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Hardoi News: पीएम की अपील के बीच IRCTC के विदेशी टूर पैकेजों पर उठे सवाल
Hardoi News: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ऊर्जा बचत और घरेलू पर्यटन बढ़ाने की अपील के बीच IRCTC के विदेशी टूर पैकेजों को लेकर सवाल उठ रहे हैं। सोशल मीडिया पर बहस तेज हो गई है।
Hardoi News(Photo-Social Media)
Hardoi News: देश में ऊर्जा संरक्षण, पर्यावरण सुरक्षा और ईंधन की खपत कम करने को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी लगातार लोगों से अपील कर रहे हैं। विभिन्न सार्वजनिक मंचों से प्रधानमंत्री आम नागरिकों को गैर-जरूरी यात्राओं से बचने, सार्वजनिक परिवहन का अधिक उपयोग करने और पेट्रोल-डीजल की खपत कम करने का संदेश दे रहे हैं। हाल ही में उन्होंने लोगों से अनावश्यक विदेश यात्राओं को कुछ समय के लिए टालने और देश के भीतर पर्यटन को बढ़ावा देने की बात भी कही थी। इसी बीच भारतीय रेलवे की अधिकृत पर्यटन एजेंसी आईआरसीटीसी द्वारा जून माह के लिए विदेशी टूर पैकेज जारी किए जाने के बाद चर्चा तेज हो गई है।
सोशल मीडिया से लेकर स्थानीय स्तर तक लोग इस मुद्दे पर सवाल उठा रहे हैं कि जब देश के प्रधानमंत्री स्वयं ऊर्जा बचत और घरेलू पर्यटन को बढ़ावा देने की अपील कर रहे हैं, तब सरकारी संस्था द्वारा विदेश यात्रा के पैकेज क्यों प्रचारित किए जा रहे हैं। आईआरसीटीसी की ओर से विभिन्न देशों के लिए विशेष टूर पैकेज उपलब्ध कराए जा रहे हैं, जिनमें हवाई यात्रा, होटल और घूमने-फिरने की सुविधाएं शामिल हैं। हालांकि एजेंसी का कहना है कि वह यात्रियों की मांग के अनुसार सेवाएं उपलब्ध कराती है, लेकिन आम लोगों का एक वर्ग इसे प्रधानमंत्री की सोच के विपरीत मान रहा है।
स्थानीय नागरिक सुधांशु, आशीष सिंह और गोपाल वर्मा का कहना है कि नियम और सलाह अक्सर केवल आम जनता तक सीमित रह जाते हैं। लोगों का आरोप है कि सरकारी विभागों और राजनीतिक वर्ग की यात्राओं पर उतनी गंभीरता से नियंत्रण नहीं दिखता, जितनी अपेक्षा आम नागरिकों से की जाती है। कुछ लोगों ने यह भी कहा कि यदि देश में पर्यटन को बढ़ावा देना सरकार की प्राथमिकता है, तो आईआरसीटीसी को विदेशी पैकेजों की बजाय भारतीय धार्मिक, सांस्कृतिक और ऐतिहासिक स्थलों के अधिक टूर पैकेज लाने चाहिए।
लोगों ने उदाहरण देते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी स्वयं अपने काफिले में वाहनों की संख्या कम कर सादगी और ऊर्जा बचत का संदेश दे चुके हैं। ऐसे में सरकारी संस्थाओं को भी उसी दिशा में कदम बढ़ाने की आवश्यकता है, ताकि जनता के बीच एक समान संदेश जाए। विदेशी टूर पैकेजों को लेकर उठे सवालों ने ऊर्जा संरक्षण और सरकारी नीतियों के पालन को लेकर नई बहस जरूर छेड़ दी है।


