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Hardoi News: इमली रोड को मिलेगी पुरानी पहचान, रेलवेगंज से साण्डी चुंगी तक लगाए गए 102 इमली के पौधे
Hardoi News: हरदोई में रेलवेगंज से साण्डी चुंगी तक 102 इमली के पौधे लगाए गए। प्रशासन ने ऐतिहासिक इमली रोड की पहचान लौटाने और हरियाली बढ़ाने के लिए अभियान शुरू किया।
इमली रोड को मिलेगी पुरानी पहचान, रेलवेगंज से साण्डी चुंगी तक लगाए गए 102 इमली के पौधे (Photo- Newstrack)
Hardoi News: हरदोई। शहर की पहचान रहे ऐतिहासिक इमली रोड को एक बार फिर उसकी पुरानी पहचान दिलाने की पहल शुरू हो गई है। जिलाधिकारी के निर्देश पर रेलवेगंज से साण्डी चुंगी तक के मार्ग पर इमली के 102 पौधे रोपे गए हैं। इस अभियान का उद्देश्य न केवल हरित वातावरण को बढ़ावा देना है, बल्कि वर्षों पहले इस मार्ग से जुड़ी ऐतिहासिक पहचान को भी पुनर्जीवित करना है।एक समय था जब रेलवेगंज से साण्डी चुंगी तक का यह मार्ग दोनों ओर लगे इमली के विशाल पेड़ों के कारण पूरे शहर में "इमली रोड" के नाम से प्रसिद्ध था। समय के साथ पेड़ों के सूख जाने, प्राकृतिक आपदाओं और अन्य कारणों से अधिकांश वृक्ष समाप्त हो गए। हालांकि पेड़ नहीं रहे, लेकिन शहरवासियों की जुबान पर आज भी इस मार्ग का नाम इमली रोड ही है। वर्तमान में इसे सरकुलर रोड के नाम से भी जाना जाता है।
रेलवेगंज से साण्डी चुंगी तक दोनों ओर उपलब्ध स्थानों पर लगाए गए
जिलाधिकारी ने इस ऐतिहासिक पहचान को कायम रखने के उद्देश्य से सामाजिक वानिकी वन एवं वन्यजीव प्रभाग को मार्ग के किनारे इमली के पौधे लगाने के निर्देश दिए। निर्देशों के अनुपालन में वर्षाकाल 2026 के दौरान करीब 5 से 6 फीट ऊंचाई वाले 102 स्वस्थ इमली के पौधे रेलवेगंज से साण्डी चुंगी तक दोनों ओर उपलब्ध स्थानों पर लगाए गए।पौधों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए प्रत्येक पौधे के चारों ओर आयरन गार्ड लगाए गए हैं। साथ ही उनकी नियमित सिंचाई, देखभाल और संरक्षण के लिए कर्मचारियों की भी तैनाती की गई है, ताकि पौधे सुरक्षित रूप से विकसित हो सकें और भविष्य में फिर से इस मार्ग की पहचान बन सकें।
प्रशासन ने शहरवासियों से भी इस अभियान में सहभागिता की अपील की है। लोगों से अनुरोध किया गया है कि वे इन पौधों को अपनी जिम्मेदारी समझते हुए उनकी सुरक्षा और संरक्षण में सहयोग करें। यदि सभी नागरिक इस पहल में भागीदारी निभाते हैं तो आने वाले वर्षों में यह मार्ग एक बार फिर इमली के घने पेड़ों से आच्छादित होगा और अपनी ऐतिहासिक पहचान के साथ शहर की सुंदरता को भी नई ऊंचाई देगा।


