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Hardoi News: नैमिषारण्य-मिश्रिख स्टेशन विकास की मांग, रेल मंत्री से मिले सांसद
Hardoi News: नैमिषारण्य और मिश्रिख रेलवे स्टेशनों के विकास की मांग, सांसद अशोक रावत ने रेल मंत्री को सौंपा प्रस्ताव
Hardoi News (Social Media)
Hardoi News: मिश्रिख लोकसभा क्षेत्र से भाजपा सांसद अशोक रावत ने केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव से मुलाकात कर क्षेत्र के धार्मिक और पर्यटन महत्व से जुड़े मुद्दों को प्रमुखता से उठाया। इस दौरान उन्होंने नैमिषारण्य और मिश्रिख रेलवे स्टेशनों पर यात्रियों को हो रही परेशानियों से रेल मंत्री को अवगत कराया और सुविधाओं के विस्तार को लेकर एक विस्तृत मांग पत्र भी सौंपा।
सांसद ने कहा कि उनके संसदीय क्षेत्र में आने वाले नैमिषारण्य और मिश्रिख दोनों ही स्थान देशभर के श्रद्धालुओं के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण धार्मिक केंद्र हैं। बालामऊ से सीतापुर रेलखंड पर स्थित इन स्टेशनों से प्रतिवर्ष लाखों श्रद्धालु यात्रा करते हैं, लेकिन रेलवे सुविधाएं यात्रियों की संख्या के अनुरूप विकसित नहीं हो सकी हैं।उन्होंने बताया कि नैमिषारण्य में स्थित चक्रतीर्थ और माँ ललिता देवी मंदिर का विशेष धार्मिक महत्व है। प्रत्येक अमावस्या पर यहां विशाल मेला आयोजित होता है, जिसमें दूर-दराज राज्यों से श्रद्धालु पहुंचते हैं। मेले के दौरान रेलवे स्टेशन पर भारी भीड़ रहती है, लेकिन यात्रियों के लिए पर्याप्त व्यवस्थाएं उपलब्ध नहीं हैं। सांसद ने स्टेशन के सौंदर्यीकरण और यात्री सुविधाओं में वृद्धि की मांग की।
लाखों श्रद्धालु मिश्रिख पहुंचते हैं
इसके अलावा मिश्रिख को महर्षि दधीचि की तपोस्थली बताते हुए सांसद ने कहा कि यहां की धार्मिक मान्यताएं देशभर में प्रसिद्ध हैं। पौराणिक कथाओं के अनुसार दधीचि ऋषि ने देवताओं की रक्षा के लिए अपनी अस्थियों का दान दिया था। इसी आस्था से जुड़ा चौरासी कोसी होली परिक्रमा मेला हर वर्ष आयोजित होता है, जो लगभग एक महीने तक चलता है। इस दौरान लाखों श्रद्धालु मिश्रिख पहुंचते हैं।सांसद ने रेल मंत्री को बताया कि मिश्रिख रेलवे स्टेशन पर प्लेटफार्म संकरा होने के कारण यात्रियों को काफी कठिनाई होती है। स्टेशन तक पहुंचने वाले मार्ग की स्थिति भी बेहतर नहीं है। उन्होंने मांग की कि रेलवे लाइन के दोनों ओर प्लेटफार्म चौड़े किए जाएं और स्टेशन परिसर के रास्तों को मजबूत बनाया जाए ताकि श्रद्धालुओं और आम यात्रियों को सुविधा मिल सके।अब क्षेत्र के लोगों की निगाहें रेल मंत्रालय पर टिकी हैं। लोगों को उम्मीद है कि धार्मिक महत्व को देखते हुए दोनों स्टेशनों के आधुनिकीकरण और सुविधाओं के विस्तार को लेकर जल्द सकारात्मक निर्णय लिया जाएगा।


