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Jalaun News: जालौन 174 साल पुरानी परंपरा के साथ हुआ रावण वध, जिलेभर में धूमधाम से मना दशहरा
Jalaun News: कोंच के धनुतालाब मैदान में 174 साल पुरानी मैदानी रामलीला में राम-रावण और लक्ष्मण-मेघनाद युद्ध का मंचन हुआ, जिसे देखने भारी भीड़ उमड़ी।
Jalaun News: जालौन जिले में मंगलवार को विजयदशमी का पर्व धूमधाम और उत्साह के साथ मनाया गया। जगह-जगह रामलीला मंचन के बाद रावण दहन किया गया। लोगों ने एक-दूसरे को दशहरे की शुभकामनाएं दीं। वहीं, कोंच नगर में 174 साल पुरानी परंपरा के तहत रावण और मेघनाद वध का अनूठा आयोजन हुआ, जिसे देखने के लिए बड़ी संख्या में लोग पहुंचे।
कोंच के धनुतालाब मैदान में आयोजित ऐतिहासिक मैदानी रामलीला में राम-रावण और लक्ष्मण-मेघनाद के युद्ध का सजीव मंचन किया गया। यहां रावण और मेघनाद के 45-45 फीट ऊंचे पुतलों को बड़े पहियों वाले रथों पर रखकर मैदान में दौड़ाया गया। राम और लक्ष्मण के स्वरूपों ने युद्ध के बाद उनका वध किया। पुतलों को मैदान में दौड़ाने और बार-बार गिरने के बाद दोबारा खड़ा किए जाने का दृश्य दर्शकों के आकर्षण का केंद्र रहा।
रामलीला में लक्ष्मण को शक्ति लगने और हनुमान जी के संजीवनी बूटी लाने का प्रसंग भी दिखाया गया। आयोजन में राम, लक्ष्मण, भरत, शत्रुघ्न और सीता के पात्र स्थानीय बालक निभाते हैं। मैदान में लंका, अशोक वाटिका और अयोध्या की झांकियां भी तैयार की गईं। रावण और मेघनाद के पुतले मुस्लिम कारीगर वहीद मकरानी और मुकीम अहमद ने तैयार किए।
इस आयोजन में माधौगढ़ विधायक मूलचंद्र निरंजन, जिलाधिकारी समीर, पुलिस अधीक्षक सहित कई गणमान्य लोग मौजूद रहे। कोंच की मैदानी रामलीला अपनी विशिष्ट परंपरा के लिए जानी जाती है। स्थानीय लोगों के अनुसार, यहां 174 वर्षों से इसी तरह रावण और मेघनाद वध की परंपरा निभाई जा रही है।
जिले के उरई, जालौन, कालपी, माधौगढ़ और अन्य कस्बों में भी दशहरे पर धार्मिक कार्यक्रम आयोजित किए गए। रामलीला मैदानों में लोगों की भीड़ जुटी और रावण दहन के साथ बुराई पर अच्छाई की जीत का संदेश दिया गया। पर्व को देखते हुए प्रमुख स्थानों पर सुरक्षा और व्यवस्था के इंतजाम किए गए।


