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Hardoi News: बेअसर पड़े डीएम के आदेश, शहर में फिर दौड़ने लगीं प्राइवेट बसें, जाम से बढ़ी परेशानी
Hardoi News: डीएम के निर्देशों के बावजूद शहर के कई प्रमुख चौराहों पर फिर निजी बसों, मैजिक और पिकअप वाहनों का संचालन बढ़ा, जिससे जाम और यातायात व्यवस्था प्रभावित हुई।
बेअसर पड़े डीएम के आदेश, शहर में फिर दौड़ने लगीं प्राइवेट बसें, जाम से बढ़ी परेशानी (Photo- Newstrack)
Hardoi News: हरदोई शहर में यातायात व्यवस्था को सुचारु बनाने के लिए जिलाधिकारी अनुनय झा द्वारा करीब दो महीने पहले निजी बसों का संचालन शहर के बाहर निर्धारित बस अड्डे से कराने के निर्देश दिए गए थे। शुरुआती दिनों में प्रशासन की सख्ती का असर भी दिखाई दिया और शहर के प्रमुख चौराहों तथा व्यस्त मार्गों पर जाम की समस्या में काफी कमी आई थी। लेकिन अब हालात फिर पहले जैसे होते नजर आ रहे हैं।
शहर के नघेटा रोड, जिन्ना चौराहा सहित कई प्रमुख स्थानों पर निजी बसों ने दोबारा सड़क किनारे सवारियां भरना शुरू कर दिया है। सुबह और शाम के समय बसों की कतारें लग जाती हैं। कई बार एक तरफ नहीं बल्कि सड़क के दोनों ओर बसें खड़ी हो जाती हैं, जिससे अन्य वाहनों की आवाजाही प्रभावित होती है और लंबा जाम लग जाता है। ऐसी स्थिति में दुर्घटना की आशंका भी लगातार बनी रहती है।
चौराहों पर अवैध रूप से वाहनों के स्टैंड भी संचालित हो रहे हैं
स्थानीय लोगों का कहना है कि इन गतिविधियों से रोजाना हजारों राहगीरों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। यही नहीं, शहर के कई चौराहों पर अवैध रूप से मैजिक और पिकअप वाहनों के स्टैंड भी संचालित हो रहे हैं। इन वाहनों के चालक बीच सड़क पर सवारियां बैठाने और उतारने लगते हैं, जिससे यातायात व्यवस्था और अधिक अव्यवस्थित हो जाती है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि इन गतिविधियों से रोजाना हजारों राहगीरों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।सबसे हैरानी की बात यह है कि जिन स्थानों पर यह सब हो रहा है, वहां अक्सर ट्रैफिक पुलिस और होमगार्ड के जवान भी तैनात रहते हैं। इसके बावजूद नियमों का खुलेआम उल्लंघन जारी है। लोगों का आरोप है कि प्रशासनिक आदेशों का पालन कराने में संबंधित विभाग अपेक्षित गंभीरता नहीं दिखा रहा है।
यातायात नियमों की अनदेखी करने वालों के खिलाफ चलेगा सख्त अभियान
स्थानीय नागरिकों ने जिलाधिकारी से दोबारा प्रभावी कार्रवाई की मांग की है। उनका कहना है कि जब निजी बसों का संचालन शहर के बाहर से कराया गया था, तब जाम की समस्या काफी हद तक नियंत्रित हो गई थी और लोगों को राहत मिली थी। अब फिर से पुराने हालात लौटने लगे हैं। लोगों ने अवैध बस संचालन, अस्थायी स्टैंड और यातायात नियमों की अनदेखी करने वालों के खिलाफ सख्त अभियान चलाने तथा जिम्मेदार अधिकारियों की जवाबदेही तय करने की मांग की है, ताकि शहर की यातायात व्यवस्था दोबारा पटरी पर लौट सके।


