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Hardoi News: गड्ढों में तब्दील शिवपुरी-सैदापुर मार्ग, बारिश में जलभराव से बढ़ी ग्रामीणों की परेशानी
Hardoi News: हरदोई के शिवपुरी-सैदापुर मार्ग की हालत खराब है। बारिश में सड़क पर जलभराव और गड्ढों से ग्रामीणों की मुश्किलें बढ़ गई हैं।
Hardoi News(Photo-Social Media)
Hardoi News: तहसील क्षेत्र में सड़क की बदहाल स्थिति ने ग्रामीणों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। गदोरा रोड स्थित शिवपुरी चौराहे से सैदापुर होते हुए लखनऊ सीमा तक जाने वाला डामर मार्ग लंबे समय से जर्जर हालत में पड़ा है। सड़क पर जगह-जगह बड़े गड्ढे हो गए हैं और बारिश के दिनों में इनमें पानी भर जाने से राहगीरों और वाहन चालकों को आवागमन में भारी परेशानी उठानी पड़ रही है।
शिवपुरी चौराहा रहिमाबाद के रास्ते लखनऊ से जुड़ता है। ऐसे में यह मार्ग स्थानीय लोगों के लिए काफी महत्वपूर्ण माना जाता है। ग्रामीणों के मुताबिक शिवपुरी चौराहे से सैदापुर और लखनऊ सीमा तक जाने वाली सड़क से करीब 15 से 20 गांवों के लोगों का रोजाना आवागमन होता है। ग्रामीणों का कहना है कि सड़क खराब होने के कारण सबसे ज्यादा परेशानी दोपहिया वाहन चालकों, स्कूली बच्चों और बुजुर्गों को होती है।स्थानीय लोगों का आरोप है कि करीब ढाई वर्ष पहले सड़क की मरम्मत कराई गई थी, लेकिन निर्माण में घटिया सामग्री का इस्तेमाल किए जाने के कारण कुछ ही महीनों में सड़क दोबारा उखड़ने लगी। ग्रामीणों के मुताबिक करीब चार महीने बाद ही सड़क की हालत खराब होने लगी थी। इसके बाद से मार्ग पर जगह-जगह गड्ढे बने हुए हैं और अब स्थिति लगातार बिगड़ती जा रही है।
मिलता है तो केवल आश्वासन, नहीं बनती सड़क
ग्रामीणों का कहना है कि सड़क की समस्या को लेकर कई बार संबंधित जनप्रतिनिधियों और जिम्मेदार लोगों से शिकायत की जा चुकी है। हर बार जल्द सड़क बनवाने का आश्वासन मिलता है, लेकिन समस्या का स्थायी समाधान नहीं हो सका। बारिश होने के बाद स्थिति और खराब हो जाती है। गड्ढों में पानी भर जाने से कई स्थानों पर सड़क और गड्ढे का अंतर समझ पाना मुश्किल हो जाता है।एक ओर प्रदेश सरकार लगातार सड़कों को गड्ढामुक्त करने के अभियान की बात करती है, वहीं राजधानी लखनऊ से सटे हरदोई जिले में इस प्रमुख संपर्क मार्ग की बदहाली व्यवस्था पर सवाल खड़े कर रही है। ग्रामीणों ने संबंधित विभाग से सड़क का स्थलीय निरीक्षण कराकर गुणवत्तापूर्ण तरीके से निर्माण कराने की मांग की है।ग्रामीणों का कहना है कि सड़क की मरम्मत केवल औपचारिकता के तौर पर न कराई जाए, बल्कि ऐसी व्यवस्था हो कि लंबे समय तक लोगों को राहत मिल सके। अब देखना होगा कि जिम्मेदार विभाग इस जर्जर मार्ग की सुध कब लेता है।


