़े प्रतिष्ठानों तक यूपीआई भुगतान रोजमर्रा के कारोबार का हिस्सा बन चुका है। ऐसे में व्यापारिक यूपीआई लेनदेन पर अतिरिक्त शुल्क लगाए जाने से कारोबारियों की लागत बढ़ने और मुनाफा प्रभावित होने की आशंका है।

ऑनलाइन कारोबार के दौर में पहले से दबाव में हैं छोटे व्यापारी

जिला अध्यक्ष संजय कुमार डावर और जिला कोषाध्यक्ष ऋषभ गर्ग (हाइड्रो वाले) ने कहा कि ई-कॉमर्स और ऑनलाइन प्लेटफॉर्म के बढ़ते प्रभाव के बीच छोटे और परंपरागत व्यापारी पहले से ही कई चुनौतियों का सामना कर रहे हैं। ऐसे समय में डिजिटल भुगतान पर अतिरिक्त शुल्क लगाने से उनके ऊपर आर्थिक दबाव और बढ़ेगा। उन्होंने कहा कि व्यापारियों ने सरकार की डिजिटल भुगतान व्यवस्था को अपनाया और ग्राहकों को भी नकद के बजाय ऑनलाइन भुगतान के लिए प्रोत्साहित किया। अब यदि बड़े यूपीआई लेनदेन पर शुल्क लागू किया जाता है तो इसका सीधा असर व्यापारियों की परिचालन लागत पर पड़ेगा।

बोले- सरकार की नीति का विरोध नहीं, समस्या से कराया जा रहा अवगत

व्यापार मंडल के पदाधिकारियों ने स्पष्ट किया कि उनका उद्देश्य सरकार की डिजिटल भुगतान नीति का विरोध करना नहीं है। व्यापारी चाहते हैं कि डिजिटल व्यवस्था के साथ छोटे कारोबारियों के हितों को भी ध्यान में रखा जाए। उनका कहना है कि व्यापारिक यूपीआई लेनदेन को एमडीआर शुल्क से मुक्त रखा जाना चाहिए, ताकि डिजिटल भुगतान को बढ़ावा देने की मुहिम प्रभावित न हो।जिला महामंत्री दीपक बंसल ने केंद्र सरकार से मांग की कि 2,000 रुपये से अधिक के यूपीआई भुगतान पर प्रस्तावित 0.40 प्रतिशत एमडीआर शुल्क की व्यवस्था पर पुनर्विचार किया जाए। उन्होंने कहा कि छोटे व्यापारियों के लिए प्रत्येक अतिरिक्त खर्च महत्वपूर्ण होता है और इसका असर अंततः उनके कारोबार पर पड़ सकता है।

शुल्क वापस नहीं हुआ तो नकद लेनदेन बढ़ने की आशंका

व्यापार मंडल ने यह भी कहा कि यदि अतिरिक्त शुल्क में उचित संशोधन नहीं किया गया तो व्यापारी मजबूरी में यूपीआई के स्थान पर नकद भुगतान को प्राथमिकता देने पर विचार कर सकते हैं। व्यापारियों का तर्क है कि इससे डिजिटल भुगतान को बढ़ावा देने के प्रयासों पर प्रतिकूल असर पड़ सकता है और बाजार में नकद लेनदेन फिर बढ़ सकता है।व्यापारियों ने केंद्र सरकार से मांग की कि व्यापारिक हितों और डिजिटल अर्थव्यवस्था के व्यापक उद्देश्य को ध्यान में रखते हुए इस व्यवस्था पर पुनर्विचार किया जाए।

ये व्यापारी रहे मौजूद

डिप्टी कलेक्टर को ज्ञापन सौंपने वाले प्रतिनिधिमंडल में पश्चिमी उत्तर प्रदेश संयुक्त व्यापार मंडल के जिला अध्यक्ष संजय कुमार डावर, जिला संरक्षक रविंद्र गुप्ता, जिला महामंत्री दीपक बंसल, जिला कोषाध्यक्ष ऋषभ गर्ग (हाइड्रो वाले), जिला उपाध्यक्ष मोहित अग्रवाल (सुरुचि साड़ी), जिला मंत्री यशपाल तनेजा, विनोद थापर, राजेश नारंग, जिला संगठन मंत्री अमन चुग, सचिन अग्रवाल, हापुड़ नगर अध्यक्ष गौरव गोयल (तेल वाले), नगर महामंत्री कपिल अग्रवाल (अम्बानी) सहित अन्य व्यापारी प्रतिनिधि मौजूद रहे।

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