TRENDING TAGS :
Jhansi News: हेल्थ सुपरवाइजर ने डॉक्टरों पर लगाया उत्पीड़न और वेतन रोकने का आरोप, जांच की मांग
Jhansi News: जिलाधिकारी और मुख्य चिकित्सा अधिकारी को एक शिकायती पत्र भेजकर व्यक्तिगत रंजिश के चलते उत्पीड़न, वेतन रोकने और धमकी देने का आरोप लगाते हुए कार्रवाई की मांग की है।
हेल्थ सुपरवाइजर ने डॉक्टरों पर लगाया उत्पीड़न और वेतन रोकने का आरोप (photo: social media )
Jhansi News: जनपद झांसी के बबीना ब्लॉक के खैलार अधीन सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में तैनात हेल्थ सुपरवाइजर श्रीमती राजदुलारी ने केंद्र में कार्यरत दो डॉक्टरों पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने मुख्यमंत्री, जिलाधिकारी और मुख्य चिकित्सा अधिकारी को एक शिकायती पत्र भेजकर व्यक्तिगत रंजिश के चलते उत्पीड़न, वेतन रोकने और धमकी देने का आरोप लगाते हुए कार्रवाई की मांग की है।
श्रीमती राजदुलारी ने अपने शिकायती पत्र में बताया है कि वह खैलार अधीन सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में ही क्वार्टर में रहकर नियमानुसार अपनी स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान कर रही हैं। उसी केंद्र में एक महिला डॉक्टर सहित दो डॉक्टर तैनात हैं, जिन पर राजदुलारी ने उनसे व्यक्तिगत रंजिश रखने का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि ये दोनों डॉक्टर उन्हें शारीरिक और मानसिक रूप से प्रताड़ित कर रहे हैं और अनावश्यक दबाव बनाते हैं। आरोप है कि बिना किसी ठोस कारण के उनका वेतन रोक दिया गया है, जबकि वह कभी अनुपस्थित नहीं रहीं और अपनी ड्यूटी नियमानुसार करती रही हैं। राजदुलारी का कहना है कि यह कार्रवाई उन्हें परेशान करने और शायद अनुचित साधन उपलब्ध न कराने की वजह से की गई है।
शिकायती पत्र में यह भी कहा गया है कि वेतन न मिलने से उन्हें खाने-पीने और अन्य आवश्यक जरूरतों के लिए काफी परेशानी हो रही है। जब उन्होंने डॉक्टरों से वेतन रोकने के बारे में पूछा, तो उन्होंने कथित तौर पर कहा, "हमने वेतन रोका है, तुम्हें जहां शिकायत करनी है कर दो, हमारा कुछ नहीं बिगड़ेगा क्योंकि शासन स्तर तक हमारी पहचान है।" इसके बाद उन्हें बेइज्जत करके भगा दिया गया। राजदुलारी ने बताया कि उन्होंने इस मामले की सूचना 4 जुलाई को मुख्य चिकित्सा अधिकारी को भी दी थी, लेकिन अभी तक न तो उनका वेतन मिला है और न ही उन डॉक्टरों के खिलाफ कोई कार्रवाई हुई है। उन्होंने शिकायती पत्र के माध्यम से दोनों डॉक्टरों के खिलाफ कार्रवाई, अपना रोका गया वेतन दिलाने और अपनी सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की है।
डब्ल्यूएचओ में संविदा पर तैनात महिला का सरकारी आवास पर कब्जा:
इसी स्वास्थ्य केंद्र से जुड़ी एक और अनियमितता सामने आई है। खैलार स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में बने सरकारी आवासों में से दो पर डब्ल्यूएचओ (WHO) में संविदा पर तैनात एक महिला कई महीनों से अवैध रूप से कब्जा किए हुए है। आरोप है कि स्वास्थ्य केंद्र में तैनात सुपरवाइजर को इसकी पूरी जानकारी है, लेकिन उस महिला के साथ उसकी कथित सांठगांठ के चलते कोई कार्रवाई नहीं की जा रही है।
स्थानांतरण के बाद भी रिलीव नहीं हो रहे डॉक्टर:
एक अन्य संबंधित मुद्दे में, आईएएस मानवेंद्र सिंह द्वारा 15 जून 2025 को जारी की गई चिकित्सकों की तबादला सूची के बावजूद कुछ डॉक्टर अभी भी अपनी सीट पर बने हुए हैं। इस सूची में झांसी से डॉ. मीनाक्षी वर्धन का फतेहपुर, डॉ. विवेक कुमार सोनी का हमीरपुर और डॉ. प्रतिभा का हरदोई तबादला किया गया था। जानकारी के अनुसार, एक चिकित्सक को छोड़कर बाकी सभी चिकित्सक रिलीव हो चुके हैं, लेकिन झांसी से स्थानांतरित हुए ये डॉक्टर एक माह बीत जाने के बाद भी अपनी सीट पर कब्जा जमाए हुए हैं और रिलीव नहीं हो रहे हैं, जिससे प्रशासनिक व्यवस्था पर सवाल खड़े हो रहे हैं।


