TRENDING TAGS :
Hardoi News: सड़क खाली रखेंगे, बस ठेला लगाने दें’—सब्जी विक्रेताओं की पालिका से गुहार
Hardoi News: सब्जी विक्रेताओं ने पालिका से ठेला लगाने की अनुमति देने की गुहार लगाई। विक्रेताओं ने सड़क खाली रखने का भरोसा दिया।
Hardoi News(Photo-Social Media)
Hardoi News: हरदोई शहर के कैनाल रोड पर अतिक्रमण हटाए जाने के बाद सब्जी विक्रेताओं के सामने रोजी-रोटी का संकट खड़ा हो गया है। दो दिन पहले नगर पालिका की ओर से सड़क किनारे लगे ठेले और फड़ हटवाए जाने के बाद शुक्रवार को कई सब्जी विक्रेताओं ने नगर पालिका प्रशासन से अपनी समस्या बताई। उन्होंने मांग की कि उन्हें कैनाल रोड पर ही सड़क से पीछे निर्धारित स्थान पर सब्जी बेचने की अनुमति दी जाए। विक्रेताओं ने भरोसा दिलाया कि उनके ठेले यातायात में बाधा नहीं बनेंगे।विक्रेताओं का कहना है कि लंबे समय से वे इसी स्थान पर सब्जी बेचकर अपने परिवार का भरण-पोषण कर रहे हैं।
अचानक ठेले हट जाने से उनकी रोजाना की आमदनी प्रभावित हो गई है। उनका कहना है कि वे प्रशासन की परेशानी को समझते हैं और सड़क पर जाम लगाने के पक्ष में नहीं हैं। यदि उन्हें सड़क से पर्याप्त दूरी पर जगह उपलब्ध करा दी जाए तो वे उसी स्थान पर ठेले लगाएंगे और आने-जाने के लिए रास्ता खाली रखेंगे।
नगर पालिका की कार्रवाई के पीछे कैनाल रोड पर लगने वाला जाम मुख्य वजह बताया गया था। सड़क के दोनों ओर ठेले और फड़ लगने से रास्ता संकरा हो जाता था। इससे सुबह और शाम के समय स्थिति ज्यादा बिगड़ जाती थी। राहगीरों और वाहन चालकों को भी काफी परेशानी का सामना करना पड़ता था। इसी को देखते हुए नगर पालिका ने अभियान चलाकर सड़क किनारे से अतिक्रमण हटाया था।हालांकि स्थानीय लोगों का एक वर्ग नगर पालिका की कार्रवाई को जरूरी बता रहा है। उनका कहना है कि कैनाल रोड पर सब्जी की दुकानें लगने से कई बार सड़क पर पैदल निकलना भी मुश्किल हो जाता था।
जिन घरों के सामने ठेले खड़े होते थे, वहां रहने वाले लोगों को वाहन निकालने और घर से बाहर आने-जाने में परेशानी होती थी। लोगों की मांग है कि अतिक्रमण दोबारा न होने दिया जाए और यातायात व्यवस्था को प्राथमिकता दी जाए।अब सब्जी विक्रेताओं की मांग के बाद नगर पालिका प्रशासन के सामने चुनौती यह है कि उनकी आजीविका भी प्रभावित न हो और कैनाल रोड पर यातायात व्यवस्था भी सुचारु बनी रहे। यदि प्रशासन सड़क से पीछे कोई निर्धारित स्थान उपलब्ध कराता है तो दोनों पक्षों के हितों के बीच संतुलन बनाया जा सकता है। फिलहाल विक्रेताओं को नगर पालिका के निर्णय का इंतजार है।


