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Jhansi News: झाँसी में बालू घाटों पर अवैध खनन जारी, एनजीटी नियमों की धज्जियां, प्रशासन सख्त
Jhansi News: झाँसी के बालू घाटों पर अवैध खनन जारी है। एनजीटी नियमों की खुलेआम अनदेखी हो रही है, जबकि प्रशासन सख्त कार्रवाई की बात कह रहा है।
Jhansi News(Photo-Social Media)
Jhansi News: जनपद में अवैध खनन पर रोक लगाने के लिए जिलाधिकारी गौरांग राठी के सख्त निर्देशों के बावजूद बालू घाटों पर धड़ल्ले से अवैध खनन जारी है। करथरा, घटियारी, खरवाच, प्रतापपुरा, देवरी, मोती कटरा, मनकपुरा और खकोरा जैसे क्षेत्रों में एनजीटी के नियमों की खुलेआम अनदेखी की जा रही है। सूत्रों के अनुसार, खनन माफिया भारी मशीनों जैसे पोकलैंड और अवैध लिफ्टरों का उपयोग कर नदी की धारा को नुकसान पहुंचाते हुए बालू का अवैध खनन कर रहे हैं। इससे न केवल पर्यावरण को गंभीर क्षति हो रही है, बल्कि नदी की प्राकृतिक संरचना भी प्रभावित हो रही है।
मशीनों से नदी की कोख पर वार
अवैध खनन में लगी बड़ी-बड़ी मशीनें नदी की धारा को बदलकर मनमाने तरीके से बालू निकाल रही हैं। इससे नदी के पारिस्थितिक तंत्र पर गहरा असर पड़ रहा है। स्थानीय लोगों का कहना है कि नदी में रहने वाले जीव-जंतुओं का अस्तित्व भी खतरे में पड़ गया है। इसके अलावा ओवरलोड ट्रकों के लगातार संचालन से ग्रामीण सड़कों की हालत भी बेहद खराब हो गई है। कई जगह सड़कें टूट चुकी हैं और यातायात प्रभावित हो रहा है।
प्रशासनिक व्यवस्था और मिलीभगत के आरोप
जानकारी के अनुसार, खनिज विभाग के कुछ कर्मचारियों पर लोकेशन उपलब्ध कराने और मिलीभगत के आरोप भी लग रहे हैं। इन कथित सहयोग के कारण अवैध खनन करने वाले माफिया बिना रॉयल्टी के ओवरलोड ट्रक बेखौफ संचालित कर रहे हैं। इससे शासन को करोड़ों रुपये के राजस्व का नुकसान हो रहा है। स्थानीय स्तर पर यह चर्चा भी तेज है कि कुछ अंदरूनी सहयोग के बिना इतने बड़े पैमाने पर खनन संभव नहीं है।
एनजीटी नियमों की खुलेआम अवहेलना
राष्ट्रीय हरित अधिकरण (एनजीटी) के नियमों के अनुसार नदी किनारे और संरक्षित क्षेत्रों में मशीनों से खनन पूरी तरह प्रतिबंधित है। इसके बावजूद झाँसी में नियमों की धज्जियां उड़ाई जा रही हैं। प्रशासन की ओर से कार्रवाई की बात तो कही जा रही है, लेकिन जमीनी स्तर पर हालात लगातार बिगड़ते नजर आ रहे हैं। स्थानीय लोग अब सख्त कार्रवाई और अवैध लिफ्टरों की जब्ती की मांग कर रहे हैं।
जनता की नजर प्रशासन की कार्रवाई पर
अब देखना यह होगा कि प्रशासन इन खनन माफियाओं के खिलाफ कब सख्त कार्रवाई करता है और कब तक अवैध खनन पर पूरी तरह रोक लग पाती है। लोगों की नजर अब इस बात पर टिकी है कि क्या दोषियों पर भारी जुर्माना लगाया जाएगा और अवैध मशीनें जब्त होंगी या नहीं।


