TRENDING TAGS :
Hardoi News: हरदोई स्टेशन पर पीआरएस काउंटर का एसी अब तक नहीं लगा
Hardoi News: सांसद जयप्रकाश रावत के निर्देश के 20 दिन बाद भी पीआरएस काउंटर पर एसी नहीं लगा, गर्मी में यात्री और कर्मचारी परेशान।
Hardoi News (Social Media) (2).jpg
Hardoi News: हरदोई रेलवे स्टेशन पर यात्रियों की सुविधाओं को बेहतर बनाने के लिए किए गए दावे फिलहाल जमीन पर अधूरे नजर आ रहे हैं। कुछ समय पहले हरदोई से भाजपा सांसद जयप्रकाश रावत ने रेलवे स्टेशन का निरीक्षण कर अधिकारियों को कई जरूरी निर्देश दिए थे। निरीक्षण के दौरान उन्होंने स्टेशन पर यात्रियों को मिलने वाली मूलभूत सुविधाओं में सुधार करने और गर्मी को देखते हुए पीआरएस काउंटर पर जल्द एसी लगाने के निर्देश दिए थे।सांसद के दौरे के बाद शुरुआत में रेलवे अधिकारियों की सक्रियता दिखाई दी। अधिकारियों ने यह भरोसा भी दिलाया था कि लगभग 15 दिनों के भीतर पीआरएस काउंटर पर एयर कंडीशनर लगा दिया जाएगा ताकि टिकट लेने आने वाले यात्रियों और कर्मचारियों को गर्मी से राहत मिल सके। मंडल स्तर के अधिकारियों की ओर से सोशल मीडिया पर भी इस संबंध में जानकारी साझा की गई थी।
छोटे स्तर के कार्य समय पर पूरे नहीं हो पा रहे हैं
अब करीब 20 दिन बीत जाने के बाद भी स्थिति जस की तस बनी हुई है। शुक्रवार तक निर्धारित समय सीमा पूरी होने के बावजूद पीआरएस काउंटर पर एसी नहीं लगाया जा सका। भीषण गर्मी के बीच टिकट काउंटर पर काम करने वाले कर्मचारी और टिकट लेने पहुंचने वाले यात्री उमस और गर्म हवाओं के बीच परेशान हो रहे हैं।स्थानीय लोगों का कहना है कि रेलवे अधिकारी केवल कागजों और सोशल मीडिया पर सक्रिय दिखाई दे रहे हैं, जबकि वास्तविक कार्यों की गति बेहद धीमी है। आरोप यह भी लगाए जा रहे हैं कि हरदोई स्तर के अधिकारी मंडल कार्यालय को सही स्थिति से अवगत नहीं करा रहे हैं, जिससे उच्च अधिकारी भी अधूरी जानकारी के आधार पर संतुष्ट नजर आ रहे हैं।यात्रियों का कहना है कि जब सांसद के स्पष्ट निर्देशों के बाद भी छोटे स्तर के कार्य समय पर पूरे नहीं हो पा रहे हैं, तो बड़े विकास कार्यों की स्थिति का अंदाजा लगाया जा सकता है। लोगों का यह भी मानना है कि ऐसी लापरवाही से रेलवे की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े हो रहे हैं और इससे केंद्र सरकार तथा रेल मंत्री की छवि भी प्रभावित हो रही है।अब देखना यह होगा कि रेलवे प्रशासन इस मामले को गंभीरता से लेते हुए यात्रियों को राहत देने के लिए कब तक ठोस कदम उठाता है।


