Hardoi News: दो मिनट रुकती है गंगा-सतलुज, ठहराव को कमर्शियल करने की उठी मांग

Hardoi News: संडीला स्टेशन पर जनवरी 2026 से गंगा सतलुज एक्सप्रेस रोजाना दो मिनट रुकती है, यात्रियों ने इस ठहराव को कमर्शियल कर सीधी यात्रा सुविधा देने की मांग उठाई।

Pulkit Sharma
Published on: 12 Sept 2026 3:27 PM IST
high demand to commercialize stagnation of Ganga-Satluj Express
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दो मिनट रुकती है गंगा-सतलुज, ठहराव को कमर्शियल करने की उठी मांग (Photo- Newstrack)

Hardoi News: संडीला रेलवे स्टेशन पर इन दिनों एक ऐसा मामला यात्रियों के बीच चर्चा का विषय बना हुआ है, जिसमें ट्रेन स्टेशन पर रुकती तो है, लेकिन यात्री उसमें सवार नहीं हो सकते। फिरोजपुर से धनबाद जाने वाली 13308 गंगा सतलुज एक्सप्रेस जनवरी 2026 से संडीला स्टेशन पर प्रतिदिन करीब दो मिनट का ऑपरेशनल ठहराव ले रही है। ट्रेन मुख्य लाइन पर रुकती है, लेकिन इस ठहराव के दौरान संडीला से न तो यात्री ट्रेन में चढ़ सकते हैं और न ही उतर सकते हैं।

यात्रियों के लिए संडीला का टिकट भी इस ट्रेन में उपलब्ध नहीं है।ट्रेन को रोजाना स्टेशन पर रुकते देखकर स्थानीय लोगों में यह सवाल उठ रहा है कि जब रेलवे ने ट्रेन को ऑपरेशनल कारणों से दो मिनट का ठहराव दे ही रखा है तो इसे यात्रियों के लिए कमर्शियल ठहराव क्यों नहीं बनाया जा रहा। लोगों का कहना है कि कमर्शियल ठहराव होने पर रेलवे को अतिरिक्त यात्री राजस्व मिलेगा और संडीला के लोगों को पंजाब, बिहार, हरदोई, लखनऊ और अन्य प्रमुख शहरों तक सीधी यात्रा की सुविधा मिल सकेगी।

संडीला के लोगों ने उठाई कमर्शियल ठहराव की मांग

जनहित जागरण समिति के अध्यक्ष शैलेश अग्निहोत्री का कहना है कि संडीला में पहले से ही ट्रेनों के विकल्प सीमित हैं। दिल्ली सहित दूसरे शहरों की यात्रा के लिए लोगों को हरदोई या लखनऊ जाना पड़ता है। इससे यात्रियों का समय और पैसा दोनों खर्च होता है। गंगा सतलुज का ठहराव मिलने से पंजाब और बिहार में काम करने वाले संडीला के श्रमिकों को भी काफी राहत मिल सकती है।नागरिक अधिकार संघर्ष मंच के अध्यक्ष मुईज सागरी ने कहा कि संडीला की पहचान देश ही नहीं, विदेशों तक है, इसके बावजूद रेल सुविधाओं के मामले में क्षेत्र उपेक्षित महसूस करता है।

उन्होंने कहा कि दिल्ली के लिए काशी विश्वनाथ एक्सप्रेस के अलावा विकल्प सीमित हैं। गंगा सतलुज का कमर्शियल ठहराव छात्रों, व्यापारियों और दैनिक यात्रियों के लिए महत्वपूर्ण साबित हो सकता है।समाजसेवी एवं हाईकोर्ट अधिवक्ता अभिषेक दीक्षित ने कहा कि उन्हें अक्सर लखनऊ जाना पड़ता है। पैसेंजर ट्रेनों के समय में देरी के कारण कई बार परेशानी होती है।

गंगा सतलुज के ठहराव से अधिवक्ताओं के साथ-साथ लखनऊ पढ़ने जाने वाले छात्रों को भी समय पर पहुंचने में सुविधा मिलेगी।स्थानीय लोगों ने सांसद अशोक रावत से मांग की है कि वह संडीला की इस मांग को रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव के सामने प्रमुखता से उठाएं। यात्रियों का कहना है कि ऑपरेशनल ठहराव को कमर्शियल ठहराव में बदलकर रेलवे जमीनी स्तर पर इसका लाभ देख सकता है। इससे संडीला के यात्रियों को सुविधा और रेलवे को अतिरिक्त राजस्व, दोनों मिल सकते हैं।

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