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Hardoi News: रुपये और जेवर लेकर फरार सराफा कारोबारी पिता-पुत्र गिरफ्तार, नगदी व आभूषण बरामद
Hardoi News: साड़ी में सैकड़ों लोगों के रुपये और गिरवी रखे जेवर लेकर फरार सराफा कारोबारी पिता-पुत्र को पुलिस ने गिरफ्तार किया, नगदी व आभूषण बरामद हुए।
रुपये और जेवर लेकर फरार सराफा कारोबारी पिता-पुत्र गिरफ्तार, नगदी व आभूषण बरामद (Photo- Newstrack)
Hardoi News: हरदोई जिले के सांडी कस्बे में लोगों के रुपये और गिरवी रखे गए आभूषण लेकर फरार हुए सराफा कारोबारी और उसके पुत्र को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस ने दोनों आरोपियों के कब्जे से नगदी के साथ बड़ी मात्रा में सोने-चांदी के आभूषण भी बरामद किए हैं। गिरफ्तारी के बाद पीड़ितों में राहत की उम्मीद जगी है।पुलिस के अनुसार बीते दिनों सांडी थाना क्षेत्र में सराफा कारोबार से जुड़े धोखाधड़ी के कई मामले सामने आए थे।
सबसे पहले एक व्यापारी ने शिकायत दर्ज कराई थी कि कारोबारी विपिन गुप्ता उधार लिए गए रुपये वापस करने के बजाय दुकान बंद कर परिवार सहित फरार हो गया। इसके बाद अन्य लोगों ने भी पुलिस से संपर्क कर अपने साथ हुई धोखाधड़ी की जानकारी दी।जांच के दौरान सामने आया कि कई ग्रामीणों और व्यापारियों ने विपिन गुप्ता और उसके परिवार पर भरोसा कर अपनी जमा पूंजी तथा सोने-चांदी के आभूषण गिरवी रखे थे। वहीं कुछ सराफा व्यापारियों ने बिक्री के लिए आभूषण भी दिए थे। आरोप है कि भुगतान मांगने पर टालमटोल की गई और बाद में दुकान बंद कर सभी लोग गायब हो गए।
गिरफ्तार आरोपियों के पास से एक लाख छह हजार पांच सौ रुपये नगद बरामद
मामले की गंभीरता को देखते हुए सांडी पुलिस ने अलग-अलग मुकदमे दर्ज कर आरोपियों की तलाश शुरू की।लगातार की गई छानबीन और मुखबिर की सूचना पर पुलिस टीम ने विपिन गुप्ता और उसके पुत्र प्रिंस गुप्ता को गिरफ्तार कर लिया।पुलिस के मुताबिक गिरफ्तार आरोपियों के पास से एक लाख छह हजार पांच सौ रुपये नगद बरामद किए गए हैं।इसके अलावा सोने और चांदी के कई आभूषण भी बरामद हुए हैं, जिनमें हार, मंगलसूत्र, झुमकी, बाला, अंगूठी, चेन, नथ, मांगटीका, पायल, करधनी और अन्य जेवर शामिल हैं। बरामद सामान के संबंध में पुलिस सत्यापन की प्रक्रिया पूरी कर रही है ताकि वास्तविक मालिकों की पहचान कर उन्हें उनका सामान वापस दिलाया जा सके।
इस कार्रवाई को सांडी पुलिस की बड़ी सफलता माना जा रहा है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले में आवश्यक कानूनी कार्रवाई की जा रही है और यह भी जांच की जा रही है कि धोखाधड़ी का दायरा कितना बड़ा है तथा इसमें अन्य किसी व्यक्ति की भूमिका तो नहीं है। गिरफ्तारी करने वाली टीम में थाना सांडी के प्रभारी निरीक्षक सहित कई उपनिरीक्षक, हेड कांस्टेबल और कांस्टेबल शामिल रहे, जिन्होंने संयुक्त रूप से कार्रवाई को अंजाम दिया।


