Jhansi: साइबर फ्रॉड के खिलाफ बड़ा ऑपरेशन, 50 से अधिक हिरासत में; तीन गांवों में ड्रोन से निगरानी

Jhansi News: झांसी के कटेरा थाना क्षेत्र में साइबर फ्रॉड के खिलाफ बड़े पुलिस ऑपरेशन में 50 से अधिक लोगों को हिरासत में लिया गया। काडौर, खोरयाना और मोरयाना गांवों में घेराबंदी के दौरान ड्रोन से निगरानी की गई और करीब 100 पुलिसकर्मी तैनात रहे।

Gaurav kushwaha
Published on: 8 Aug 2026 7:07 PM IST
Jhansi: साइबर फ्रॉड के खिलाफ बड़ा ऑपरेशन, 50 से अधिक हिरासत में; तीन गांवों में ड्रोन से निगरानी
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Jhansi News: साइबर फ्रॉड के खिलाफ कटेरा थाना क्षेत्र में पुलिस ने बड़े स्तर पर ऑपरेशन चलाया। काडौर, खोरयाना और मोरयाना गांव में एक साथ घेराबंदी कर पुलिस टीमों ने कई घरों में दबिश दी। अचानक भारी पुलिस बल पहुंचने से गांवों में हड़कंप मच गया। अभियान के दौरान पुलिस ने 50 से अधिक महिला-पुरुषों को हिरासत में लिया है। सभी को पूछताछ के लिए झांसी लाया गया है।बताया गया कि अभियान में सात क्षेत्राधिकारी (सीओ) समेत करीब 100 पुलिसकर्मी शामिल रहे। दो बसों और दो पीएसी वाहनों के साथ पुलिस टीमें गांवों में पहुंचीं। पूरे ऑपरेशन के दौरान ड्रोन कैमरों से गांव और आसपास के क्षेत्र की निगरानी की गई। पुलिस टीमों ने रात में एक साथ कई स्थानों पर दबिश देकर संदिग्धों को हिरासत में लिया।

कॉल डिटेल और लोकेशन से गांवों तक पहुंची पुलिस

सूत्रों के अनुसार, पुलिस को लंबे समय से इन गांवों में साइबर ठगी से जुड़े लोगों की गतिविधियों की जानकारी मिल रही थी। संदिग्ध मोबाइल नंबरों की कॉल डिटेल और लोकेशन खंगालने के बाद पुलिस की निगाह काडौर, खोरयाना और मोरयाना गांव पर गई। इसके बाद संदिग्ध गतिविधियों की निगरानी शुरू की गई। बताया जा रहा है कि क्षेत्र मध्य प्रदेश की सीमा से सटा होने के कारण कार्रवाई की भनक लगने पर कुछ संदिग्ध मध्य प्रदेश की ओर निकल जाते थे। इससे पुलिस के सामने कार्रवाई को लेकर चुनौती बनी हुई थी। इसी को देखते हुए पुलिस ने पहले से रणनीति तैयार की और देर रात एक साथ तीनों गांवों में ऑपरेशन शुरू किया।

फर्जी पुलिस अधिकारी बनकर ठगी का संदेह

प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक, हिरासत में लिए गए कुछ लोगों पर फर्जी पुलिस अधिकारी बनकर लोगों को डराने-धमकाने और साइबर ठगी करने का संदेह है। सूत्रों के अनुसार कुछ घरों में पुलिस की वर्दी, फर्जी पहचान से जुड़ी सामग्री और कार्यालयनुमा सेटअप मिलने की भी जानकारी सामने आई है। हालांकि इन दावों की पुलिस की ओर से अभी आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है।

मोबाइल और डिजिटल साक्ष्यों की होगी जांच

पुलिस हिरासत में लिए गए लोगों से पूछताछ के साथ उनके मोबाइल फोन, कॉल डिटेल और अन्य डिजिटल साक्ष्यों की जांच कर रही है। पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि संदिग्धों के संपर्क किन-किन लोगों से थे और साइबर ठगी से जुड़े इस कथित नेटवर्क का दायरा कितना बड़ा है।पुलिस की कार्रवाई जारी रही और तीनों गांवों में पुलिस बल की मौजूदगी बनी रही। अब पुलिस की विस्तृत जांच और आधिकारिक खुलासे के बाद ही स्पष्ट होगा कि हिरासत में लिए गए लोगों की भूमिका क्या है और साइबर ठगी के नेटवर्क के तार कहां तक जुड़े हैं।

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