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Hardoi News: रेल करंट हादसे के 13 दिन बाद भी कार्रवाई नहीं, उठ रहे सवाल
Hardoi News: हरदोई में करंट हादसे में घायल रेलकर्मी अनिल पाल का इलाज जारी है। जांच पूरी होने के बावजूद कार्रवाई न होने से कर्मचारी संगठनों और परिजनों ने सवाल उठाए हैं।
रेल करंट हादसे के 13 दिन बाद भी कार्रवाई नहीं, उठ रहे सवाल (Photo- Social Media)
Hardoi News: हरदोई रेलवे क्षेत्र में 1 जुलाई 2026 को हुए करंट हादसे के बाद अब तक जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई न होने से कई सवाल खड़े हो रहे हैं। इस घटना में रेलवे कर्मचारी अनिल पाल बिना शटडाउन लिए कराए जा रहे विद्युत कार्य के दौरान करंट की चपेट में आकर गंभीर रूप से घायल हो गए थे। हादसे के बाद रेलवे कर्मचारियों के बीच नाराजगी देखी गई और नॉर्दर्न रेलवे मेंस यूनियन ने मामले में जिम्मेदार लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की थी।घटना के बाद मामला तूल पकड़ने पर मंडल स्तर के वरिष्ठ अधिकारी हरदोई पहुंचे।
उन्होंने स्थानीय रेल अधिकारियों के साथ बैठक कर घटना की जानकारी ली और संबंधित कर्मचारियों के बयान भी दर्ज किए। हालांकि, निरीक्षण और बैठक के बाद भी अब तक किसी अधिकारी या कर्मचारी के खिलाफ कार्रवाई सामने नहीं आई है।
इससे कर्मचारियों और स्थानीय लोगों के बीच यह चर्चा है कि आखिर जांच का परिणाम कब सामने आएगा।उधर, घायल अनिल पाल का उपचार लगातार अलग-अलग अस्पतालों में चल रहा है। पहले उन्हें हरदोई मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया, जहां से बेहतर इलाज के लिए लखनऊ रेफर किया गया। इसके बाद उन्हें बालामऊ स्थित रेलवे अस्पताल भेजा गया और फिर वहां से मुरादाबाद रेलवे अस्पताल स्थानांतरित कर दिया गया। लगातार अस्पताल बदलने से परिवार भी मानसिक और आर्थिक परेशानियों का सामना कर रहा है।
बिना शटडाउन के जिम्मेदार कर्मचारियों के खिलाफ अपेक्षित कार्रवाई नहीं की जा रही है
परिजनों का कहना है कि हादसे के कई दिन बाद भी अनिल पाल के हाथ में तेज दर्द बना हुआ है और वह अभी काम करने की स्थिति में नहीं हैं। उनका आरोप है कि अब तक किसी वरिष्ठ रेल अधिकारी ने न तो अस्पताल पहुंचकर उनका हाल जाना और न ही फोन पर उनकी स्थिति की जानकारी लेने का प्रयास किया। मामले को लेकर यह भी आरोप लगाए जा रहे हैं कि बिना शटडाउन के कार्य कराने वाले जिम्मेदार कर्मचारियों के खिलाफ अपेक्षित कार्रवाई नहीं की जा रही है। हालांकि, इन आरोपों की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
रेलवे प्रशासन की ओर से भी अब तक किसी कार्रवाई की सार्वजनिक जानकारी सामने नहीं आई है।ऐसे में कर्मचारी संगठनों और स्थानीय लोगों की नजर अब मंडल रेल प्रशासन की अगली कार्रवाई पर टिकी है। सभी को उम्मीद है कि जांच निष्पक्ष ढंग से पूरी होगी और यदि किसी स्तर पर लापरवाही पाई जाती है तो जिम्मेदार व्यक्तियों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।


