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Hardoi News: बीएसए कार्यालय से 61 शिक्षकों की चयन पत्रावलियां लापता, वरिष्ठ सहायक पर मुकदमा दर्ज
Hardoi News: हरदोई में बीएसए कार्यालय से 61 शिक्षकों की चयन संबंधी महत्वपूर्ण पत्रावलियां लापता होने का मामला सामने आया है। मामले की जांच के दौरान वरिष्ठ सहायक के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है। प्रशासन ने दस्तावेजों की खोज और पूरे प्रकरण की गहन जांच शुरू कर दी है।
Hardoi News(Photo-Social Media)
Hardoi News: हरदोई के बेसिक शिक्षा विभाग में महत्वपूर्ण अभिलेखों के गायब होने का मामला सामने आने के बाद प्रशासनिक हलकों में हड़कंप मच गया है। 61 चयनित शिक्षकों से संबंधित मूल पत्रावलियों के लापता होने के आरोप में बीएसए कार्यालय में तैनात वरिष्ठ सहायक अनुपम मिश्र के विरुद्ध कोतवाली शहर में मुकदमा दर्ज किया गया है। यह कार्रवाई प्रधान सहायक शिवनिवास मिश्र द्वारा दी गई शिकायत के आधार पर की गई।पुलिस के अनुसार मामला भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 198 के तहत दर्ज किया गया है। शिकायत में कहा गया है कि सुप्रीम कोर्ट के आदेश के अनुपालन में जिले के लिए 64 अभ्यर्थियों की अनंतिम चयन सूची जारी हुई थी।
उन्होंने संबंधित पत्रावलियां वापस विभाग को नहीं सौंपीं
बताया गया कि 30 मार्च 2026 को जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान (डायट) हरदोई में विज्ञान और गणित विषय के चयनित शिक्षकों की काउंसलिंग, विद्यालय आवंटन तथा नियुक्ति संबंधी प्रक्रिया संपन्न हुई थी। इस प्रक्रिया से जुड़ी मूल पत्रावलियां पटल सहायक शिवनिवास मिश्र के पास सुरक्षित थीं। बाद में विभागीय निर्देश पर ये अभिलेख वरिष्ठ सहायक अनुपम मिश्र को उपलब्ध करा दिए गए।इसी बीच मई 2026 में प्रशासनिक आदेश के तहत अनुपम मिश्र को जनगणना कार्यालय से संबद्ध कर दिया गया। आरोप है कि नई तैनाती पर जाने से पहले उन्होंने संबंधित पत्रावलियां वापस विभाग को नहीं सौंपीं। शिकायतकर्ता का कहना है कि कई बार मौखिक और लिखित रूप से अभिलेख लौटाने के लिए कहा गया, लेकिन इसके बावजूद दस्तावेज विभाग को नहीं मिले।मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। अधिकारियों का मानना है कि ये अभिलेख चयन प्रक्रिया से जुड़े महत्वपूर्ण सरकारी दस्तावेज हैं, जिनका सुरक्षित रहना आवश्यक है।उधर, इस प्रकरण से पहले जिलाधिकारी के निर्देश पर गठित एक विशेष टीम ने बीएसए कार्यालय में निरीक्षण भी किया था। सिटी मजिस्ट्रेट संजय कुमार के नेतृत्व में हुई जांच के दौरान पाठ्यपुस्तकों की गुणवत्ता परखी गई थी, हालांकि उसमें कोई अनियमितता नहीं मिली। अब पुलिस और प्रशासन दोनों गायब पत्रावलियों की तलाश में जुटे हैं और पूरे मामले की गहन जांच की जा रही है।


