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Jhansi News: झांसी के 'जनता दर्शन' में DM का कड़ा रुख, ग्राम प्रधान की दबंगई पर तहसीलदार को दो टूक
Jhansi News: झांसी में जनता दर्शन के दौरान DM गौरांग राठी का सख्त रुख देखने को मिला। ग्राम प्रधान पर जमीन कब्जाने के आरोप के बाद तहसीलदार को दो टूक आदेश, विधवा महिला को दिलाया न्याय का भरोसा। जानिए पूरा मामला।
Jhansi News: झांसी की कलेक्ट्रेट आज उस वक्त चर्चा का केंद्र बन गई जब जिलाधिकारी गौरांग राठी ने 'जनता दर्शन' के दौरान आम जनता की शिकायतों पर बिजली जैसी फुर्ती दिखाई। कलेक्ट्रेट के कक्ष में लगी इस जनसुनवाई में जिले भर से आए फरियादियों ने अपनी पीड़ा रखी, लेकिन डीएम का सबसे कड़ा प्रहार भूमि विवाद और अवैध कब्जों पर रहा। जिलाधिकारी ने स्पष्ट संदेश दिया कि अब फाइलों में केवल 'औपचारिकता' पूरी करने से काम नहीं चलेगा, बल्कि अधिकारियों को मौके पर जाकर समस्या का जड़ से समाधान करना होगा। उन्होंने कहा कि प्रशासन का संकल्प हर नागरिक को न्याय दिलाना और गर्मी के इस मौसम में बिजली-पानी जैसी मूलभूत सुविधाएं सुनिश्चित करना है।
मजबूर विधवा की पुकार
जनसुनवाई के दौरान एक ऐसा मामला सामने आया जिसने सबका ध्यान खींचा। बबीना की रहने वाली श्रीमती पुष्पा, जो एक विधवा महिला हैं, ने रोते हुए डीएम को अपनी आपबीती सुनाई। पुष्पा ने आरोप लगाया कि उनकी पुश्तैनी जमीन और बाड़े पर ग्राम प्रधान अपनी ताकत और जेसीबी के दम पर कब्जा करना चाहता है। दबंगई का आलम यह है कि प्रधान ने न केवल बाड़े की बाड़ तोड़ी, बल्कि वहां लगे आम और शीशम के कीमती पेड़ों को भी गिराने की कोशिश की। पुष्पा का आरोप है कि प्रधान उनसे पैसों की मांग कर रहा है और जमीन किसी और को बेचने की धमकी दे रहा है। डीएम गौरांग राठी ने मामले की गंभीरता देखते हुए तत्काल एसडीएम सदर को निर्देशित किया कि महिला की भूमि पर एक इंच भी अवैध कब्जा नहीं होना चाहिए और दोषी पर कड़ी विधिक कार्रवाई की जाए।
टैंकरों से होगी जलापूर्ति और बिजली पर विशेष नजर
जनता दर्शन में केवल जमीन के झगड़े ही नहीं, बल्कि भीषण गर्मी से जूझ रही जनता की प्यास और बिजली की किल्लत पर भी मंथन हुआ। जिलाधिकारी ने बिजली विभाग और जल संस्थान के अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए कि जिले में कहीं भी जलापूर्ति बाधित नहीं होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि जिन इलाकों में पाइपलाइन की समस्या है, वहां तत्काल टैंकरों के माध्यम से पानी पहुंचाया जाए। डीएम ने अधिकारियों को चेताया कि लापरवाही बर्दाश्त नहीं होगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि तहसीलदारों और खंड विकास अधिकारियों को जनता के बीच जाना होगा और जहां संभव हो, दोनों पक्षों को आमने-सामने बैठाकर आपसी सुलह से विवाद निपटाने होंगे ताकि मुकदमों का बोझ कम हो सके।
मुख्यमंत्री कार्यालय से सीधी निगरानी
प्रशासनिक पारदर्शिता को लेकर डीएम ने एक बड़ी जानकारी साझा की कि अब जनसुनवाई की लाइव मॉनिटरिंग सीधे मुख्यमंत्री कार्यालय (लखनऊ) से की जा रही है। सुनवाई शुरू होने से पहले प्रदेश के सभी जनपदों के जिलाधिकारियों की मौजूदगी और उनके काम करने के तरीके को 'लाइव' देखा गया। इस आधुनिक मॉनिटरिंग सिस्टम का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि आम आदमी की आवाज बिना किसी रुकावट के शासन तक पहुंचे। इस दौरान एडीएम प्रशासन शिव प्रताप शुक्ल और एडीएम न्याय अरुण कुमार गौड़ सहित तमाम आला अधिकारी मौजूद रहे। झांसी प्रशासन के इस सख्त और मानवीय रुख ने आम जनता के बीच एक नया विश्वास जगाया है।


