Hardoi News: रेल वन ऐप के प्रचार के बीच यात्रियों पर बढ़ रहा अतिरिक्त शुल्क का बोझ

Hardoi News: रेल वन ऐप के प्रचार के बीच ऑनलाइन टिकट बुकिंग पर लग रही अतिरिक्त फीस से रेल यात्रियों में बढ़ रही नाराजगी।

Pulkit Sharma
Published on: 11 May 2026 7:42 PM IST
Hardoi News: रेल वन ऐप के प्रचार के बीच यात्रियों पर बढ़ रहा अतिरिक्त शुल्क का बोझ
X

Indian Railways RailOne App 

Hardoi News : भारतीय रेलवे इन दिनों देशभर में “रेल वन” ऐप के प्रचार-प्रसार में जुटी हुई है। रेलवे कर्मचारी स्टेशनों और ट्रेनों में यात्रियों को इस ऐप के फायदे बता रहे हैं। यात्रियों को यह भी बताया जा रहा है कि ऐप के जरिए टिकट बुक करने पर आकर्षक कैशबैक की सुविधा मिल रही है। लेकिन दूसरी ओर ऑनलाइन टिकट बुकिंग के दौरान लगने वाले अतिरिक्त शुल्क को लेकर रेल यात्रियों में नाराजगी भी देखने को मिल रही है।

दरअसल, ऑनलाइन टिकट बुकिंग के समय आईआरसीटीसी द्वारा कन्वीनियंस फीस वसूली जाती है। यह शुल्क टिकट की श्रेणी और भुगतान के माध्यम के अनुसार अलग-अलग तय होता है। यात्रियों का कहना है कि छोटे शहरों और मध्यमवर्गीय परिवारों के लोगों पर इसका सीधा असर पड़ रहा है।रेल यात्रियों के मुताबिक यदि कोई यात्री स्लीपर क्लास का टिकट बुक करता है और यूपीआई के माध्यम से भुगतान करता है, तो उसे लगभग 11 रुपये 80 पैसे अतिरिक्त देने पड़ते हैं।

वहीं डेबिट या क्रेडिट कार्ड से भुगतान करने पर यह शुल्क बढ़कर करीब 17 रुपये 70 पैसे तक पहुंच जाता है। इसी तरह एसी श्रेणियों में यह रकम और अधिक हो जाती है। सेकंड एसी टिकट बुक करने पर यूपीआई से भुगतान करने वाले यात्रियों को करीब 23 रुपये 60 पैसे और कार्ड से भुगतान करने पर लगभग 35 रुपये 40 पैसे अतिरिक्त देने पड़ते हैं।

यात्रियों ने यह भी कहा कि टिकट रद्द होने की स्थिति में यह शुल्क वापस नहीं होता

हरदोई के रेल यात्री मुदित शर्मा, गोपाल वर्मा, अमृत रंजन राय और श्रीपाल गुप्ता ने इस व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए कहा कि रेलवे को यात्रियों पर लगाया जा रहा यह अतिरिक्त बोझ समाप्त करना चाहिए। उनका कहना है कि ऑनलाइन टिकट बुकिंग को बढ़ावा देने के लिए सरकार और रेलवे लगातार डिजिटल सुविधाओं का प्रचार कर रहे हैं, लेकिन दूसरी ओर कन्वीनियंस फीस यात्रियों की जेब पर अतिरिक्त भार डाल रही है।यात्रियों ने यह भी कहा कि टिकट रद्द होने की स्थिति में यह शुल्क वापस नहीं किया जाता, जिससे लोगों को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ता है।

उनका मानना है कि यदि रेलवे इस शुल्क को खत्म कर दे तो अधिक से अधिक लोग ऑनलाइन टिकट बुकिंग की ओर आकर्षित होंगे और टिकट काउंटरों पर भीड़ भी कम होगी।रेल यात्रियों ने रेलवे प्रशासन से मांग की है कि डिजिटल सेवाओं को बढ़ावा देने के साथ-साथ यात्रियों के हितों का भी ध्यान रखा जाए, ताकि ऑनलाइन टिकट प्रणाली आम लोगों के लिए और अधिक सुविधाजनक बन सके।

Shalini Rai

Shalini Rai

Mail ID - raishalini910@gmail.com

Next Story