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Hardoi News: रेलवे स्टेशन पर सवालों के घेरे में सुरक्षा व्यवस्था, दो दशक पुराने पैनल से हो रहा ट्रेनों का संचालन
Hardoi News: हरदोई रेलवे स्टेशन पर दो दशक पुराने इंटरलॉक पैनल से ट्रेनों का संचालन, सुरक्षा व्यवस्था पर उठने लगे सवाल।
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Hardoi News: रेलवे में सुरक्षा और संरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देने के दावे लगातार किए जा रहे हैं। समय-समय पर रेल महाप्रबंधक, मंडल रेल प्रबंधक और अन्य वरिष्ठ अधिकारी विभिन्न स्टेशनों का निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का जायजा लेते हैं, लेकिन हरदोई रेलवे स्टेशन की स्थिति इन दावों पर सवाल खड़े करती नजर आ रही है। स्टेशन पर चल रहे निर्माण कार्यों में अनियमितताओं की चर्चाओं के बीच अब ट्रेनों के संचालन से जुड़ी पुरानी तकनीक भी चर्चा का विषय बनी हुई है।
जानकारी के अनुसार हरदोई रेलवे स्टेशन पर ट्रेनों के संचालन के लिए आज भी पुराने इंटरलॉक पैनल का उपयोग किया जा रहा है। स्टेशन मास्टर कक्ष में स्थापित यह पैनल करीब दो दशक से अधिक समय से कार्यरत है। रेलवे के कई स्टेशनों पर आधुनिक इलेक्ट्रॉनिक इंटरलॉकिंग प्रणाली लागू कर दी गई है, जिसके माध्यम से ट्रेनों का संचालन अधिक सुरक्षित, तेज और तकनीकी रूप से विश्वसनीय बनाया गया है। इसके बावजूद हरदोई स्टेशन अब भी पुरानी व्यवस्था के भरोसे संचालित हो रहा है।
रेल सूत्रों का कहना है कि, वर्तमान में उपयोग किया जा रहा पैनल अपनी निर्धारित सेवा अवधि से अधिक समय से काम कर रहा है। इसके बावजूद इसे बदलने अथवा आधुनिक प्रणाली स्थापित करने की दिशा में कोई ठोस पहल दिखाई नहीं दे रही है। विशेषज्ञों का मानना है कि रेलवे परिचालन से जुड़े उपकरणों का समय पर नवीनीकरण सुरक्षा की दृष्टि से बेहद आवश्यक होता है।दिलचस्प बात यह है कि मंडल के अन्य स्टेशनों, जैसे संडीला और बालामऊ, में इलेक्ट्रॉनिक इंटरलॉकिंग प्रणाली के माध्यम से ट्रेनों का संचालन किया जा रहा है। वहां आधुनिक तकनीक अपनाकर सुरक्षा मानकों को मजबूत किया गया है, जबकि हरदोई जैसे महत्वपूर्ण स्टेशन को अभी तक इस सुविधा का लाभ नहीं मिल सका है।
वहीं स्थानीय लोगों और रेल यात्रियों का कहना है कि जब तक किसी बड़ी घटना या तकनीकी खराबी की स्थिति उत्पन्न नहीं होती, तब तक संबंधित अधिकारियों का ध्यान इस ओर नहीं जाता। ऐसे में सवाल उठता है कि सुरक्षा और संरक्षा के नाम पर होने वाले निरीक्षणों में आखिर इस महत्वपूर्ण मुद्दे को प्राथमिकता क्यों नहीं दी जा रही है। अब देखना होगा कि रेलवे प्रशासन हरदोई स्टेशन की इस पुरानी व्यवस्था को कब तक बदल पाता है और यात्रियों को आधुनिक एवं सुरक्षित संचालन प्रणाली उपलब्ध करा पाता है।


