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Hardoi News:इंस्ट्रक्टर एजुकेटर भर्ती में चयन का झांसा देकर वसूली की कोशिश, बीएसए ने जारी की चेतावनी
Hardoi News: हरदोई में इंस्ट्रक्टर एजुकेटर भर्ती के अभ्यर्थियों से चयन का झांसा देकर रुपये वसूलने की कोशिश का मामला सामने आया है। बीएसए ने चेतावनी जारी कर कहा है कि भर्ती प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी है और चयन के लिए किसी भी प्रकार की धनराशि नहीं ली जाती।
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Hardoi News: हरदोई जनपद में चल रही इंस्ट्रक्टर एजुकेटर भर्ती प्रक्रिया के बीच अभ्यर्थियों को ठगी का शिकार बनाने की कोशिश का मामला सामने आया है। भर्ती में सफलता दिलाने के नाम पर कुछ शातिर लोग उम्मीदवारों से रुपये मांग रहे हैं। शिकायतें मिलने के बाद बेसिक शिक्षा विभाग ने अभ्यर्थियों को सतर्क रहने की सलाह देते हुए स्पष्ट किया है कि भर्ती प्रक्रिया पूरी तरह निष्पक्ष और पारदर्शी ढंग से संचालित की जा रही है।जानकारी के अनुसार, इंस्ट्रक्टर एजुकेटर के 210 रिक्त पदों के लिए हाल ही में लिखित परीक्षा आयोजित कराई गई थी।
परीक्षा में सैकड़ों अभ्यर्थियों ने भाग लिया था। परीक्षा समाप्त होने के बाद कुछ अभ्यर्थियों को अज्ञात मोबाइल नंबरों से कॉल आने लगीं। फोन करने वाले लोग खुद को प्रभावशाली व्यक्ति बताकर चयन सुनिश्चित कराने का दावा कर रहे हैं।अभ्यर्थियों ने बताया कि कॉल करने वाले पहले भरोसा जीतने की कोशिश करते हैं और फिर एक क्यूआर कोड भेजकर उसमें 20 हजार रुपये जमा करने के लिए कहते हैं। इतना ही नहीं, भुगतान करने के बाद उसका स्क्रीनशॉट भी मांगा जा रहा है। इस तरह की गतिविधियों की जानकारी जब शिक्षा विभाग तक पहुंची तो अधिकारियों ने तुरंत मामले को गंभीरता से लिया।
विभाग का कोई भी अधिकारी या कर्मचारी चयन के बदले पैसे नहीं मांगता
बेसिक शिक्षा अधिकारी कार्यालय की ओर से जारी सूचना में कहा गया है कि भर्ती प्रक्रिया में किसी भी स्तर पर धनराशि लेने या देने का कोई प्रावधान नहीं है। विभाग का कोई भी अधिकारी या कर्मचारी चयन के बदले पैसे नहीं मांगता। ऐसे में यदि किसी अभ्यर्थी को इस प्रकार का फोन कॉल, संदेश या ऑनलाइन भुगतान का आग्रह प्राप्त होता है तो उसे पूरी तरह फर्जी माना जाए।विभाग ने अभ्यर्थियों से अपील की है कि वे किसी भी लालच या दबाव में आकर रुपये न भेजें। साथ ही ऐसे कॉल या संदेश मिलने पर तत्काल इसकी जानकारी संबंधित अधिकारियों को दें। अधिकारियों के अनुसार संदिग्ध मोबाइल नंबरों की सूचना साइबर सेल को उपलब्ध करा दी गई है और तकनीकी जांच शुरू कर दी गई है। प्रशासन का कहना है कि दोषियों की पहचान होने पर उनके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। भर्ती से संबंधित सभी आधिकारिक सूचनाएं केवल विभागीय माध्यमों से ही जारी की जाएंगी।


